DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कैसरगंज कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महाराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फर नगर मुजफ्फरनगर मुज़फ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी मैनपूरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Saturday, May 6, 2017

महराजगंज : ग्राम प्रधान ने मथुरानगर के वनटांगिया भारीवैसी क्षेत्र में शिक्षकों के तैनाती की लगाई गुहार, शिक्षक न होने से लगभग 500 छात्रों के शिक्षा का भविष्य अधर में

महराजगंज : फरेंदा विकास खंड के ग्राम सभा मथुरानगर के वनटांगियां भारीवैसी में शिक्षक न होने से यहां के 500 बच्चों का भविष्य अधर में हैं। मूलभूत सुविधाओं से वंचित इस गांव में बच्चों की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था भी भगवान भरोसे है। ग्राम प्रधान मंजू मौर्या ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर इस गांव मे शिक्षकों की तैनाती कराने की मांग किया है। बीएसए को भेजे अपने पत्र में लिखा है कि वनटांगिया भारीवैसी मे छह से 14 वर्ष तक के बच्चों की संख्या 500 के करीब है । यहां दो प्राथमिक विद्यालय तथा एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन यहां न तो विद्यालय हैं और न ही कोई शिक्षक। ऐसे में बच्चों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। ग्राम प्रधान ने बीएसए से वनटांगिया भारीवैसी में शिक्षक तथा अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है , जिससे यहां के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके व शासन की मंशा को पूरा किया जा सके। गौरतलब है कि पिछले महीने इसी गांव में आयोजित चौपाल मे मंडलायुक्त अनिल कुमार से गांव वालों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया था जिसमें से विद्यालय का अभाव व शिक्षकों की तैनाती का ना होना भी शामिल था। समस्याओं को सुनते हुए मंडलायुक्त ने बीएसए को निर्देशित किया था कि जब तक कोई व्यवस्था नहीं होती है तब तक गांव मे दो शिक्षकों एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाया जाए, लेकिन अभी तक शिक्षा विभाग द्वारा गांव में इस बावत कोई पहल नहीं की गई।


No comments:
Write comments