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Wednesday, May 24, 2017

सावधानी ही बचाव, मुकदमें का भी प्रावधान, नही लगी महंगाई की मार, छह वर्षो से दो सौ रुपये में तैयार हो रही बच्चों की यूनिफार्म!

राहुल जायसवाल, दरियाबाद (बाराबंकी) : महंगाई बढ़ी, कपड़ों के दाम में बढ़ोत्तरी हुई, सिलाई के रेट में इजाफा हुआ लेकिन यूनिफार्म की धनराशि वही की वही है। छह वर्षों से दो सौ रुपये में ड्रेस दी जा रही है। इतने कम पैसों में गुणवत्ता भी होनी चाहिए। इस बार भी दो सौ रुपये में बच्चों को यूनिफार्म देने की तैयारी है।

राजकीय, परिषदीय, सहायता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के अलावा मदरसों में अध्ययनरत कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्रओं को दो सेट मुफ्त यूनीफार्म उपलब्ध कराया जाता है। योगी सरकार ने खाकी कलर की ड्रेस की जगह भूरे रंग का फुल ट्राउजर व स्कर्ट और गुलाबी रंग की चेक पैटर्न में भूरे रंग की कॉलर वाली शर्ट निर्धारित किया है। यूनीफार्म का रेट पिछले छह वर्षों से वही है। महंगाई कहां से कहां पहुंच गई लेकिन यूनिफार्म की कीमत पुराने दर पर ही निर्धारित है। दर्जी के मुताबिक सामान्य गुणवत्ता की एक यूनिफार्म 500 सौ रुपये में तैयार होगी। शिक्षक आशुतोष आनंद अवस्थी कहते हैं कि सरकार को महंगाई देखते हुए रेट बढ़ाना चाहिए। 1ड्रेस के नाम पर खानापूरी : 400 रुपए में दो जोड़ी यूनीफार्म परिषदीय विद्यालयों में वितरण होती आ रही है। सभी जगह रेडीमेड ही यूनीफार्म की खरीदी जाती है। यूनीफार्म के लिए कपड़ा खरीद व टेलर से सिलाई का बिल लगा खानापूरी की जाती है। जिसके कारण ही ड्रेस साल भर नहीं चलती।

यह है सरकार का आदेश : मुख्य सचिव ने सभी मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को 11 मई को पत्र भेजकर शासन द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार एक से 15 जुलाई के बीच गुणवत्तायुक्त यूनीफार्म वितरित कराने का निर्देश दिया है। कपड़ा टेंडर व कोटेशन से खरीद कर छात्रों की नाप टेलर से कराकर यूनीफार्म बनाई जाए। 175 प्रतिशत ही तत्काल भुगतान : ड्रेस वितरण के बाद 75 प्रतिशत ही भुगतान विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा आपूर्तिकर्ता को किया जाता है। बाकी 25 प्रतिशत धनराशि सैंपल से मिलान करने के बाद छात्रों की फिटिंग ठीक मिलने और जनपद स्तरीय समिति द्वारा गठित टास्क फोर्स के निरीक्षण के एक माह बाद कपड़े की गुणवत्ता देखकर किया जाता है।

मुकदमें का भी प्रावधान : विद्यालय स्तर पर निरीक्षण के समय सैंपल न मिलने अथवा बिना सैंपल के भुगतान किए जाने पर संबंधित प्रधानाध्यापक, अध्यक्ष, विद्यालय प्रबंध समिति के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराकर भुगतान की धनराशि की रिकवरी बीईओ से कराने का प्राविधान है। 110 वर्ष के छात्र-छात्रओं के यूनीफार्म में कपड़ा : शर्ट के लिए पौने दो मीटर व पैंट के लिए एक मीटर। वहीं छात्र की शर्ट में पौने दो मीटर, स्कर्ट में एक मीटर तथा सलवार व कुर्ता में 4 मीटर कपड़ा लगता है। सलवार-सूट की सिलाई का रेट 120-150 रुपये है

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