DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Friday, May 5, 2017

गोरखपुर : परिषदीय शिक्षकों की पदोन्नति का बना मन, आठ तक जमा होंगे पदोन्नति के लिए छूटे पात्र शिक्षकों के साक्ष्य





बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय शिक्षकों को पदोन्नति देने का मन बना लिया है। विभाग ने पदोन्नति पाने वाले 268 शिक्षकों की सूची जारी कर दी है। इसके अलावा फरवरी 2010 तक नियुक्त शिक्षक जिनका नाम सूची में शामिल नहीं है, उन्हें भी साक्ष्य सहित खण्ड शिक्षाधिकारी से हस्ताक्षर कराकर आठ मई तक कार्यालय में आवेदन जमा करने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। 


ग्रामीण क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को पदोन्नति देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। छूटे हुए अध्यापकों को एक और मौका प्रदान किया गया है। आठ मई के बाद सूची पूरी होते ही डायट प्राचार्य काउंसिलिंग की तारीख तय कर देंगे। हालांकि, विभाग की जारी सूची में कई शिक्षकों का अन्तरजनपदीय स्थानान्तरण हो चुका है। इसको लेकर शिक्षक संगठनों में आक्रोश है। उनका कहना है कि सूची से अंतरजनपदीय शिक्षकों का नाम हटाया जाए। इसके बाद पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की जाए। संगठन का आरोप है कि सूची में कुछ ऐसे भी नाम हैं जिनकी मार्ग दुर्घटना में मौत हो चुकी है। पदोन्नति का मामला पिछले कई वर्ष से ही लटका पड़ा है। प्रत्येक वर्ष प्रधानाध्यापक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उनका पद रिक्त हो रहा है लेकिन पद नहीं भर पा रहा। ऐसे में पदोन्नति की प्रक्रिया अनिवार्य हो गई है। इसके लिए शिक्षक संगठन भी लगातार विभाग पर दबाव बनाए हुए हैं। इस वर्ष ही 156 शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए है। पिछले वर्ष 62 शिक्षक रिटायर्ड हुए, लेकिन उनकी जगह पर किसी अन्य की तैनाती नहीं हुई।

No comments:
Write comments