DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Saturday, April 15, 2017

लखनऊ समेत 7 जिलों के बच्चों को अब पंजीरी की जगह वीनिंग फूड, आपूर्ति और भुगतान को लेकर संशय हुआ दूर

जागरण संवाददाता, हरदोई : बच्चों के पुष्टाहार की आपूर्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर निदेशालय ने विराम लगा दिया है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशक ने हरदोई समेत 7 जिलों के लिए वीनिंग फूड (गेहूं, मक्का, चना, सोया) की आपूर्ति जारी कर दी है। अभी तक आगनबाड़ी केंद्रों में पंजीरी दी जाती थी। सातों जिलों के लिए निदेशालय ने 2,045 मीट्रिक टन की आपूर्ति का शेड्यूल दिया है। नई दिल्ली की हेल्थ केयर इनर्जी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को वर्ष 2013 के अनुबंध के अनुसार आपूर्ति का आर्डर भी जारी हो चुका है। साथ ही संबंधित जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पुष्टाहार की मात्र की जांच और स्टोर कराने की व्यवस्था करें।

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत 6 माह से 3 साल तक बच्चों को दिए जाने वाले वीनिंग फूड की आपूर्ति और भुगतान को लेकर संशय बना हुआ था। अब निदेशक आनंद सिंह ने वर्ष 2013 में हुए अनुबंध के अनुसार नई दिल्ली की फर्म को पुष्टाहार की आपूर्ति का आर्डर जारी कर दिया है। निदेशक ने हरदोई के साथ ही लखनऊ, सीतापुर, रायबरेली, ललितपुर, उन्नाव एवं जालौन की बाल विकास परियोजनाओं पर वीनिंग फूड की एक किलोग्राम वाली पैकिंग की आपूर्ति की मात्र आर्डर में दी है। इस आर्डर में जिलों को 2045 मीट्रिक टन की आपूर्ति की जानी है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी मंजू वर्मा का कहना है कि जिले के लिए 4 लाख 52 हजार 860 किलोग्राम वीनिंग फूड आवंटित हुआ है। सभी बाल विकास परियोजना के अधिकारियों को आवंटित मात्र की जांच, पैकिंग की गणना और सुरक्षित स्टोर कराने के लिए कहा गया है।

No comments:
Write comments