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Wednesday, November 30, 2016

गोरखपुर : विश्व विकलांग दिवस के दिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सफल आयोजन हेतु विभिन्न अनुदेशकों को जिला समन्वयक के साथ बीएसए ने किया नामित, सम्बद्धीकरण प्रति देखें

विश्व विकलांग दिवस के दिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सफल आयोजन हेतु विभिन्न अनुदेशकों, जिला समन्वयक  को बीएसए ने किया नामित, सम्बद्धीकरण प्रति देखें

श्रावस्ती : शिक्षकों ने की ज़िले के अंदर स्थानांतरण की मांग

शिक्षकों ने की जिले के अंदर जल्द स्थानांतरण की मांग

श्रावस्ती: टीईटी संघर्ष मोर्चा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर जिले के भीतर जल्द से जल्द स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की है। जिलाधिकारी को ज्ञापन देने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष नीलमणि शुक्ल, घनश्याम तिवारी, रमेश कालिया, योगेंद्र मिश्र, गजेंद्र गुप्त, अभिषेक कुमार, संतोष मिश्र, अजय वर्मा, गौरव मिश्र, कृष्ण कुमार पांडेय शामिल थे। ज्ञापन में कहा गया कि बेसिक शिक्षा सचिव के निर्देशानुसार प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में स्थानांतरण के लिए 22 सितंबर तक आवेदन मांगे गए थे। आवेदन करने के बावजूद अब तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि कभी भी आचार संहिता लग सकती है। ऐसे में शिक्षकों को शासन के निर्देश के मुताबिक स्थानातंरण की सुविधा नहीं प्राप्त हो पाएगी।

हाथरस : प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दोहरी नियुक्ति का लाभ लेने के मामले में पाए गए दोषी, जांच टीम ने बीएसए को सौंपी रिपोर्ट

हाथरस : प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दोहरी नियुक्ति का लाभ लेने के मामले में पाए गए दोषी, जांच टीम ने बीएसए को सौंपी रिपोर्ट

अलीगढ : बदहाली की पाठशाला, कैसे पढ़ें कैसे बढ़ें, कहीं एक कमरे में चल रहीं 5 कक्षाएं तो कहीं एक कमरे में ही चल रहे 2 स्कूल

अलीगढ : बदहाली की पाठशाला, कैसे पढ़ें कैसे बढ़ें, कहीं एक कमरे में चल रहीं 5 कक्षाएं तो कहीं एक कमरे में ही चल रहे 2 स्कूल


हाथरस : विद्यालय में अध्यापक को दी जान से मारने की धमकी, थानाध्यक्ष से की शिकायत

हाथरस : विद्यालय में अध्यापक को दी जान से मारने की धमकी, थानाध्यक्ष से की शिकायत


हाथरस : विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने बीएसए को ज्ञापन देकर उठाई शिक्षकों की समस्याएँ

हाथरस : विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने बीएसए को ज्ञापन देकर उठाई शिक्षकों की समस्याएँ

हाथरस : बेसिक स्कूलों की बदहाल तस्वीर, कही जर्जर भवन कहीं पीने को पानी नहीं और कहीं विद्यालय बना तबेला, इन स्कूलों में कैसे पढ़े बच्चे

हाथरस : बेसिक स्कूलों की बदहाल तस्वीर, कही जर्जर भवन कहीं पीने को पानी नहीं और कहीं विद्यालय बना तबेला, इन स्कूलों में कैसे पढ़े बच्चे





हाथरस : अनुदेशक भर्ती में निलंबित लिपिक द्वारा चार्ज व अभिलेख ना देने पर बीएसए द्वारा दिया गया नोटिस

हाथरस : अनुदेशक भर्ती में निलंबित लिपिक द्वारा चार्ज व अभिलेख ना देने पर बीएसए द्वारा दिया गया नोटिस





मुरादाबाद मण्डल : मंडल स्तरीय मिनी क्रीड़ा एवं शैक्षिक प्रतियोगिता शुरू,अमरोहा-सम्भल के खिलाड़ी छाए

मंडल स्तरीय मिनी क्रीड़ा एवं शैक्षिक प्रतियोगिता में पांच जनपदों से आए खिलाड़ी छात्र-छात्रओं ने जौहर का प्रदर्शन किया। पहले दिन प्राथमिक स्तर पर अमरोहा एवं जूनियर में सम्भल के छात्र-छात्रओं का दबदबा रहा।

मंगलवार को रमाबाई अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय के मैदान में तीन दिवसीय मंडलीय मिनी क्रीड़ा एवं शैक्षिक प्रतियोगिका शुभारंभ मंडलायुक्त ने किया। प्रतियोगिता में मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, सम्भल, मेजबान अमरोहा के परिषदीय विद्यालयों से आए खिलाड़ी छात्र-छात्रओं ने प्रतिभाग किया। पहले दिन प्राथमिक स्तर पर बालक वर्ग की पचास मीटर दौड़ में अमरोहा के ब्लाक गजरौला का अतुलपाल व जीशान प्रथम व द्वितीय एवं बिजनौर का प्रियांशु तृतीय स्थान पर रहा। सौ मीटर दौड़ में अमरोहा का अतुलपाल व नदीम क्रमश प्रथम व द्वितीय एवं मुरादाबाद का हसनैन तृतीय पायदान पर रहा। 200 मीटर दौड़ में अमरोहा के अतुलपाल व नदीम ने पहला व दूसरा और बिजनौर के ¨पटू ने तीसरा स्थान पाया। प्राथमिक स्तर पर बालिका वर्ग में पचास मीटर दौड़ में सम्भल की मुरादन, अमरोहा लक्ष्मी व बिजनौर की अफीफा क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहीं। सौ मीटर दौड़ में अमरोहा की लक्ष्मी व मुस्कान क्रमश पहले व दूसरे तथा रामपुर की दिशा तीसरे स्थान पर रहीं।

उच्च प्राथमिक (जूनियर) स्तर पर बालक वर्ग की 100 मीटर दौड़ में सम्भल का विजय सिंह, रामपुर का मोहम्मद कासिम व अमरोहा का अतुलपाल, 200 मीटर दौड़ में सम्भल का महेंद्र, रामपुर का कासिम व मुरादाबाद का रोहित, 400 मीटर दौड़ में बिजनौर का जुबैर अली, अमरोहा का वरूण व रामपुर का मनोज क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे। जूनियर बालिका वर्ग की 100 मीटर दौड़ में बिजनौर की गुलनाज, अमरोहा का सानिया व रामपुर की नीरज, 200 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में संभल की शाहिन, बिजनौर की उपासना व रामपुर की नीरज, 400 मीटर दौड़ में सम्भल की शाहिन, रामपुर की नीरज व बिजनौर की आंचल क्रमश: पहले, दूसरे व तीसरे स्थान रहीं

मथुरा : खुले आसमान के नीचे हो रही पढाई, स्कूल सुविधाओं से दूर, विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में, चटाई और बोरे पर पढ़ रहे छात्र

खुले आसमान के नीचे हो रही पढाई, स्कूल सुविधाओं से दूर, विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में

निजी बीटीसी कॉलेजों पर लगातार कसता जा रहा शिकंजा , ग्रेडिंग कालेजों की तलवार प्रवक्ताओं पर

 प्रशिक्षुओं की मेधा के आधार पर कॉलेज की रैंक तय करने का आदेश हुआ। अब प्रवक्ताओं की पहचान रिपोर्ट मांगी गई है। प्रदेश भर में शिक्षक तैयार करने की फैक्टरी में तब्दील हो रहे निजी बीटीसी कॉलेजों पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। शिक्षा देने के नाम खुले कॉलेजों में तालाबंदी का खतरा मंडरा है, इसीलिए संस्थान प्रबंधन जवाब देने से बच रहे हैं। संस्थान प्रशिक्षुओं या प्रवक्ता में से किसी की भी रिपोर्ट देने पर खुद सवालों के घेरे में आ रहे हैं। सख्ती के कारण निजी कॉलेजों में दाखिला लेकर गायब अभ्यर्थी भी अब परेशान हैं। 


प्रदेश में बेसिक टीचर्स टेनिंग यानी बीटीसी का पाठ्यक्रम पहले जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी डायट में ही चल रहा था। सत्र 2012-13 से निजी कॉलेजों को भी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की संबद्धता दी गई। महज चार साल में ही 1422 निजी कॉलेज खुल गए हैं, लेकिन वहां पर पठन-पाठन का स्तर लगातार गिर रहा है। इसकी वजह दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को कुछ ‘शर्तो’ के बाद कॉलेज न आने की छूट देना और एक ही प्रवक्ता का कई कॉलेजों में पंजीकृत होना है। ऐसे प्रवक्ता कई जगहों से भुगतान ले रहे हैं, लेकिन पढ़ाने कहीं नहीं जाते। इस पर अंकुश लगाने के लिए पहले बीटीसी का पाठ्यक्रम बदला गया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। शिक्षक पात्रता परीक्षा के साथ ही बीटीसी की सेमेस्टर परीक्षा का रिजल्ट लगातार गिर रहा है। ऐसे में एससीईआरटी ने टीईटी परीक्षा के आधार पर कॉलेजों की ग्रेडिंग का आदेश दिया। 



एससीईआरटी के निदेशक डॉ. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने ग्रेडिंग के लिए सबसे पहले 19 अगस्त को आदेश जारी किया। इसके बाद 12 सितंबर, 28 सितंबर और 19 अक्टूबर को अनुस्मारक जारी हुआ कि ग्रेडिंग की सूचना वेबसाइट पर अपलोड की जाए, लेकिन डायट से लेकर कालेज प्रबंधन तक लगातार अनदेखी कर रहे हैं। 


सात नवंबर को फिर आदेश जारी हुआ है कि तय प्रोफार्मा पर सारी सूचनाएं देकर 12 दिसंबर तक परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव की वेबसाइट पर ग्रेडिंग प्रदर्शित करें। परीक्षा नियामक ने भी इस संबंध में निर्देश दिए हैं, लेकिन हर कोई जवाब देने से बच रहा है। अब प्रवक्ताओं का आइडी प्रूफ मांगकर शिकंजा और कसा गया है, लेकिन जवाब देने की प्रक्रिया में कोई सुधार नहीं हुआ है। 


रजिस्ट्रार नवल किशोर ने बताया कि डायट प्राचार्यो को सचिव की ओर से सख्त निर्देश जारी हुए हैं कि सूचनाएं अपलोड करें, अन्यथा ऐसे कालेजों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।

अभ्यर्थियों में टीईटी परीक्षा से वंचित होने का डर, बीटीसी - 2013 तीसरे समेस्टर की परीक्षा की मांग


अभ्यर्थियों में टीईटी परीक्षा  से वंचित होने का डर, बीटीसी - 2013 तीसरे समेस्टर की परीक्षा की मांग

फतेहपुर : राज्य परियोजना निदेशक का आया पत्र, परिषदीय स्कूलों में स्थापित होगी मीना वाचनालय

राज्य परियोजना निदेशक का आया पत्र,परिषदीय स्कूलों में स्थापित होगी मीना वाचनालय

बरेली : खुले में शौच का फोटो किया तो महिला ने शिक्षिका को दौड़ाया, विद्यालय के आसपास रहने वाले लोग परिसर में शौच कर फैलाते हैं गंदगी, महिला के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग

केंद्र व प्रदेश सरकार स्वच्छता पर जोर दे रही हैं। जल प्रवाहित शौचालय बनवाए जा रहे हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है लेकिन इसका असर नहीं हो रहा है। मंगलवार को खुले में शौच का विरोध करना एक शिक्षिका को भारी पड़ गया। शौच करने आई महिला ने उन्हें दौड़ा लिया। आरोप है कि इस दौरान महिला ने शिक्षिका के साथ अभद्रता भी की। अब शिक्षिका ने महिला पर कार्रवाई के लिए चौकी पर तहरीर दी है।

कस्बा स्थित प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार की सुबह कस्बे के राजीव नगर निवासी करन सिंह यादव की पत्नी शौच को पहुंच गई। प्रधानाध्यापक एकता सक्सेना ने यह देखा तो उन्होंने इसका विरोध किया लेकिन वह नहीं मानी। इस पर उन्होंने मोबाइल से महिला का फोटो खींच लिया। इस पर महिला भड़क गई और प्रधानाध्यापक को स्कूल परिसर में ही दौड़ा लिया और गालियां दीं। इस दौरान बच्चों में अफरा तफरी मच गई। डरे बच्चे कमरों में जाकर छिप गए। प्रधानाध्यापक ने 100 नंबर डायल किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला तो वह फिर चौकी पहुंच गई। महिला के खिलाफ वहां पर तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

परिसर पर खुला शौचालय

प्रधानाध्यापक एकता सक्सेना ने बताया कि विद्यालय के आसपास में रहने वाले लोग विद्यालय परिसर में शौच कर गंदगी फैलाते हैं। स्कूल में आने वाले बच्चों को दिक्कत होती है। कई बार बच्चों के कपड़े भी खराब हो चुके हैं। पूरे विद्यालय में दरुगध फैली रहती है। संक्रामक रोग फैलने की भी आशंका रहती है। कई बार आसपास के लोगों को समझाया गया लेकिन कोई असर नहीं हुआ।

महराजगंज : अब आनलाइन देख सकेंगे जीपीएफ एकाउंट, दस बिन्दुओं पर मास्टर डाटा फार्म भरने का निर्देश जारी

महराजगंज : अब आनलाइन देख सकेंगे जीपीएफ एकाउंट, दस बिन्दुओं पर मास्टर डाटा फार्म भरने का निर्देश जारी


रायबरेली : प्राथमिक शिक्षक संघ ने मांगो को लेकर किया प्रदर्शन, डीएम को दिया गया ज्ञापन, 10 दिसंबर को धरने की चेतावनी, कार्रवाई की मांग

उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ ने मांगो को लेकर प्रदर्शन किया। कहा गया कई बार मांग की जाने के बाद भी बीएसए समस्या का निस्तारण नहीं कर सके हैं। शिक्षक संघ ने डीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की वहीं कहा कि यदि 9 दिसंबर तक समस्या का निस्तारण नहीं होता तो 10 दिसंबर से धरना दिया जाएगा।

बताया गया कि 72825 शिक्षकों की भर्ती के सापेक्ष बछरावां विकास क्षेत्र की अधिकांश शिक्षकाओं को छह माह बाद भी अवशेष वेतन का एरियर बिल लेखा विभाग को नहीं भेजा गया है। 15000 की भर्ती के सापेक्ष आयी शिक्षकाओं के अवशेष वेतन एरियर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन भुगतन में विलंब किया जा रहा है।

शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक पद पर समायोजित दिवतीय बैच के शिक्षकों की जुलाई में वेतन वृद्धि नहीं की गयी। राजीव पुरी का वेतन रोका गया तथा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। भुवन मोहिनी के प्रकरण को संज्ञान में नहीं लिया गया। महिलाओं द्वारा प्रसवकालीन अवकाश की पत्रवली को अकारण कार्यालय में रोक दिया गया है। बाल्य देखभाल अवकाश के लिए शिक्षिकाओं को परेशान किया जा रहा है। इस तरह अन्य समस्याओं पर जानकारी दी गयी। इस मौके पर अध्यक्ष आशुतोष शुक्ल, महामंत्री दिलीप यादव, शशिलेश कुमार, उपाध्यक्ष राहुल वर्मा आदि मौजूद रहे।

जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को एक सप्ताह के अंधर ¨बदुवार जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

रायबरेली : बीएसए दफ्तर में जड़ा गया ताला, बीटीसी वर्ष 2013 के रिक्त पदों का मामला, डीएम के आदेश के बाद भी नहीं पहुंचे बीएसए, वित्त एवं लेखाधिकारी समेत पूरा स्टाफ रहा बंद

✡बीटीसी 2013 बैच के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को बीएसए दफ्तर में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। इससे दफ्तर के अंदर वित्त एवं लेखाधिकरी समेत पूरा स्टाफ कैद होकर रह गए। चार ब्लॉकों के खंड शिक्षाधिकारी बीएसए दफ्तर के अंदर नहीं जा सके। अभ्यर्थियों की समस्या सुनने के लिए डीएम ने बीएसए को भेजा, लेकिन बीएसए नहीं आये। सदर कोतवाल ने अभ्यर्थियों को समझाने का प्रयास किया पर वे सफल नहीं हुए। डीएम के आदेश पर सदर एसडीएम पहुंचे और उन्होंने दो दिन का समय मांगते हुए अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया कि उनकी आरक्षित सीटों में हेर-फेर नहीं होगा। पांच घंटे बाद बीएसए दफ्तर के मुख्य गेट का ताला खुल सका।


✡बीटीसी वर्ष 2013 के अभ्यर्थी आशीष प्रताप सिंह, आशीष तिवारी, आशीष गुप्ता, आशुतोष सिंह, विवेक शुक्ला, अभिषेक बाजपेयी, अजय वर्मा ने बताया कि जिले के 450 अभ्यर्थी प्रशिक्षित है। रायबरेली से सहायक अध्यापकों की नई भर्ती प्रस्ताव में सिर्फ तीन सीटें भेजी गई। 25 अक्टूबर 2010 के पत्र के मुताबिक प्राथमिक स्कूलों के 104 व जूनियर के 307 पद रिक्त बताए गए। 411 पदों पर पदोन्नति होनी चाहिए, लेकिन 199 पदों पर पदोन्नति हुईं। इसमें 212 पद शेष है। 29 जुलाई 2015 को प्राथमिक विद्यालय 19,948 नए सहायक शिक्षकों के पद सृजित हुए। इसमें जिले को कुल 706 नए पद मिले। जिन पदों पर उर्दू व सहायक शिक्षकों की भर्ती हुईं। 2010 के बाद सहायक शिक्षकों के कोई पद सृजित नहीं हुए है।

✡नए सृजित पदों को जोड़कर रिक्त सृजित पदों की संख्या बेसिक शिक्षा परिषद को नई भर्ती प्रस्ताव के लिए प्रेषित की जाए। इसको लेकर एक सप्ताह से बीएसए से बात करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन उन्होंने वार्ता नहीं की। 

समस्या सुनने नहीं आए बीएसए: अभ्यर्थियों का आरोप है कि डीएम के आदेश के बाद भी बीएसए समस्या सुनने नहीं आए। जबकि स्टाफ के मुताबिक बीएसए जीएस निरंजन एनआइसी केंद्र पर बैठे हुए थे। करीब तीन बजे सदर एसडीएम शैलेंद्र मिश्र अभ्यर्थियों से बातचीत करने पहुंचे। यहां अभ्यर्थियों से दो दिन का समय मांगा। जिससे बीसीटी अभ्यर्थियों के सृजित रिक्त पदों की लिस्ट तैयार हो सके।

✡डीएम अनुज कुमार झा ने बताया कि मामला संज्ञान में है। जिस पर बीएसए को निर्देशित किया गया। ताकि बीटीसी अभ्यर्थियों को दिक्कतें न उठानी पड़े।बीएसए कार्यालय के गेट पर ताला लगाकर धरना देते 2013 बैच के अभ्यर्थी जागरण

चंदौली : खुले आसमान के नीचे हो रही पढाई, स्कूल सुविधाओं से दूर, विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में, शिक्षकों की कमी भी आ रही है आड़े

चंदौली : खुले आसमान के नीचे हो रही पढाई, स्कूल सुविधाओं से दूर, विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में, शिक्षकों की कमी भी आ रही है आड़े।

हाथरस : डाइट प्राचार्य ने स्टेट लर्निंग अचीवमेंट सर्वे 2016-17 हेतु निरीक्षण कर्ताओं की सूची की जारी, आदेश सह सूची यहाँ देखें

हाथरस : डाइट प्राचार्य ने स्टेट लर्निंग अचीवमेंट सर्वे 2016-17 हेतु निरीक्षण कर्ताओं की सूची की जारी, आदेश सह सूची यहाँ देखें

सर्टिफिकेट खो जाने के झंझट और इसके फर्जीवाड़े से मिलेगा छुटकारा, सर्टिफिकेट के ऑनलाइन लॉकर की कवायद शुरू, निर्देश जारी

⚛सर्टिफिकेट खो जाने के झंझट और इसके फर्जीवाड़े को रोकने के इरादे से इनके ऑनलाइन लॉकर शुरू करने की कवायद शुरू कर दी गई है। केंद्र सरकार ने ‘नेशनल एकेडेमिक डिपोजिट्री’ (एनएडी) के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को अधिकृत संस्थान घोषित कर दिया है। इसके बाद यूजीसी ने देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों को यह व्यवस्था शुरू करने के लिए जरूरी तैयारियां करने का निर्देश जारी कर दिया है।

✡मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रलय ने एकेडेमिक डिपोजिट्री व्यवस्था के लिए विवि अनुदान आयोग को अधिकृत किया है। अब यह आने वाले कुछ दिनों में नेशनल एकेडमिक डिपोजिट्री के गठन के लिए दो एजेंसियों के साथ त्रिपक्षीय समझौता कर सकेगा। इसके साथ ही यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों को इस संबंध में व्यवस्था शुरू करने का निर्देश भी जारी कर दिया है। नोडल एजेंसी के तौर पर यूजीसी ने इन्हें यह भी कहा है कि सभी संस्थान दो डिजिटल रिपोजिट्री एनएसडीएल और सीएसडीएल में से किसी एक का चयन कर उसके साथ अपना समझौता (सर्विस लेवल एग्रीमेंट) कर लें। इन्हें अपने संस्थान के अंदर एक नोडल अधिकारी घोषित कर एकेडेमिक डिपोजिट्री सेल गठित करने और उसके संचालन को शुरू कराने को भी कहा है।

⚛ एनएसडीएल और सीएसडीएल पहले से ही भारतीय सेक्यूरिटी एक्सचेंज बोर्ड (सेबी) में रजिस्टर्ड डिपोजिट्री के रूप में काम कर रही हैं। यूजीसी की ओर से इसके सचिव जसपाल एस संधु ने बीते बुधवार को सभी केंद्रीय विवि राज्य विवि और केंद्रीय मदद से चलने वाले डीम्ड विश्वविद्यालयों के अलावा सभी राष्ट्रीय महत्व के शैक्षणिक संस्थानों और भारतीय प्रबंधन संस्थानों को इस संबंध में पत्र लिखा है। एचआरडी मंत्रलय की कोशिश है कि यह सुविधा इन संस्थानों में अगले शैक्षणिक सत्र से ही लागू हो जाए। इसके तहत छात्रों को इन संस्थानों से पास होते ही ऑनलाइन सर्टिफिकेट मिल सकेगा। साथ ही नौकरी या आगे की पढ़ाई के लिए छात्र के सर्टिफिकेट की सत्यता की जांच भी आसानी से हो सकेगी। यूजीसी ने एनएसडीएल और सीएसडीएल को पूरी व्यवस्था इंटरओपरेबल बनाने को कहा है ताकि किसी भी वक्त संस्थान अगर किसी एक एजेंसी से अपना समझौता खत्म कर दूसरी के साथ शुरू करना चाहे तो उसे समस्या नहीं हो।

प्राथमिक अनुदेशकों ने मांगा नियमितीकरण, जल्द मांग पूरी न होने पर आत्मदाह की दी चेतावनी

✡नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर प्राथमिक अनुदेशकों ने मंगलवार को प्रदर्शन कर विरोध जताया। जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंप जल्द मांग पूरी न होने पर अनुदेशकों ने आत्मदाह की चेतावनी दी।

✡उच्च प्राथमिक अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन उप्र के आह्वान पर विभिन्न जिलों से धरना देने के लिए लक्ष्मण मेला स्थल पर एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों ने उपेक्षा का आरोप लगाते हुए सरकार विरोधी नारेबाजी की। धरने का नेतृत्व एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी शुक्ला ने किया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक अनुदेशक पिछले कई वर्षो से अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है।

✡इस बार अनुदेशक अपना अधिकार लिए बिना वापस नहीं लौटेंगे। धरने में वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल यादव, अमिताभ वर्मा, भोलानाथ पांडेय, महेंद्र पाठक व विक्रम सिंह सहित कई लोग उपस्थित रहे।

लखीमपुर : बच्चों की पूरी जन्म कुंडली होगी तैयार, परिषदीय स्कूलों के बच्चों का डॉटा होगा ऑनलाइन, बच्चों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का पूरा डॉटा अब ऑनलाइन होगा। इससे न केवल फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा बल्कि बच्चों को बेहतर सुविधाएं भी मिल सकेंगी। बेसिक शिक्षा महकमा इन दिनों इसी अभियान में जुटा हुआ है और शिक्षकों के माध्यम से बच्चों की पूरी जन्म कुंडली तैयार करवाई जा रही है। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पूरी तरह से नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है।इसके अलावा उन्हें दोपहर में पका पकाया भोजन प्रति वर्ष यूनीफार्म के दो सेट तथा पुस्तकें भी उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही अब उन्हें स्कूल बैग देने की योजना पर भी काम चल रहा है। मिड-डे-मील खाने हेतु प्रत्येक बच्चे को एक थाली व एक गिलास देने का काम भी शुरू हो चुका है। प्रत्येक वर्ष स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्कूलों में टीम भेजकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाता है और दवाएं भी वितरित की जाती हैं। लेकिन तमाम योजनाएं लागू होने के बाद भी इन स्कूलों में छात्र संख्या हर साल घट रही है। यह शासन-प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग स्कूलों को हाईटेक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। अब सभी बच्चों का पूरा डॉटा ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए एक फार्म स्कूलों में भेजा गया है जिसमें प्रत्येक बच्चे से सम्बंधित पैंतीस कॉलम भरे जाने हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों का आधार नंबर और खाता संख्या भी भरी जानी है। बच्चे का खाता न होने पर उसके माता-पिता का खाता संख्या भरना है। इसके अलावा बच्चों के माता-पिता की आर्थिक स्थिति और बच्चों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई दवाओं की जानकारी भी भरनी है। बच्चों का यह पूरा डॉटा ऑनलाइन हो जाने के बाद इन स्कूलों के लिए योजनाएं बनाने में भी विभाग व सरकार को काफी मदद मिलेगी। अभी स्कूलों में टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करने वाले प्राइमरी के बच्चे आने वाले समय में अगर डेस्क और बेंच पर बैठकर पढ़ाई करते दिखें तो कोई आश्चर्य की बात नहीं। देश का सुप्रीम कोर्ट भी यही चाहता है।

रायबरेली : शिक्षा केवल किताबों से नहीं बल्कि पर्यावरण से भी : जिलाधिकारी, डायट में किया गया वार्षिक समारोह का आयोजन

शिक्षा केवल किताबों से नहीं बल्कि पर्यावरण से भी आती हैं। सफलता के लिए कभी असफलता से नहीं डरना चाहिए। जीवन के हर क्षेत्र में सबसे जरूरी होता हैं आत्म विश्वास। निरंतर प्रयास और सीखने की कला हमें सफलता की ऊंचाईयों तक ले जाती हैं। उक्त बातें जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित वार्षिक समारोह में कही। डीएम ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष पर दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम टैलेन्टेड हंट के फिनाले जैसा है। मैं सभी की प्रशंसा करता हूं। कार्यक्रम में सभी की प्रतिभाएं रखी गईं। सभी लोग अपने-अपने बच्चों को इसी तरह आगे बढ़ाएं। उन्होंने शिक्षकों को बताया कि सर्व प्रथम देश और समाज के लोगों के प्रति रक्षा एवं जिम्मेदारी उठाना चाहिए, दूसरे स्तर पर अपनी यूनिट के लोगों का ध्यान रखना चाहिए, तीसरे स्तर पर आप अपनी एवं परिवार की जिम्मेदारी निभाए। इस बात से आपको हमेशा सफलता मिलेगी। आप सभी एक रोल मॉडल की तरह शिक्षक बनें। डायट की प्रधानाचार्या रेखा दिवाकर ने कहाकि इस शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना 1990 में की गई थी।

रायबरेली : बच्चों को बताए गए यातायात के नियम, केजीबीवी में यातायात माह के तहत गोष्ठी का आयोजन

यातायात माह के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का संयोजन थानाध्यक्ष जीडी शुक्ला द्वारा किया गया। बालिका शिक्षा रिसोर्स पर्सन एसएस पांडेय ने बच्चों को टै्रफिक नियमों की जानकारी दी। गोष्ठी से पूर्व विद्यालय स्तर पर ‘सड़क सुरक्षा’ विषय पर एक निबंध प्रतियोगिता कराई गई जिसमें सौम्या मिश्रा ने प्रथम, समरीन ने द्वितीय तथा नगमा बानो ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जिन्हें थानाध्यक्ष जीडी शुक्ला, एसआई श्रीराम पाण्डेय ने संयुक्त रूप से पुरस्कृत कर उत्साहवर्धन किया। साथ ही बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। बच्चों को यातायात माह पर सड़क सुरक्षा पर ध्यान दिए जाने पर एसआई श्रीराम पांडेय ने सतर्क रहने की सलाह दी। यातायात के नियमों के साथ-साथ दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं का सामना करने का साहस पैदा करते हुए थानाध्यक्ष जीडी शुक्ला ने कहा कि बच्चों को नकारात्मक बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। सकारात्मक बातों पर ही अमल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे स्वविवेक, स्वअध्ययन और सकारात्मक विचार बनाकर चलेंगे तो कभी फेल नहीं होंगे, हमेशा कामयाब रहेंगे। सड़क पार करते समय दायें-बायें देखकर ही पार करें। हेलमेट का प्रयोग करें, सड़क पर बायें चलें, वाहन चलाते समय इयरफोन और मोबाइल का प्रयोग न करें। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य बनाने व अच्छे-अच्छे टिप्स दिए। साथ ही राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली महिलाओं के व्यक्तित्व व कृतित्व से सीख लेने की बात पर जोर दिया। कार्यक्रम में वार्डन अंजना त्रिपाठी, ममता मिश्रा लेखाकार, प्राची, मन्जू सिंह, सुनीता, इन्दुकान्त, अर्चना, अन्जू मौर्या, प्रीती मौर्या, रंजना वर्मा आदि शिक्षिकाओं के साथ-साथ नेहरू युवा केन्द्र के स्वयं सेवक अम्बालिका, हेमलता सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। संचालन एसएस पांडेय रिसोर्स पर्सन बालिका शिक्षा तथा आभार ज्ञापन अंजना त्रिपाठी, ममता मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया।

बाराबंकी : परिषदीय शिक्षकों के प्रमोशन को हुई काउंसलिंग, पास का स्कूल नहीं मिला तो 24 ने छोड़ा प्रमोशन

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापक पद से 575 शिक्षकों को प्राइमरी में हेड अथवा जूनियर में सहायक अध्यापक पद पर प्रमोट करने के लिए काउंसलिंग मंगलवार को की गई। सुबह 10बजे से ही प्रमोशन पाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं बड़ेल के संसाधन केंद्र पर जुटना शुरू हो गए थे।

खंड शिक्षा अधिकारी आलोक सिंह, केके अवस्थी व रिशी टंडन की देखरेख में पदोन्नति पाई महिला शिक्षकों और निशक्तों को प्राथमिकता में खाली स्कूलों की सूची देकर विकल्प लिए गए। जिला मुख्यालय के बंकी, हरख, मसौली व देवा तथा निंदूरा ब्लॉकों में काफी संख्या में रिक्त स्कूल होने के कारण विकल्प देने आई शिक्षिकाएं काफी परेशान नजर आई। हर शिक्षक की चाहत थी कि उसे अपने वर्तमान तैनाती स्कूल के पास के स्कूल में तैनाती मिल जाए। स्कूल खाली न होने से दो दर्जन शिक्षिकाओं ने प्रमोशन नहीं लिया। इस संबंध में बीएसए पीएन सिंह ने बताया कि जिन शिक्षक शिक्षिकाओं ने प्रमोशन छोड़ा है उन्हें अगले तीन वर्ष तक कोई प्रमोशन नहीं मिलेगा।

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गोंडा : परसपुर विकास मंच ने डीएम को भेजा पत्र, कस्तूरबा स्कूलों की सुविधाओं की हो नियमित जांच

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की बदहाल स्थिति को सुधारने की मांग उठने लगी है। परसपुर विकास मंच के पदाधिकारियों ने डीएम को पत्र भेजकर इन स्कूलों की सुविधाओं की नियमित जांच कराने की मांग की है।

डीएम को लिखे गए पत्र में परसपुर विकास मंच के अरुण कुमार सिंह, राम सुंदर पांडेय, राम मनोहर तिवारी, वीडी सिंह सहित अन्य ने कहा है कि कस्तूरबा स्कूलों की दशा दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। कहीं पर बैठने की व्यवस्था नहीं है तो कहीं पर सोने के लिए बिस्तर नहीं है। खाना बनाने के लिए समुचित प्रबंध नहीं है। यही नहीं अधिकतर स्कूलों में बालिकाओं को अभी तक गर्म कपड़े नहीं वितरित किए गए हैं। कई स्कूलों में शुद्ध पेयजल का प्रबंध नहीं है। जिससे बालिकाओं को दिक्कत हो रही है। यही नहीं यह भी आरोप लगाया गया है कि कई स्कूलों में बालिकाओं को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कस्तूरबा स्कूलों की सुविधाओं की नियमित जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।