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Thursday, April 13, 2017

देवरिया : बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूलों पर बीएसए ने कसा शिकंजा , 591 स्कूलों को बंद करने को जारी हुई नोटिस , सभी बीईओ एक सप्ताह में प्राप्त कराएंगे नोटिस

देवरिया : बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूलों पर बीएसए ने कसा शिकंजा , 591 स्कूलों को बंद करने को जारी हुई नोटिस , सभी बीईओ एक सप्ताह में प्राप्त कराएंगे नोटिस

कार्रवाई

जागरण संवाददाता, देवरिया: जिले में बिना मान्यता संचालित 591 विद्यालयों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इन विद्यालयों को बंद करने का नोटिस जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना मान्यता या मान्यता प्रत्याहरण (वापस लिए जाने) के बाद भी विद्यालय संचालित करता है तो ऐसी दशा में एक लाख रुपये तक जुर्माना देना होगा। मान्यता के प्रावधानों का उल्लंघन जारी रखने पर दस हजार रुपये प्रतिदिन जुर्माना किया जा सकता है। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नोटिस प्राप्त कराते हुए रसीद व विद्यालय का फोटाग्राफ उनके कार्यालय में एक सप्ताह के भीतर जमा कर दें।अशासकीय, नर्सरी, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों (हंिदूी व अंग्रेजी माध्यम) की मान्यता दिए जाने संबंधित मानक व शर्तों में निश्शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 घोषित होने के बाद शासन ने 2011 में बदलाव किया है। जिसके तहत जुर्माना के प्रावधान को शामिल किया गया। लेकिन इस कानून का जिले में कई सालों से खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी जानकर भी अंजान बने हुए हैं। इसको लेकर कई गैर राजनैतिक संगठनों की तरफ से आवाज बुलंद किया जा रहा है। अभिभावक भी ऐसे विद्यालयों के शोषण के खिलाफ लामबंद होने लगे हैं। बिना मान्यता संचालित इन विद्यालयों की वजह से परिषदीय विद्यालयों की दशा बेहद खराब हो गई है। योग्य शिक्षकों के होने के बावजूद विद्यालयों में बच्चों की मौजूदगी अत्यंत कम है। लोगों का कहना है कि यदि बिना मान्यता प्राप्त विद्यालयों को बंद कर परिषदीय विद्यालयों में उन बच्चों का नामांकन करा दिया जाए तो दशा सुधर सकती है। बीएसए राजीव कुमार यादव ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को बता दिया गया है कि नोटिस जारी होने के बाद एक भी विद्यालय संचालित न हों। यदि कोई विद्यालय संचालित करता है तो एसडीएम व थानाध्यक्ष के सहयोग से विद्यालय तत्काल बंद कराएं। लापरवाही की जाती है तो बीइओ की भी संलिप्तता मानते हुए उनके विरुद्ध प्रस्तावित की जाएगी।बिना मान्यता संचालित हो रहे विद्यालयों पर शिकंजा सभी बीइओ को एक सप्ताह में नोटिस प्राप्त कराने का निर्देश

मान्यता के लिए जरूरी , मान्यता के लिए रजिस्ट्रेशन, बाइलाज, 180 वर्ग फीट के 13 कमरे लिंटर्ड, 10 बीएड अध्यापक, एक लिपिक व एक अनुचर का अंकपत्र की छाया प्रति, अग्निशमन प्रमाण पत्र, नेशनल बिलिं्डग प्रमाण पत्र, जमीन की खतौनी या 10 साल का रजिस्टर्ड किरायानामा प्रस्तुत करना होगा। जमीन का मूल्यांकन तहसीलदार द्वारा किया जाएगा। 35000 रुपये की एनएससी को प्रबंधक के नाम से व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद नाम से बंधक रहेगा। 3000 रुपये का बैंक ड्राफ्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के नाम से रहेगा। विज्ञान, पुस्तकालय व क्रीड़ा का 10000-10000 रुपये का बाउचर, विद्यालय का नक्शा, समय सारिणी व दस रुपये के स्टांप पर शपथ पत्र प्रबंधक को देना होगा।

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