DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Monday, May 22, 2017

बीएड कॉलेजों की सीटें रह जाएंगी आधी, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर (एनसीटीई) के मानकों से बीएड की सीट निर्धारण से लगेगा झटका

आगरा : अंबेडकर विवि से संबद्ध बीएड कॉलेजों को झटका लग सकता है। इस बार नेशनल काउंसिल फॉर टीचर (एनसीटीई) के मानकों से बीएड की सीटें निर्धारित की जाएंगी। ऐसे में सीटों की संख्या आधी हो सकती हैं। विवि से 458 बीएड कॉलेज संबद्ध हैं। इन कॉलेजों में बीएड की 60 से 100 सीटें हैं। विवि ने बीएड कॉलेजों से सीटों की संख्या, अनुमोदित शिक्षक और इन्फ्रास्ट्रक्चर का ब्योरा मांगा है। 122 बीएड कॉलेज ब्योरा दे चुके हैं, इन कॉलेजों में शिक्षकों की संख्या कम है। 





एनसीटीई के मानकों के तहत 50 छात्रों के लिए 10 और 100 छात्रों के लिए 16 शिक्षक होने चाहिए। मगर, अधिकांश बीएड कॉलेजों में शिक्षकों की संख्या पांच से छह ही है। इन कॉलेजों में 60 से 100 बीएड सीटों पर प्रवेश लिया जा रहा है। 1पीआरओ डॉ. गिरजा शंकर शर्मा ने बताया कि लखनऊ विवि को जून में बीएड (सत्र 2017-19) काउंसिलिंग करानी है। जिन कॉलेजों ने ऑनलाइन ब्योरा दे दिया है, उनकी सीटों का निर्धारण एनसीटीई के मानक से किया जा रहा है। ऑनलाइन ब्योरा न देने वाली बीएड कॉलेजों को काउंसिलिंग में शामिल नहीं किया जाएगा।


No comments:
Write comments