DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Saturday, October 29, 2016

अंतरजनपदीय शिक्षकों के पदस्थापन का रास्ता साफ, सर्विस लेंथ के आधार पर तय होगी वरिष्ठता

बेसिक शिक्षा विभाग ने दूसरे जिलों से स्थानांतरित होकर आए शिक्षकों को दीपावली त्योहार के पूर्व खुशखबरी दे दी है। चार नवंबर को दिव्यांग व महिला शिक्षकों के साथ ही पुरुष शिक्षकों के पदस्थापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस काउंसिलिंग में दिव्यांग व महिला शिक्षकों के साथ ही पुरुष शिक्षकों से भी विद्यालय के विकल्प लिए जाएंगे। इसी के आधार पर विद्यालय का आवंटन कर दिया जाएगा। उधर बीती आठ अक्टूबर को हुई दिव्यांग व महिला शिक्षकों की काउंसिलिंग निरस्त कर दी गई। अब तक दिव्यांग व महिला शिक्षकों से ही स्कूलों के विकल्प लिए जाते रहे। पुरुष शिक्षकों को रोस्टर के माध्यम से विद्यालयों में तैनाती दी जाती रही। यह काउंसिलिंग बीएसए कार्यालय में सुबह दस बजे से आयोजित की जाएगी। यह जानकारी बीएसए योगेंद्र कुमार ने दी। उन्होंने कहा कि इस काउंसिलिंग में 182 शिक्षकों को स्कूलों में तैनाती दी जाएगी।

सर्विस लेंथ के आधार पर तय होगी वरिष्ठता: जिस शिक्षक की नौकरी जितनी लंबी होगी, उसे इस काउंसिलिंग में उतना फायदा मिलेगा। इन्हें मन मुताबिक विद्यालय भी मिल जाएगा। सूत्रों के अनुसार अब तक गैर जिलों से स्थानांतरित होकर आए शिक्षकों की वरिष्ठता ज्वाइनिंग के आधार पर तय की जाती रही। पर अब ऐसा नहीं होगा।

दलील है कि अंतरजनपदीय तबादले के अंतर्गत सभी शिक्षकों का तबादला एक ही आदेश से हुआ है। इस वजह से ज्वाइनिंग की तिथि को वरिष्ठता का आधार नहीं बनाया जा सकता है। वरिष्ठता का निर्धारण नौकरी अवधि पर तय की जाएगी। इसी आधार पर ही शिक्षकों को काउंसिलिंग में विकल्प भरने के लिए बुलाया भी जाएगा। ऐसे शिक्षकों के पास तैनाती के लिए विद्यालयों के खासे विकल्प मौजूद रहेंगे।

No comments:
Write comments