DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Wednesday, May 31, 2017

डिग्री पर पिता का नाम ऑप्शनल बनाएगी यूजीसी, मेनका गांधी की मांग पर एचआरडी मंत्रालय ने दी सैद्धांतिक मंजूरी

डिग्री में पिता का नाम लिखने को वैकल्पिक बनाने के महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी के सुझाव को एचआरडी मंत्रालय की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) इस प्रस्ताव पर जल्द काम शुरू करेगा। 




केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘हम इस विचार से सहमत हैं। कोई छात्र अपनी मां का नाम लिखना चाहता हैं या पिता का, यह उसकी पसंद पर निर्भर होना चाहिए। हमें इस अवधारणा में कोई आपत्ति नहीं है। यूजीसी इस पर जल्द  काम करेगा।’




मेनका ने अकेले अपने दम पर बच्चों का पालन-पोषण करने वाली माताओं की चिंता को उठाते हुए जावड़ेकर को पिछले महीने पत्र लिखा था और उनसे इस नियम को बदलने की मांग की थी, जिसके तहत छात्र के डिग्री प्रमाणपत्र में पिता का नाम लिखना जरूरी है। मेनका ने पत्र में लिखा कि ऐसी बहुत सी महिलाओं ने मुझसे संपर्क किया है जो अपने पति से अलग हो चुकी हैं और उन्हें पिता के नाम के बिना अपने बच्चों के लिए डिग्री प्रमाणपत्र पाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। विवाह का टूटना या पति-पत्नी के बीच अलगाव एक हकीकत है और नियमों में भी यह दिखना चाहिए।


No comments:
Write comments