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Monday, October 31, 2016

सीतापुर जनपद के बिसवाँ व बेहटा ब्लॉक में प्रा०शि०संघ के निर्वाचन व अधिवेशन को देखते हुए बीएसए ने जारी किया शर्तों के साथ अवकाश, आदेश प्रति देखें

*शनिवार, 29 अक्टूबर 2016*
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*UPPSS_BEHTA*
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*💥ब्रेकिंग न्यूज़💥*
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*उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा सीतापुर* के अनुमोदनोपरान्त एवं *जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सीतापुर* द्वारा उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ इकाई बेहटा शाखा सीतापुर के *त्रिवार्षिक चुनाव अधिवेशन* में प्रतिभाग करने वाले सदस्य अद्यापक/अद्यपिकाओ हेतु विशेष अवकाश स्वीकृतोपरान्त *08 नवम्बर 2016* दिन *मंगलवार* को ब्लॉक संसाधन केंद्र बेहटा पर अधिवेशन होना सुनिश्चित हुवा है।
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*राजेंद्र कुमार सिंह*          *नित्यानन्द*
   अध्यक्ष-बेहटा               मंत्री-बेहटा

बीएसए ने सभी बीईओ से अपने-अपने क्षेत्र में न्यूनतम छात्र उपस्थिति वाले दस-दस परिषदीय विद्यालयों का विवरण और इस सम्बन्ध में कृत कार्रवाई की सूचना मांगी

महराजगंज : बीएसए ने सभी बीईओ से अपने-अपने क्षेत्र में न्यूनतम छात्र उपस्थिति वाले दस-दस परिषदीय विद्यालयों का विवरण और इस सम्बन्ध में कृत कार्रवाई की सूचना मांगी।

अब विश्वविद्यालय स्वच्छता रखने के लिए भी देंगे क्रेडिट, मानव संसाधन मंत्रालय ने कहा : संस्थान करें कँरिकुलम में बदलाव

अब विश्वविद्यालय स्वच्छता रखने के लिए भी देंगे क्रेडिट, मानव संसाधन मंत्रालय ने कहा : संस्थान करें कँरिकुलम में बदलाव

यौन उत्पीड़न में फंसे शिक्षाधिकारी की जांच टीम में शामिल हुई संयुक्त शिक्षा निदेशक, जांच में सहयोग करेंगी गायत्री


यौन उत्पीड़न में फंसे अधिकारी की जांच टीम में शामिल हुई संयुक्त शिक्षा निदेशक, जांच में सहयोग करेंगी गायत्री 

जिलाधिकारी ने 31 अक्टूबर को 'राष्ट्रीय अखण्डता दिवस' मनाए जाने के सम्बन्ध में विस्तृत कार्यक्रम जारी करते हुए दिया आवश्यक दिशानिर्देश

महराजगंज : जिलाधिकारी ने 31 अक्टूबर को 'राष्ट्रीय अखण्डता दिवस' मनाए जाने के सम्बन्ध में विस्तृत कार्यक्रम जारी करते हुए दिया आवश्यक दिशानिर्देश।

नि:शक्त बच्चों के लिए मापन शिविर तीन नवंबर से, उपस्कर या उपकरण का मापन एल्मिको के एक्सपर्ट द्वारा


•एनबीटी, बाराबंकीः सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत दिव्यांग 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए तीन व चार नवंबर को जिले मंे दो शिविर आयोजित होंगे। इनमंे नि:शक्त चिन्हित बच्चों को उनके लिए जरूरी उपस्कर एवं उपकरण के मापन का कार्य किया जाएगा। बीएसए पीएन सिंह ने बताया कि इस शिविर में उन बच्चों को आना है जो दृष्टिहीन यानि जिन्हें दोनों नेत्रों से दिखाई नहीं देता अथवा जो सुन नहीं सकते को आना है।

शिविर में ऐसे बच्चों को जरूरी उपस्कर या उपकरण का मापन एल्मिको के एक्सपर्ट करेंगे। हला शिविर तीन को सिद्धौर ब्लॉक के केसरगंज के ब्लॉक संसाधन केंद्र पर आयोजित होगा।इसमें ब्लॉक सिद्धौर, हरख,हैदरगढ़ व त्रिवेदीगंज के बच्चों शामिल होंगे।

ट्रांसफर के लिए 15 तक फार्म भरें अनुदेशक, खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में लिए जाएंगे आवेदन, आवेदन का प्रोफार्मा सभी ब्लाक संसाधन केन्द्रों पर उपलब्ध


इलाहाबाद । बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक स्कूलों में संविदा पर कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों के जिले के अंदर म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए 15 नवंबर तक खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में आवेदन लिए जाएंगे। बीएसए हरिकेश यादव ने विज्ञापन जारी कर सूचित किया है कि आवेदन का प्रोफार्मा सभी ब्लाक संसाधन केन्द्रों पर उपलब्ध है।

अध्यापक सेवा नियमावली में संशोधन के बाद बीएडधारकों को शिक्षक बनने का मौका जल्द,10 हजार शिक्षक भर्ती दिसंबर से

अध्यापक सेवा नियमावली में संशोधन के बाद बीएडधारकों को शिक्षक बनने का मौका जल्द मिलेगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग दिसम्बर में 10 हजार सहायक अध्यापक (एलटी ग्रेड) भर्ती कराने की तैयारी कर रहा है। भर्ती प्रदेश स्तर पर:इस बार प्रदेश स्तर पर भर्ती होगी। सरकारी इंटर कॉलेजों में शिक्षकों के 1954 पद रिक्त हैं वहीं राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत मिले स्कूलों में 4659 पद खाली हैं। कई पद खाली:इसके अलावा पिछले दो सालों से ज्यादा समय से चल रही पौने सात हजार शिक्षक भर्ती में भी अभी 4 हजार पद खाली हैं। लिहाजा इन सभी पदों पर अब एक साथ भर्तियां की जाएंगी। लंबी प्रक्रिया:अभी तक एलटी ग्रेड में मंडल स्तर पर विज्ञापन निकाल कर आवेदन लिए जाते रहे हैं। इस भर्ती प्रक्रिया में काफी समय लगता है क्योंकि एक आवेदक हर मंडल में आवेदन करता है और एक जगह नियुक्ति होने पर बाकी मंडलों में उसकी जगह रिक्त हो जाती है। ये प्रक्रिया काफी लम्बी हो जाती है।

दिवाली पर दीप के साथ जलते रहे दिल, पीआरडी, आशा, रसोइयों ने मांगा ₹18,000 मानदेय


दिवाली पर दीप के साथ जलते रहे दिल, पीआरडी, आशा, रसोइयों ने मांगा ₹18,000 मानदेय

मदरसा शिक्षकों का मानदेय बढ़ा, पर नही मिला बकाया, मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों को दो वर्ष से है इंतजार


मदरसा शिक्षकों का मानदेय बढ़ा, पर नही मिला बकाया, मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों को दो वर्ष से है इंतजार


2014 में विज्ञप्ति,4000 पदों पर अभी तक नही हुई नियुक्ति, नियुक्ति के लिए हाईकोर्ट पहुंचे एलटी ग्रेड टीचर

  4000 पदों पर अभी तक नही हुई नियुक्ति, नियुक्ति के लिए हाईकोर्ट पहुंचे एलटी ग्रेड टीचर, 

साइंस और मैथ की पढ़ाई को बनाएंगे और रोचक सुधरेगी गुणवत्ता, लर्निग एनहैंसमेंट कार्यक्रम के तहत होनी है व्यवस्था, शासन की ओर से जारी किए गए हैं 42.53 करोड़ रुपये


बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित और सहायता प्राप्त विद्यालयों में विज्ञान और गणित की पढ़ाई में और गुणवत्ता लाने के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। दोनों विषयों की पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए विज्ञान-गणित किट का प्रयोग किया जाएगा। लर्निग एनहैंसमेंट कार्यक्रम के तहत विज्ञान और गणित की किट खरीदी जाएगी। विज्ञान किट के लिए आठ हजार और गणित के लिए 1900 रुपए का अनुदान दिया गया है। सूबे के 52980 जूनियर हाईस्कूलों में विज्ञान किट और 746 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में गणित किट खरीदने के लिए 42.53 करोड़ रुपए जारी हुए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है वे स्कूल प्रबंध समिति, सचिव, साइंस टीचर व दो अभिभावकों की पांच सदस्यीय समिति बनाई जाए जो किट खरीदने से लेकर प्रयोग व रखरखाव के लिए जिम्मेदार होगी। समिति में एक महिला का होना जरूरी है। सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशालय से निर्देश मिलने के बाद कार्रवाई आरंभ हो गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भेज दिया गया है।
वाराणसी। बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने के लिए प्रत्येक ब्लाक के दो-दो स्कूल में प्रयोगशाला की स्थापना होगी। दो में से एक स्कूल ब्लाक संसाधन केन्द्र परिसर में या उसके आसपास होगा। इन स्कूलों में विज्ञान व गणित विषय के शिक्षक का होना जरूरी है। प्रयोगशाला में संयुक्त सूक्ष्मदर्शी, स्पाट स्पेसिमेन्स, परमानेन्ट स्लाईड,केमिकल बॉटल रखने का स्टैंड,सहायक सामग्री/लैब एसेसरीज,गणित किट, लकड़ी का बेंच, बड़ी मेज, आलमारी आदि की व्यवस्था करनी है।

मुंबई की एक कंपनी ग्रीन सोल प्रॉडक्ट के सहयोग से अक्षयपात्र संस्था ने उठाया कदम, दस हजार बच्चों को मिलेंगी मुफ्त चप्पलें

कुछ माह पहले अक्षय पात्र की ओर से शहर के एक लाख बच्चों को जूतो बांटने का काम शुरू किया गया था। लगभग 80 हजार बच्चों को जूते बांट दिए गए। सुनील मेहता ने बताया कि साइज के कुछ इश्यू के कारण बच्चों में वितरण कार्य बाधित हो रहा है। हालांकि यह दिक्कत भी दूर कर ली गई है। नवंबर में जूतों के वितरण का कार्य पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। इसके बाद चप्पलों का वितरण शुरू किया जाएगा।

जूतों के वितरण के बाद बंटेंगीं चप्पलें
अक्षय पात्र द्वारा 100 स्कूलों के बच्चों को मिलेगी सुविधा
अब बच्चों को मिलेंगी चप्पलें• एनबीटी, लखनऊ : खाने और जूतों के बाद अब अक्षय पात्र ने जिले के प्राथमिक और जूनियर स्कूलों के दस हजार बच्चों को चप्पल देने की घोषणा की है।

अक्षय पात्र के जीएम सुनील कुमार मेहता ने बताया कि स्कूलों में काफी ऐसे बच्चे हैं, जिनके पास पहनने के लिए चप्पल तक नहीं है। इसलिए हमने ऐसे सभी बच्चों को चप्पल देने का निर्णय लिया है। दीवाली के बाद चप्पलों का वितरण कार्य शुरू होगा। यह पूरी तरह से नि:शुल्क होगा और सरकार से इसका कोई भी भुगतान नहीं लिया जाएगा।

मुंबई से आएंगी चप्पलें

सुनील मेहता ने बताया कि चप्प्ल के वितरण में मुंबई की एक कंपनी ग्रीन सोल प्रॉडक्ट सहयोग कर रही है। यह कंपनी पुराने जूतों को रिसाइकल कर चप्पल बना रही है। संस्था की ओर यह चप्पलें हमें मुहैया करवाई जाएंगी। इसके बाद बच्चों में वितरण कार्य अक्षयपात्र की ओर से किया जाएगा। यह वितरण ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के बच्चों में होगा।

आश्रम पद्धति स्कूलों में CBSE पैटर्न पर पढ़ाई, एडमिशन में मिलेगा आरक्षण का लाभ, चल रही शिक्षकों की भर्ती

•60 फीसदी अनुसूचित जाति के छात्र•25 फीसदी पिछड़ी जाति के छात्र•15 फीसदी सामान्य जाति के छात्र•15 फीसदी एडमिशन शहरीय क्षेत्र के•85 फीसदी बच्चों का एडमिशन ग्रामीण क्षेत्र के

इन को मिली मान्यता

बदनौरा (बुलंदशहर), बबेरु (बांदा), मोहान रोड (लखनऊ), मोहान रोड बालिका स्कूल (लखनऊ), सलोन (रायबरेली), कोझाभवर (झांसी), सकरौरा (गोंडा), पैढ़त (फिरोजाबाद), छठिया (हरदोई) और कुरुमुरा (सोनभद्र) जिले में स्थित राजकीय पद्धति आश्रम स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड की मान्यता मिल गई है।
चल रही शिक्षकों की भर्ती

राजकीय आश्रम पद्धति स्कूलों में शिक्षकों के पद 15 से बढ़ाकर 20 करने पर काम चल रहा है। जीव विज्ञान, गणित और कला वर्ग में 210 पदों पर शिक्षकों की भर्ती चल रही है। जल्द ही इन सभी पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करा ली जाएगी। दावा है कि अब तक करीब 60 फीसदी शिक्षकों की भर्ती हो चुकी है।

प्रदेश में चल रहे 76 आश्रम पद्धति स्कूल

समाज कल्याण विभाग से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा समय में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कुल 76 राजकीय आश्रम पद्धति स्कूलों का संचालन हो रहा है। स्कूल की प्रत्येक शाखा में कक्षा 6 से 12 तक कुल 480 छात्र-छात्राओं का प्रवेश लिया जाता है। प्रत्येक स्कूल में अभी मौजूदा 15 शिक्षकों का स्टाफ है। स्कूल में ही छात्रावास की सुविधा दी गई है।

•14 स्कूलों को मिली सीबीएसई बोर्ड की मान्यता, लखनऊ के दो स्कूल भी शामिल

•योगेन्द्र अवस्थी, लखनऊ

राजधानी समेत प्रदेश के करीब 21 राजकीय आश्रम पद्धति स्कूलों में अगले सत्र से सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई होगी। हाल ही में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित 14 स्कूलों को सीबीएसई की मान्यता मिल गई। निदेशक समाज कल्याण विभाग सुरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि कक्षा 6,7 और 8 में इसी साल से सीबीएसई सिलेबस के तहत पढ़ाई शुरू करवा दी गई थी। अगले सत्र से कक्षा 9,10,11 और 12 में भी सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई होगी। इसके लिए खाली पदों पर शिक्षकों की भर्ती समेत तमाम तरह के फैसले लिये जा चुके हैं। लैब से लेकर छात्रावासों और अन्य सारी सुविधाएं जल्द से जल्द पूरी करवा दी जाएंगी।

नए सिरे से वोटर बनाने में शिक्षक नेताओं को करनी होगी मशक्कत, निर्वाचन की बढ़ी तारीख- 30 दिसंबर को जारी होगी वोटरों की सूची

इलाहाबाद-झांसी खंड शिक्षक निर्वाचन की तारीख क्या बढ़ी, नेताओं के सामने मुसीबत ही आ गई है। महीनों तक मशक्कत करके उन्होंने जो वोटर बनाए थे, उसकी सूची निरस्त होने से सारी तैयारी नए सिरे से शुरू करनी पड़ रही है। इसके चलते नेताओं को स्कूलों की दौड़ लगाकर शिक्षकों से सदस्य बनने की मान-मनौव्वल करनी पड़ रही है। मौके की नजाकत को भांपकर शिक्षक भी उन्हें अपनी अहमियत का एहसास कराने से नहीं चूक रहे।

इलाहाबाद-झांसी खंड शिक्षक चुनाव पहले अक्टूबर के अंत या नवंबर के प्रथम पखवारे में होना था। इसको लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट, चेतनारायण गुट, ठकुराई गुट सहित वित्तविहीन शिक्षक संगठनों ने जोर-शोर से तैयारी की। शिक्षक सम्मेलन कराने के साथ हजारों शिक्षकों को वोटर बनाया। इधर किसी ने चुनाव आयोग से शिकायत कर दी कि वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी है। शिक्षक के साथ तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी वोटर बनाए गए हैं। यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। कोर्ट के आदेश पर चुनाव आयोग ने पहले की वोटर लिस्ट निरस्त तो कर ही दी, साथ ही नए सिरे से वोटर बनाने का आदेश दे दिया। यह आदेश उत्तर प्रदेश के साथ महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित कई प्रदेशों में लागू है। यूपी में वोटर की अंतिम सूची 30 दिसंबर को जारी होगी, जिसके बाद चुनाव होगा। यही कवायद नेताओं की परेशानी का सबब बन चुकी है।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के प्रांतीय सदस्य डॉ. शैलेश पांडेय का कहना है कि नए सिरे से सारी कवायद करने से थोड़ी दिक्कत आ रही है लेकिन हम परेशान नहीं हैं। कहा कि सुरेश त्रिपाठी के लिए हर शिक्षक स्वयं काम कर रहे हैं, जिससे हमारा काम आसान हो गया है। ठकुराई गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष मुहर्रम अली कहते हैं कि चुनाव आगे खिसकने से सबको दिक्कत हुई है, लेकिन हम हताश व निराश नहीं हैं। चेतनारायण गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष रामसेवक त्रिपाठी का कहना है कि नए वोटर बनाने में हम सबसे आगे हैं। वहीं वित्तविहीन शिक्षक नेता विद्याधर द्विवेदी कहते हैं हम पहले भी आगे थे और आज भी हैं। समय बढ़ने से हमें और काम करने का मौका मिल गया

बीएलओ ड्यूटी में लापरवाही पड़ी भारी, 14 प्रेरकों की होगी बर्खास्तगी, दो माह का आया प्रेरक मानदेय

बीएलओ ड्यूटी में लापरवाही पर राजेपुर विकास खंड के 14 प्रेरकों की सेवा समाप्ति के आदेश दिए गए हैं। उधर साक्षर भारत मिशन में कार्यरत प्रेरकों को दो माह का मानदेय भुगतान करने के लिए 40 लाख रुपये का बजट आया है।

बकाया मानदेय भुगतान के लिए आंदोलन कर रहे साक्षर भारत मिशन के 14 प्रेरकों पर कार्रवाई की गाज गिरी है। उपजिलाधिकारी अमृतपुर ने जिला लोक शिक्षा समिति के सचिव बेसिक शिक्षा अधिकारी को 14 प्रेरकों की सेवा समाप्ति के लिए पत्र लिखा है। यह सभी प्रेरक बूथों पर अनुपस्थित पाए गए थे। प्रेरकों को नवंबर 2014 से मानदेय नहीं मिला। दो हजार रुपये माह के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। प्रत्येक ग्राम पंचायत लोक शिक्षा केंद्र पर कम से कम एक महिला प्रेरक सहित दो प्रेरक कार्यरत हैं। नवंबर व दिसंबर 2014 के मानदेय भुगतान को ग्रांट आ गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि भुगतान के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू करा दी गई है। ब्लाक साक्षरता समन्वयकों को छह हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। इनके लिए सितंबर व अक्टूबर 2014 के बकाया मानदेय को बजट आया है। जिला समन्वयक के चार में एक पद खाली चल रहा है। इन्हें भी छह हजार रुपये मानदेय दिया जाता है।

बीएलओ ड्यूटी में लापरवाही पड़ी भारी, 14 प्रेरकों की होगी बर्खास्तगी, दो माह का आया प्रेरक मानदेय

बीएलओ ड्यूटी में लापरवाही पर राजेपुर विकास खंड के 14 प्रेरकों की सेवा समाप्ति के आदेश दिए गए हैं। उधर साक्षर भारत मिशन में कार्यरत प्रेरकों को दो माह का मानदेय भुगतान करने के लिए 40 लाख रुपये का बजट आया है।

बकाया मानदेय भुगतान के लिए आंदोलन कर रहे साक्षर भारत मिशन के 14 प्रेरकों पर कार्रवाई की गाज गिरी है। उपजिलाधिकारी अमृतपुर ने जिला लोक शिक्षा समिति के सचिव बेसिक शिक्षा अधिकारी को 14 प्रेरकों की सेवा समाप्ति के लिए पत्र लिखा है। यह सभी प्रेरक बूथों पर अनुपस्थित पाए गए थे। प्रेरकों को नवंबर 2014 से मानदेय नहीं मिला। दो हजार रुपये माह के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। प्रत्येक ग्राम पंचायत लोक शिक्षा केंद्र पर कम से कम एक महिला प्रेरक सहित दो प्रेरक कार्यरत हैं। नवंबर व दिसंबर 2014 के मानदेय भुगतान को ग्रांट आ गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि भुगतान के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू करा दी गई है। ब्लाक साक्षरता समन्वयकों को छह हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। इनके लिए सितंबर व अक्टूबर 2014 के बकाया मानदेय को बजट आया है। जिला समन्वयक के चार में एक पद खाली चल रहा है। इन्हें भी छह हजार रुपये मानदेय दिया जाता है।

साफ -सफाई की व्यवस्था ठीक न होने से परिषदीय विद्यालय के शौचालय खराब, लाखों खर्च, फिर भी बदहाल हैं शौचालय

क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में लाखों रुपये खर्च कर बनाये गए शौचालयों का कोई पुरसाहाल नहीं रह गया है। विद्यालय परिसर में बने शौचालय न तो शिक्षकों के काम आ रहे है न ही छात्रों के। लाखों रुपये पानी की तरह बहाकर बनाये गए शौचालय जंगली जानवरों का आशियाना मात्र बनकर रह गए है। बगैर जलापूर्ति के न तो इन शौचालयों में कोई शौच करता है न ही सफ ाई कर्मी इनकी सफ ाई करते हैं। ऐसे में दो चार बच्चे भी यदि इनमे शौच कर लें तो यह शौचालय गंदगी का केंद्र बन जाते हैं। क्षेत्र के शत प्रतिशत विद्यालयों में शौचालय निर्मित है फि र भी विद्यालय के शिक्षक व छात्र शौच क्रिया खुले में करने को मजबूर हैं। क्योंकि इन शौचालयों में न तो सफ ाई की व्यवस्था है न ही पानी की। सरकार ने जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए इन शौचालयों का निर्माण कराया और समय समय पर इनके मरम्मतीकरण पर धन व्यय करती रहती है। उस उद्देश्य की पूर्ति भी यह शौचालय नहीं कर पा रहे है। बदहाल शौचालयों की हाल्ट में कोई सुधार नहीं आ रहा है। क्षेत्र के 50 प्रतिशत से अधिक शौचालयों में विगत कई वषों से ताला बंद हैं। तमाम में दरवाजे ही नहीं लगे। कु छ तो बनने के बाद ही अपनी उपयोगिता खो दिए। अपने उद्देश्य से भटके निष्प्रयोज्य पड़े इन शौचालयों की स्थिति भले कागजों पर अच्छी और उपयोगी दिखाई जा रही हो किंतु 2.4 प्रतिशत को छोड़ शेष शौचालय विभागीय व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी रियाज अहमद कहते हैं कि साफ -सफाई की व्यवस्था ठीक न होने से विद्यालय के शौचालयों का बुरा हाल है।

एबीआरसी के 30 पद रिक्त, प्रशिक्षण सुस्त, जिले में 50 एबीआरसी कर रहे हैं काम

जिले में प्रत्येक ब्लाक में पांच एबीआरसी नियुक्त किए गए हैं। शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते पिछले तीन वर्षो से सिर्फ 50 एबीआरसी काम कर रहे हैं, जबकि शासनादेश के हिसाब से 80 होने चाहिए। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए दिए जाने वाला प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। विभाग हर बार कहता है कि जल्द नियुक्ति के लिए परीक्षाओं का आयोजन होगा, लेकिन कब होगा इसका कोई जवाब नहीं है।

शिक्षकों ने सितंबर व अक्टूबर 2011 में दबाव बनाने के बाद विभाग की ओर से विज्ञापन निकाल रिक्त पड़े एबीआरसी पदों की नियुक्ति होनी थी, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते अभी तक एबीआरसी का मामला अधर में लटकता नजर आ रहा है। हाल में प्रक्रिया शुरू कराई गई और लोगों ने आवेदन भी किए, लेकिन अभी तक भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। जनपद के प्रत्येक ब्लाकों में एबीआरसी की कमी हैं। फिर भी शिक्षा विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। पूरे जिले में अगर देखा जाए तो 30 एबीआरसी की कमी वर्तमान समय में है। ऐसे में एबीआरसी की कमी होने के कारण शिक्षामित्रों को प्रत्येक गुरुवार को दिए जाने वाला प्रशिक्षण मंद गति से चलता नजर आ रहा है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षामित्रों को समाजिक विषय, गणित, अंग्रेजी, हंिदूी व विज्ञान दिया जाता था। लेकिन एबीआरसी कमी के चलते प्रशिक्षण कार्य ठप पड़ा हुआ है।

शक्ति परियों की फौज बनाने को शिक्षा विभाग हुआ सक्रिय, वूमेन पावर लाइन 1090 कक्षा- 11 या ऊंची कक्षाओं की छात्राएं कर सकती हैं आवेदन, माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने डीआइओएस को दिया निर्देश


राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट वूमेन पावर लाइन 1090 सेवा के तहत सूबे में शक्ति परियों की फौज खड़ी करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग हरकत में आया है। शक्ति परी बनने के लिए कक्षा 11 और उससे उच्चतर कक्षाओं की छात्रएं ही आवेदन कर सकती हैं। लिहाजा माध्यमिक शिक्षा निदेशक अमरनाथ वर्मा ने पत्र लिखकर शक्ति परियों के चयन के लिए आवेदन पत्र का प्रारूप और उनके कर्तव्य व शक्तियों का ब्योरा जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआइओएस) को भेज दिया है। निर्देश दिया गया है कि इसकी प्रतियां जिले के सभी बालिका इंटर कॉलेज में उपलब्ध कराकर प्रधानाचार्यों को इसका व्यापक प्रचार प्रसार कराने के लिए कहा जाए।

उत्पीड़न का शिकार महिलाओं को ऐसे असामाजिक कृत्यों से बचाने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पहल पर वूमेन पावर लाइन 1090 सेवा शुरू की गई है। कोई भी पीड़ित महिला टोल फ्री नंबर 1090 को डायल कर इस सेवा के तहत अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है।

पीड़ित महिलाओं की सुनवाई और उनके मामलों में कार्यवाही के लिए सरकार ने प्रदेश में दो लाख युवतियों को प्रशिक्षित कर उन्हें ‘शक्ति परी’ के रूप में विशेष पुलिस अधिकारी का दर्जा देने का एलान किया है। 14 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने अपने नये कार्यालय लोक भवन में आयोजित समारोह में 500 छात्रओं को शक्ति परी के परिचय पत्र वितरित किये थे। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने छात्रओं के बीच शक्ति परियों की फौज खड़ी करने के लिए कमर कसी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे गए पत्र में कहा है कि प्रत्येक बालिका माध्यमिक विद्यालय की इच्छुक छात्रओं द्वारा शक्ति परी के लिए भरे गए फॉर्म को जिले में वूमेन पावर लाइन के नोडल अधिकारी के माध्यम से लखनऊ स्थित मुख्यालय भेजवाने का निर्देश दें।

यह होंगे अधिकार : शक्ति परी को पुलिस विभाग की ओर से विशेष पुलिस अधिकारी का परिचय पत्र दिया जाएगा। सराहनीय योगदान देने वाली प्रत्येक शक्ति परी को पुरस्कार दिया जाएगा। विशेष मामलों में उन्हें राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा।

वूमेन पावर लाइन 1090 कक्षा- 11 या ऊंची कक्षाओं की छात्राएं कर सकती हैं आवेदन, माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने डीआइओएस को दिया निर्देश

गुरुजी का गणित मजबूत करने को खुला खजाना, बीआरसी व एनपीआरसी के खातों में भेजी गई धनराशि, गणितीय कौशल विकास का दिया जाना है प्रशिक्षण

परिषदीय विद्यालयों में से हर विद्यालय के एक शिक्षक या शिक्षिका का गणित मजबूत किया जाएगा। सेवारत शिक्षकों को आरंभित गणितीय कौशल विकास तथा सतत एवं व्यापक मूल्यांकन प्रशिक्षण दिया जाएगा। बीआरसी पर आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण के लिए डायट की तरफ से धनराशि जारी की गई है। जिसमें बीआरसी को प्रति प्रतिभागी प्रतिदिन 100 रुपये और एनपीआरसी को फालोअप के लिए प्रति शिक्षक 80 रुपये प्रति दिन जारी किए गए हैं।

परिषदीय विद्यालयों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षक शिक्षिकाओं को समय समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है। जिसमें कभी गणित तो कभी विज्ञान और अंग्रेजी का प्रशिक्षण दिया जाता है। उसी कड़ी राज्य शैक्षिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान परिषद की तरफ से गणित का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें 2831 विद्यालयों से एक एक शिक्षक या शिक्षिका को बुलाया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए धनराशि भी जारी की गई है। बीआरसी पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण के लिए प्रति प्रशिक्षणार्थी 100 रुपये प्रति दिन बीआरसी के खाते में भेजे गए हैं। इस धनराशि से उनके खाना, नाश्ता आदि का इंतजाम किया जाएगा। वहीं डायट से बताया गया कि एनपीआरसी के खातों में प्रति प्रशिक्षक के हिसाब से 80 रुपये भेजे गए हैं। इस धनराशि से एनपीआरसी प्रशिक्षणार्थियों के लिए खाना और नाश्ता व स्टेशनरी आदि का इंतजाम करेंगे। डायट के अनुसार बीआरसी व एनपीआरसी के खातों में करीब 15 लाख 28 हजार 740 रुपये भेजे गए हैं। इस धनराशि से प्रशिक्षण पूरा कराने के बाद इसके उपभोग प्रमाण पत्र भी मांगे गए हैं।