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Monday, August 29, 2016

लखनऊ : शहर के दो शिक्षकों को राष्ट्रपति पुरस्कार, मिलेंगे 50 हजार रुपये और दो साल का सेवा विस्तार

लखनऊ : शहर के दो शिक्षकों को राष्ट्रपति पुरस्कार, मिलेंगे 50 हजार रुपये और दो साल का सेवा विस्तार। 

लखनऊ: दिल्ली के विज्ञान भवन में शिक्षक दिवस के मौके पर यूपी के 30 शिक्षकों को राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इसमें राजधानी के के पूर्व माध्यमिक विद्यालय रायपुर चिनहट के हेडमास्टर फजील अहमद खान, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सरोसा-भरोसा की शिक्षिका वंदना तिवारी का नाम शामिल है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार 2015 की सूची जारी कर दी गई। इसमें इन दोनों शिक्षकों का नाम भी शामिल है। दोनों शिक्षकों को पांच सितंबर को राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजेंगे। 


मिलेंगे 50 हजार रुपये और सेवा विस्तार 
राष्ट्रपति की ओर से चयनित सभी शिक्षकों को 50 हजार रुपये और प्रमाणपत्र के साथ मेडल दिया जाएगा। इसके अलावा प्राइमरी के शिक्षकों को दो साल का सेवा विस्तार दिया जाएगा, जबकि माध्यमिक के शिक्षकों को तीन साल का सेवा विस्तार मिलेगा। पिछले साल भी शहर के दो शिक्षकों को यह पुरस्कार दिया गया था।



स्कूल के लिए बदलवाया मदरसे का समय
माध्यमिक विद्यालय रायपुर चिनहट के हेडमास्टर फजील अहमद खान ने बताया कि जब मैं इस विद्यालय में आया था तो यहां लगभग 100 स्टूडेंट्स थे, जो नियमित स्कूल नहीं आते थे। इसके बाद कई अभियान चले, जिससे यहां बच्चों की संख्या दोगुनी हो गई। वहीं कुछ स्टूडेंट्स मदरसा जाने के कारण स्कूल नहीं आते थे। ऐसे में प्रधान से मिलकर मदरसे की पढ़ाई का समय स्कूल से अलग किया, जिससे बच्चे मदरसे और स्कूल दोनों जगह रेग्युलर हो गए।

दूसरे कार्यों में न लगे शिक्षकों की ड्यूटी
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सरोसा-भरोसा काकोरी की शिक्षिका वंदना तिवारी ने बताया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की बदहाली का प्रमुख कारण काम का बोझ है। शिक्षकों की ड्यूटी पढ़ाई के अलावा भी दूसरे कामों में लगा दी जाती है। ऐसे में स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। 

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