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Tuesday, May 2, 2017

रामपुर : 38 हजार की आबादी पर सिर्फ एक परिषदीय जूनियर स्कूल, मानक के बाद भी स्कूल न होने का मामला गम्भीर : एसडीएम


शाहबाद में समस्या

फैक्ट फाइल

जनसंख्या - 38276 (2011 की जनगणना के अनुसार)

क्षेत्रफल - 17.15 वर्ग किलोमीटर

प्राइमरी परिषदीय स्कूल- 6

जूनियर परिषदीय स्कूल- 1

ऐडेड स्कूल- 1, प्राइमरी व 1 जूनियर

फैक्ट फाइल

जनसंख्या - 38276 (2011 की जनगणना के अनुसार)

क्षेत्रफल - 17.15 वर्ग किलोमीटर

प्राइमरी परिषदीय स्कूल- 6

जूनियर परिषदीय स्कूल- 1

ऐडेड स्कूल- 1, प्राइमरी व 1 जूनियर


शाहबाद अंकित गुप्तासरकार भले ही प्राइमरी शिक्षा पर गम्भीर है। पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई छुट्टियां रद कर दीं। लेकिन सरकारी मशीनरी शिक्षा को लेकर संजीदा नहीं है। बच्चों को उच्च बेसिक शिक्षा उपलब्ध ही नहीं हो पा रही, सुधार तो बाद की बात है। शाहबाद नगर में छह परिषदीय प्राइमरी स्कूलों पर एक ही जूनियर स्कूल है। जिसके सहारे 38 हजार से ऊपर की आबादी वाला पूरा कस्बा है।शाहबाद नगर में सात परिषदीय विद्यालय हैं। जिसमें छह प्राइमरी और एक जूनियर हाईस्कूल शामिल है। एक ऐडेड प्राइमरी और एक ऐडेड जूनियर भी है। कस्बे का एकमात्र परिषदीय जूनियर स्कूल भी नगर के बाहरी छोर पर बसे मोहल्ला भीतरगांव में स्थित है। ऐसे में कस्बे में परिषदीय उच्च विद्यालय का होना न होना बराबर है। भीतरगांव को छोड़कर पूरा कस्बा इससे अछूता रहता है। इस स्थिति में प्राइमरी के बाद नौनिहालों के सामने पढ़ाई की चुनौती मुंह बाएं खड़ी हो जाती है। भीतरगांव में बने जूनियर स्कूल की दूरी भी तहसील मुख्यालय से कमोवेश चार किलोमीटर है। परिषदीय प्राइमरी के बच्चों को कक्षा पांच के बाद निजी या ऐडेड स्कूलों में प्रवेश मजबूरी है।नौ सौ की आबादी, तीन किमी का मानक: शाहबाद। भारत सरकार के सर्व शिक्षा अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर कोई भी परिषदीय जूनियर स्कूल खोले जाने के लिए कम से कम नौ सौ की आबादी और तीन किलोमीटर दायरे का मानक है। लेकिन नगर पंचायत स्तर पर आकर मानक में जरूरत के हिसाब से तब्दीली की जा सकती है। दायरे को छोड़ सिर्फ जनसंख्या के आधार पर स्कूलों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए विभाग मांग करेगा।

मानक के बाद भी स्कूल न होने का मामला गम्भीर है। विभाग के अफसरों से इस संबंध में बात की जाएगी। जरूरत है तो जमीन भी तलाशी जाएगी।-बी.प्रसाद, एसडीएम शाहबाद

मानक के बाद भी स्कूल न होने का मामला गम्भीर है। विभाग के अफसरों से इस संबंध में बात की जाएगी। जरूरत है तो जमीन भी तलाशी जाएगी।-बी.प्रसाद, एसडीएम शाहबाद

शाहबाद नगर पंचायत में आबादी बढ़ते-बढ़ते अधिक हो गई। स्कूल पुराने समय के खुले हुए हैं। वैसे तो सरकारी इंटर कालेज व ऐडेड स्कूलों में सारी सुविधाएं देते हैं। लेकिन आबादी ज्यादा है तो स्कूल खुलना चाहिए। हम अगला बजट आने पर मांग करेंगे।-त्रिलोकीनाथ, प्रभारी बीएसए रामपुर

शाहबाद नगर पंचायत में आबादी बढ़ते-बढ़ते अधिक हो गई। स्कूल पुराने समय के खुले हुए हैं। वैसे तो सरकारी इंटर कालेज व ऐडेड स्कूलों में सारी सुविधाएं देते हैं। लेकिन आबादी ज्यादा है तो स्कूल खुलना चाहिए। हम अगला बजट आने पर मांग करेंगे।-त्रिलोकीनाथ, प्रभारी बीएसए रामपुर


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