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Saturday, April 8, 2017

गोण्डा : अंतर्जनपदीय तबादलों की सूचना पर विभाग की चुप्पी से सचिव बेसिक शिक्षा नाराज़, चेतावनी देकर 15 तक मांगी रिपोर्ट

शिक्षकों के अन्तजर्नपदीय तबादले में कार्यमुक्त हुए और कार्यभार ग्रहण किए शिक्षकों का ब्यौरा ही अफसरों ने नहीं भेजा। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने कड़ा पत्र जारी किया है। रिपोर्ट न देने पर नाराजगी जताई है। महत्वपूर्ण यह है कि आखिर शिक्षकों के स्थिति की सूचना देने में अफसर आनाकानी क्यों कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि बीत शैक्षिक सत्र में बड़े पैमाने पर शिक्षकों का गैर जिला तबादला हुआ था, जनवरी माह तक तबादले होते रहे हैं। परिषद तबादलों का ब्योरा एकत्र कर स्थिति परखना चाह रहा है। छह माह के मूल्यांकन से तय होगा मिशन भविष्य : लोक शिक्षा केन्द्रों के संचालन को आगे बढाने के लिए शासन अब छह माह के रिपोर्ट पर विचार करेगी। पूरे जिले में 1054 पंचायतों में साक्षरता मिशन से लोक शिक्षा केन्द्र चल रहे हैं। 30 सितम्बर तो साक्षरों की परीक्षा है, इसके साथ ही मूल्यांकन की रिपोर्ट भी तैयार होगी। वैसे 31 मार्च को अवधि पूरे होने के बाद समय तो बढ़ गया है, लेकिन संकट बढ़ा हुआ है। अब प्रेरकों और समन्वयकों की उपयोगिता पर ही योजना आगे बढ़ेगी। वैसे साक्षरता प्रोजेक्ट पर गौर करें तो अब इससे सतत शिक्षा के रुप में लागू किया जाना चाहिए। इस मिशन से सिर्फ साक्षरता ही नही पेंशन योजनाएं, स्वास्थ्य योजनाएं, जागरुकता, जन-धन योजना समेत केन्द्र की कई योजनाएं जुड़ चुकी हैं। माना जा रहा है कि मूल्यांकन रिपोर्ट के बाद विस्तार संभव है। विभाग इसके लिए नए सिरे से तैयारी कर रहा है। सभी जिलों के विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

जूनियर हाईस्कूलों में राष्ट्रीय अविष्कार योजना से साइंस लैब की स्थापना के लिए सूबे के मुख्यमंत्री गंभीर दिखे। विभाग के प्रजेंटेशन में उन्होंने इस योजना पर विशेष जोर दिया। बावजूद इसके जिले के अफसर इस योजना को गंभीरता से नही ले रहे हैं। जिले के 34 स्कूलों को बीते शैक्षिक सत्र में 45-45 हजार रुपए का बजट भी दिया गया। लेकिन अभी तक विभाग ने इसे अभियान का रुप देने की कोशिश तक नही की। इससे योजना को रफ्तार नही मिल पा रही है। हाल ही में सीएम ने इस योजना पर विशेष जोर भी दिया है।

शिक्षकों की नियुक्ति के साल भर से अधिक पूरे होने को है। काफी शिक्षक हैं जिनके चारो सत्यापन आ चुके हैं। बावजूद इसके अवशेष वेतन भुगतान की सूची में सभी को शामिल नही किया जा रहा है। शिक्षक संघ के बेलसर अध्यक्ष राजेश शुक्ल ने सूची से छूटे शिक्षकों की सूची बीएसए को भेजी है और मांग किया है कि इनकी सूची जारी हो। उनका कहना है कि आखिर इनके नाम सूची क्यों छूट गए। पटल सहायक पर लापरवाही का आरोप भी लग रहा है। ऐसा ही करीब-करीब सभी ब्लाक के शिक्षकों के साथ है।

खोरहंसा। परिषदीय स्कूलों में नया शैक्षिक सत्र शुरु हो गया है, साथ ही प्रदेश सरकार के नए निर्देशों को लागू करने पर मंथन भी शुरु हो गया है। सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा एमपी सिंह ने परिषदीय स्कूलों में बदलाव के निर्देश दिए हैं। उन्होने मण्डल के बीईओ और हर ब्लाक से एक-एक वरिष्ठ एबीआरसी के साथ बैठक शैक्षिक तरक्की की कार्य योजना तैयार की। बच्चों की उपस्थिति पर जोर दिया और कहाकि शिक्षकों को बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहित किया जाए। प्रार्थना सभाओं के आयोजन के साथ ही शिक्षा में टीएलएम के प्रयोग पर जोर दिया। एडी श्री सिंह ने बच्चों के अभिभावकों के मोबाइल नम्बर की सूची रखने के साथ ही मजरों में बच्चों की टोली बनाने और एक बच्चे को ग्रुप लीडर बनाकर सतत जागरुकता पर जोर दिया। हफ्ते में बुधवार को प्रतियोगिताएं के आयोजन का निर्देश दिया। कहाकि स्कूल का माहौल ऐसा हो कि बच्चों में अपनापन महसूस हो। सकारात्मक माहौल तैयार करने की नसीहत दी। बैठक में सभी बीईओ रहे। बेसिक शिक्षा मंत्री के निर्देशों पर हो अमल : एडी श्री सिंह ने कहाकि मण्डल मुख्यालय सूबे की बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल ने समीक्षा बैठक किया था। उन्होने व्यवस्थाओं की फीड बैक लेने के साथ ही स्कूलों में शैक्षिक क्रान्ति के निर्देश दिए थे। इसके प्रत्येक ब्लाक अपने स्तर से कार्य योजना तैयार करें और बेहतर शिक्षा व्यवस्था तैयार करें और बेहतर शिक्षकों को प्रोत्साहित करें।

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