DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कैसरगंज कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महाराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फर नगर मुजफ्फरनगर मुज़फ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी मैनपूरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Friday, May 5, 2017

संभल : चिंता का विषय बना जारी फरमान, बिना प्रशिक्षक कैसे होगा पालन, स्कूलों में योग जरूरी लेकिन कराएगा कौन ?

प्रदेश स्तर पर परिषदीय स्कूलों के बच्चों को योग कराने का फरमान जारी कर दिया गया है। लेकिन शासन की ओर से शिक्षकों को योग का किसी प्रकार का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। ऐसे में शिक्षक चिंतित हैं कि किस प्रकार स्कूलों में पहुंचकर प्रार्थना के बाद योग की शिक्षा दी जाए। 1सत्ता परिवर्तन के बाद परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार नित नये प्रयोग करने में जुटी हुई है। छह अप्रैल को शासन द्वारा जारी की गई समय सारणी में योग को भी स्थान दिया गया है। इससे न केवल बच्चों को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा बल्कि उनका मानसिक विकास भी होगा। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को अब सबसे पहले प्रार्थना कराई जाएगी। राष्ट्रगान के बाद प्रतिदिन योग की कक्षा लगेगी। साथ ही उनके बौद्धिक विकास के लिए प्रतिदिन बाल सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इसमें शिक्षक बच्चों को महापुरुषों के जीवन की गाथाएं सुनाकर उन्हें महापुरुषों के पदचिह्नें पर चलने के लिए प्रेरित करेंगे।

शासन की यह मंशा तो सही है लेकिन इसके अनुरुप कार्य कैसे किया जाएगा। दरअसल बच्चों को योग की शिक्षा देने के लिए शिक्षकों को किसी प्रकार की ट्रेनिंग नहीं दी गई है। अब शिक्षक में हैं कि किस प्रकार बच्चों को योग का प्रशिक्षण दिया जाए

No comments:
Write comments