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Thursday, April 13, 2017

साक्षरता कर्मियों ने बीएसए के खिलाफ खोला मोर्चा, राष्ट्रीय कार्यक्रम के संचालन में बाधक होने का आरोप

डेली न्यूज़ नेटवर्कहरायबरेली। बेसिक शिक्षा भवन में विगत कई दशक से चल रहे प्रौढ़ शिक्षा विभाग के जनपदीय कार्यालय को समाप्त किए जाने से साक्षरता कर्मी नाराज हैं। मंगलवार को मासिक समीक्षा बैठक में आए ब्लॉक समन्वयकों को जब बैठने का स्थान न मिला तो उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से इस संबंध में दूरभाष पर वार्ता की। बातचीत में बीएसए ने साक्षरता के लिए किराए का ब्लॉक समन्वयकों को किराए का भवन लेने की सलाह दी। राष्ट्रीय कार्यक्रम के प्रति जिला बेेसिक शिक्षा अधिकारी की इस मनमानी से नाराज ब्लॉक समन्वयकों ने पहले जिलाधिकारी और फिर बछरांवा विधायक रामनरेश रावत से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया। विधायक ने कहाकि वह स्वयं बीएसए को उनके दायित्वों का बोध कराने पहुंचेंगे। ज्ञापन में ब्लॉक समन्वयक सतीश अग्रवाल, अविनाश श्रीवास्तव, सुरेश कुमार, विजय सिंह, दिलीप सोनकर, कमलेश कुमार, रामजी जायसवाल आदि ने बताया कि वर्ष 1994 से बेसिक शिक्षा भवन में प्रथम तल पर स्थित साक्षरता प्रकोष्ठ से कार्यक्रम संचालित होते रहे हैं। जिसे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिलाधिकारी/अध्यक्ष जिला लोक शिक्षा समिति से कोई अनुमोदन लिए बगैर कक्ष परिवर्तन कर भूतल के कमरा नंबर 5 एवं 6 को साक्षरता प्रकोष्ठ हेतु निर्धारित कर दिया। अभी दो माह भी नहीं बीते थे कि बीएसए ने कक्ष संख्या 6 जिसमें ब्लॉक समन्वयकों की मासिक समीक्षा बैठक होती है उसमें ताला डलवाकर कक्ष में रखा सारा सामान अभिलेख एवं कम्प्यूटर इत्यादि गेट के बगल में बने स्टोर में डलवा दिया। आज हम लोग जब कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला बंद था और साक्षरता से संबंधित आवश्यक अभिलेख शौचालय के बगल में अस्त-व्यस्त पड़े थे। बगल में बने चैंबर/स्टोर में जानकारी करने पर बताया गया कि साक्षरता हेतु निर्धारित कार्यालय की चाभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वयं अपने पास रखे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जनपद में चार्ज सम्भालने के बाद से बीएसए राष्ट्रीय कार्यक्रम को संचालित करने में बाधक बने हैं। पूर्व में इन्होंने कई बार साक्षरता का चार्ज किसी अन्य अधिकारी को दिलाने के लिए निदेशक को पत्र भी भेज चुके हैं। चार्ज परिवर्तन न होने से नाराज बेसिक शिक्षा अधिकारी निरन्तर साक्षरता कर्मियों को प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने दो माह में तीन बार कार्यालय का परिवर्तन किया किया है। ज्ञापन में साक्षरता कर्मियों ने कहा है कि यदि दो दिवस के भीतर साक्षरता का पुराना कार्यालय बहाल नहीं किया गया तो संपूर्ण जनपद के प्रेरक एवं समन्वयक धरने पर बैठेंगे।

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