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Saturday, April 8, 2017

रामपुर : मनमानी पर उतरे शिक्षा विभाग के अफसर, सीसीएल के लिए बीएसए दफ्तर में रो पड़ी शिक्षिका, सीसीएल स्वीकृत करने का रेट पांच हजार रुपये

एक माह पहले बेटी का एक्सीडेंट हुआ तो उसके पैर में फ्रेक्चर हो गया। अध्यापिका ने सीसीएल के लिए आवेदन किया, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी सीसीएल स्वीकृत नहीं हो सकीं। अफसरों की मनमानी के चलते शिक्षिका एक माह से लगातार दफ्तरों के चक्कर लगा रहीं। इसके बाद भी किसी ने नहीं सुनी तो शनिवार को वह बीएसए दफ्तर में फूट फूट कर रो पड़ीं।

मूलरूप से गाजियाबाद निवासी सुषमा बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापिका हैं। इन दिनों उनकी तैनाती बिलासपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय धारानगरी में है। दो मार्च को वह अपनी 11 वर्षीय बेटी कनक के साथ स्कूल जा रहीं थीं। तब गो¨वदपुरा प्राथमिक विद्यालय के सामने उनका बाइक से एक्सीडेंट हो गया, जिससे कनक के पैर में फ्रेक्चर हो गया। शिक्षिका को भी पैर में चोट आई। तब उन्होंने बेटी की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लीव के तहत आवेदन किया। बिलासपुर खंड शिक्षाधिकारी के यहां आवेदन किया।

कई चक्कर लगाने के बाद खंड शिक्षाधिकारी ने बिना सर्विस बुक के लिए आवेदन जिला बेसिक शिक्षाधिकारी के यहां भेज दिया, लेकिन सर्विस बुक न होने की वजह से उनका आवेदन स्वीकार नहीं हो सका। वह लगातार चक्कर लगाती रहीं और अफसर बहानेबाजी करते रहे। खंड शिक्षाधिकारी ने ग्रेड वेतन लगाने की बात कहते हुए सर्विस बुक लेखा कार्यालय में होने की बात कही।

शनिवार को वह एक बार फिर बीएसए कार्यालय पहुंची। लेखा कार्यालय जाकर सर्विस बुक देखी। सिस्टम से परेशान शिक्षिका कर्मचारियों के सामने ही रो पड़ीं। इस पर कर्मचारियों ने गंभीरता से सर्विस बुक तलाशनी शुरू की। पता लगा कि उनकी सर्विस बुक के अलावा सभी सर्विस बुक मौजूद हैं। लेखा कर्मचारियों ने बताया कि उनकी सर्विस बुक खंड शिक्षाधिकारी के पास ही है।

शिक्षिका को रोता देख बीएसए ने भी शीघ्र ही सर्विस बुक उपलब्ध कराते हुए सीसीएल मंजूर करने का आश्वासन दिया। इसको लेकर प्रभारी जिला बेसिक शिक्षाधिकारी त्रिलोकी नाथ का कहना है कि कई बार शिक्षक ड्यूटी से बचने के लिए ऐसा करते हैं। हो सकता है इसी वजह से ऐसा हुआ हो। अब मामला सामने आया है। एक दो दिन में शिक्षिका की सर्विस बुक मंगवा ली जाएगी और उनकी सीसीएल मंजूर कर दी जाएंगी।’

एक माह से सीसीएल के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहीं अध्यापिका

मनमानी पर उतरे शिक्षा विभाग के अफसररामपुर में सीसीएल स्वीकृत करने का रेट पांच हजार रुपये है। जो शिक्षक रुपये दे देता है, उनकी सीसीएल तीन दिन में बिना कहीं जाए स्वीकृत कर दी जाती हैं। बिलासपुर खंड शिक्षाधिकारी मनमानी पर उतारू हैं। शिक्षकों का शोषण किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। 1आनंद प्रकाश गुप्ता, जिला मंत्री, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, रामपुर।

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