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Monday, July 31, 2017

फिरोजाबाद : शिक्षामित्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, समायोजन रद्द होने से तनाव में था, फरेहा के खुशकपुरा की घटना

फिरोजाबाद : शिक्षामित्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, समायोजन रद्द होने से तनाव में था, फरेहा के खुशकपुरा की घटना

शिक्षामित्रों की अपर मुख्य सचिव से वार्ता विफल होने के बाद संभावित प्रदर्शन को देखते हुए अलर्ट जारी, डीजीपी मुख्यालय ने सभी जिलों को दिए सख्त कार्यवाही के निर्देश

शिक्षामित्रों की अपर मुख्य सचिव से वार्ता विफल होने के बाद संभावित प्रदर्शन को देखते हुए अलर्ट जारी, डीजीपी मुख्यालय ने सभी जिलों को दिए सख्त कार्यवाही के निर्देश


शासन द्वारा टेट वेटेज और बढ़े मानदेय का प्रस्ताव शिक्षामित्र संगठनों को मंजूर नहीं, मीटिंग विफल

शासन द्वारा टेट वेटेज और बढ़े मानदेय का प्रस्ताव शिक्षामित्र संगठनों को मंजूर नहीं, मीटिंग विफल।

महराजगंज : आयरन की गोली खाने से प्राथमिक विद्यालय रमवापुर के दर्जन भर बच्चे हुए बीमार, गंभीर हालत में बच्चों को भेजा गया अस्पताल

महराजगंज : आयरन की गोली खाने से प्राथमिक विद्यालय रमवापुर के दर्जन भर बच्चे हुए बीमार, गंभीर हालत में बच्चौं को भेजा गया अस्पताल।

मीरजापुर : हाइवे जाम करने वाले 500 अज्ञात और 22 नामजद शिक्षामित्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

मीरजापुर : हाइवे जाम करने वाले 500 अज्ञात और 22 नामजद शिक्षामित्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज।

बेसिक शिक्षा निदेशक से मिले शिक्षामित्र, एक घंटे तक चली बैठक,शिक्षा मित्रों ने जल्द समाधान की करी मांग

बेसिक शिक्षा निदेशक से मिले शिक्षामित्र, एक घंटे तक चली बैठक,शिक्षा मित्रों ने जल्द समाधान की करी मांग

सहारनपुर : सरप्लस शिक्षकों के समायोजन के मामले में प्रभावित शिक्षकों को मिल सकती है संजीवनी, शिक्षामित्र समायोजन रद्द होने से समायोजन प्रक्रिया पर लगा विराम

सहारनपुर : सरप्लस शिक्षकों के समायोजन के मामले में प्रभावित शिक्षकों को संजीवनी मिल सकती है। कई जिलों में समायोजन प्रक्रिया स्थगित होने का तर्क देते हुए शिक्षक संघों ने शासन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। स्कूलों में कार्यभार ग्रहण न करने वाले शिक्षक अब अपने ही साथियों की आंखों की किरकिरी बनने लगे हैं।

परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में बदली परिस्थितियों के कारण समायोजन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। बताते हैं कि शासन के निर्देशों के अनुपालन में समायोजन प्रक्रिया 15 जुलाई तक पूरी की जानी थी। तकरीबन सभी जिलों में प्रक्रिया को पूरा करने के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई आरंभ हुई। जिले में विभाग द्वारा जारी सरप्लस शिक्षकों की सूची में प्राथमिक में 611 तथा जूनियर में 117 नाम थे। कई शिक्षक संघों के विरोध के चलते 20 जुलाई को काउंसिलिंग संपन्न हुई और 21 को विभाग द्वारा 300 शिक्षकों को नए स्कूल आवंटित करने संबंधी पत्र जारी कर दिए गए। खंड शिक्षा अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वे अपने-अपने ब्लाक में संबंधित शिक्षकों को पत्र देने का काम करें। हालांकि काउंसिलिंग में स्वेच्छा से स्कूल चुनने वाले शिक्षकों ने भी पत्र के मिलते ही विरोध शुरू कर दिया। कई ने विभाग के उच्चाधिकारियों और सत्तापक्ष के नेताओं के माध्यम से विभाग पर दबाव बनाना शुरू किया। दबाव के चलते स्थानीय अधिकारी भी परेशान हो गए।

विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 300 में से 40 प्रतिशत शिक्षकों ने नए स्कूलों में कार्यभार ग्रहण किया है। खंड शिक्षा अधिकारियों से इसके लिए विवरण मांगा जा चुका है। नए स्कूलों में कार्यभार ग्रहण न करने वाले शिक्षकों को यह संतोष है कि बदली परिस्थितियों में अब उन्हें पुराने स्कूलों से हटाने के लिए दबाव नही बनाया जायेगा। दूसरी ओर कई अन्य जिलों में समायोजन प्रक्रिया की धीमी रफ्तार का शिक्षकों को भरपूर फायदा मिला। शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द होने का आदेश आने के साथ ही अधिकारियों ने समायोजन प्रक्रिया पर विराम लगा दिया। उनका तर्क था कि शिक्षा मित्रों को अलग कर देने के बाद स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात स्वत: ही सही हो गया है।

लखनऊ : पुरानी पेंशन और तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण के लिए संघर्ष करेगा माध्यमिक शिक्षक संघ

लखनऊ : पुरानी पेंशन और तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण के लिए संघर्ष करेगा माध्यमिक शिक्षक संघ।

राज्यपाल करेंगे शिक्षामित्रों के मसले पर सीएम से बात, शिक्षामित्रों को मिला आश्वासन

राज्यपाल करेंगे शिक्षामित्रों के मसले पर सीएम से बात, शिक्षामित्रों को मिला आश्वासन।

गाजीपुर : आज शाम शासन और संगठन के प्रदेश नेतृत्व से होने वाली वार्ता पर टिकी हैं नजरें, मौखिक दबाव पर नहीं झुकेंगे शिक्षामित्र


आक्रोश
शिक्षामित्र हैं तनाव में

शिक्षामित्र घायल
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ मरदह ब्लाक अध्यक्ष कल्पनाथ यादव लंका अंधऊ बाइपास मार्ग पर आसमानी चक के पास सड़क दुर्घटना में घायल हो गए। वह विकास भवन में चल रहे धरने में शामिल होने आ रहे थे। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा सहायक शिक्षक पद पर समायोजन रद करने के बाद ित शिक्षामित्रों का धरना पांचवे दिन रविवार को भी जारी रहा। पांचवें दिन शिक्षामित्रों ने धरना स्थल विकास भवन में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मामला हल होने तक धरना प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प दोहराया।

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष रामप्रताप सिंह यादव ने कहा कि यह हमारे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण लड़ाई है और किसी को भी हिम्मत नहीं हारना है। संघर्ष के बल पर सरकार को इतना मजबूर कर देना है कि वह हमारी मांग पूरी करने पर विवश हो जाए। सरकार अधिकारियों के माध्यम से हम लोगों पर स्कूल जाने के लिए दबाव बना रही है, लेकिन मौखिक दबाव से शिक्षामित्र नहीं झुकेंगे। किसी लिखित आदेश के बाद ही हम लोग विद्यालय में लौटेंगे। यह शिक्षामित्रों के जीवन मरण का प्रश्न है।

आदर्श समायोजित शिक्षक संघ वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशोक राय ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के पांच दिन बाद भी सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। यह उसकी उदासीनता की पराकाष्ठा है। इसे शिक्षामित्र किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। कहा कि सोमवार की शाम प्रदेश नेतृत्व और शासन से वार्ता होनी है, इसमें प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र शाही सहित अन्य पदाधिकारी शामिल होंगे। शिक्षामित्र इस समय गंभीर तनाव में चल रहे हैं। धरने में छोटेलाल यादव, रामानंद, अर¨वद राय, संजय, अंबिका दुबे, दुर्गेश प्रताप सिंह, विकास, संतोष राय, रामप्रताप, अजय राय, अनीता, ¨डपल, सरिता, माया साहू, राजेश यादव, अरूण, कैलाश अमित, अर¨वद, राजेश, प्रमिला, नाजिया आदि शामिल रहीं

।विकास भवन परिसर में अर्ध वस्त्र में प्रदर्शन करते शिक्षामित्र

अपनी मांगों को लेकर पांचवे दिन भी दिया धरना

सरकार पर लगाया लापरवाही करने का आरोप

अलीगढ़ : समायोजन रद्द होने के सदमे में 2 शिक्षमित्रों की मृत्यु, साथी की मृत्यु के बाद आंदोलन तेज करने की तैयारी

अलीगढ़ : समायोजन रद्द होने के सदमे में 2 शिक्षमित्रों की मृत्यु, साथी की मृत्यु के बाद आंदोलन तेज करने की तैयारी।

कानपुर : शिक्षमित्रों का राष्ट्रपति के नगर आवास पर मांगपत्र सौंपने का प्रयास, पुलिस से नोकझोंक के बाद एसीएम-6 को दिया मांगपत्र

कानपुर : शिक्षमित्रों का राष्ट्रपति के नगर आवास पर मांगपत्र सौंपने का प्रयास, पुलिस से नोकझोंक के बाद एसीएम-6 को दिया मांगपत्र।

गोरखपुर : आंदोलनरत शिक्षामित्रों ने सांसदों के आवास पर किया प्रदर्शन, सौंपा 2 सूत्रीय ज्ञापन

गोरखपुर : आंदोलनरत शिक्षामित्रों ने सांसदों के आवास पर किया प्रदर्शन, सौंपा 2 सूत्रीय ज्ञापन।

उच्च योग्यता वाले बेसिक शिक्षकों की माध्यमिक में हो पदोन्नति, आदर्श शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की मांग

उच्च योग्यता वाले बेसिक शिक्षकों की माध्यमिक में हो पदोन्नति, आदर्श शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की मांग।


टीईटी पास बीएड अभ्यर्थियों ने मांगी नियुक्ति,  72825 के अवशेष पदों पर नियुक्ति के लिए धरना देकर उठाई आवाज

टीईटी पास बीएड अभ्यर्थियों ने मांगी नियुक्ति,  72825 के अवशेष पदों पर नियुक्ति के लिए धरना देकर उठाई आवाज।


जालौन : शिक्षक संगठनों ने भरी हुँकार, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन, पाँचवे दिन भी जारी रहा शिक्षामित्रों का आंदोलन

जालौन : शिक्षक संगठनों ने भरी हुँकार, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन, पाँचवे दिन भी जारी रहा शिक्षामित्रों का आंदोलन

अंकपत्र जारी नहीं होने पर घिरा आयोग, आठ माह बाद भी अभ्यर्थियों को नहीं पता कितने नम्बर मिले, आरो-एआरओ 2014 परीक्षा को लेकर विवाद

अंकपत्र जारी नहीं होने पर घिरा आयोग, आठ माह बाद भी अभ्यर्थियों को नहीं पता कितने नम्बर मिले, आरो-एआरओ 2014 परीक्षा को लेकर विवाद।


मीरजापुर : मीरजापुर में हाईवे जाम करने वाले 22 शिक्षामित्रों के खिलाफ नामजद और 500 अज्ञात के खिलाफ डीएम ने कराया मुकदमा दर्ज

मीरजापुर : मीरजापुर में हाईवे जाम करने वाले 22 शिक्षामित्रों के खिलाफ नामजद और 500 अज्ञात के खिलाफ डीएम ने मुकदमा दर्ज किया है। शिक्षामित्रों का पांचवे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। 



वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्राथमिक विद्यालयों से सहायक अध्यापक पद से हटाए गए शिक्षामित्रों ने बहाली की मांग को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री व जिले की सांसद अनुप्रिया पटेल के भरूहना स्थित जनसम्पर्क कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान जुटे शिक्षामित्रों ने राज्यमंत्री को पत्र सौंपकर सहायक अध्यापक के पद पर बहाली के लिए कानून में बदलाव कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रखेंगे। 




⚫ बस्ती : गोंडा में शिक्षामित्रों ने रविवार को अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट में नारेबाजी करने के बाद गुस्साए शिक्षामित्रों ने करीब एक घंटे सड़क जाम रखी। वहीं, बस्ती में महिला शिक्षमित्रों ने सहानुभूति पाने का नया तरीका अपनाते हुए रूधौली के बीजेपी विधायक संजय जायसवाल को रखी बांधकर उनसे नौकरी बचाने का वचन लिया। 


 

⚫ फैजाबाद : शिक्षामित्रों का आंदोलन पांचवें दिन भी बीएसए कार्यालय परिसर में जारी रहा। रविवार को शिक्षामित्रों ने भूख हड़ताल की और  नगर की सड़कों पर जुलूस निकाल सीएम योगी व पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। 





⚫ अंबेडकरनगर : आंदोलन के पांचवें दिन शिक्षामित्रों ने रविवार को धरना देने के बाद मार्च किया। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष केके दुबे के नेतृत्व में आंदोलन कर रहे शिक्षामित्रों ने शनिवार को सांसद हरिओम पाण्डेय का आवास घेर कर प्रदर्शन किया था। 

अवैध पंजीयन पर यूपी बोर्ड हुआ खफा, माध्यमिक शिक्षा सचिव ने दिए सत्यापन और जांच के आदेश

अवैध पंजीयन पर यूपी बोर्ड हुआ खफा, माध्यमिक शिक्षा सचिव ने दिए सत्यापन और जांच के आदेश।


महराजगंज : समायोजन रद्द होने से आक्रोशित शिक्षामित्रों ने बैठक कर आर-पार की लड़ाई की बनाई रणनीति

महराजगंज : समायोजन रद्द होने से आक्रोशित शिक्षामित्रों ने बैठक कर आर-पार की लड़ाई की बनाई रणनीति।

महराजगंज : अटेवा के बैनर तले पुरानी पेंशन की बहाली हेतु शिक्षकों की रणनीतिक बैठक सम्पन्न, 10 सदस्यीय जिला कोर कमेटी का हुआ गठन

महराजगंज : पूरे देश में एक तरह की व्यवस्था देने को लेकर सरकार गंभीर है, लेकिन दुर्भाग्य है कि देश में एक तरह की पेंशन की व्यवस्था नहीं है। नए कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ न देकर उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। पुरानी पेंशन की बहाली के लिए अटेवा (आल टीचर इंप्लाइ वेलफेयर एसोसिएशन) द्वारा जनांदोलन चलाया जाएगा। यह बातें नगर के जीएसवीएस इंटर कालेज में रविवार को आयोजित शिक्षकों की को संबोधित करते हुए अटेवा के प्रदेशीय संगठन मंत्री राजीव यादव ने कहीं। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन की जहां काफी उपयोगिता है, वहीं नई पेंशन से शिक्षकों व कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। सभी शिक्षक व कर्मचारी संगठित होकर पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली का प्रयास करें। बैठक के दौरान 10 सदस्यीय जिला कोर कमेटी का गठन किया गया। कोर कमेटी में राजेश जायसवाल, प्रयागनाथ मिश्र, आदित्यनाथ शुक्ल, मुकेश, नवीन श्रीवास्तव, राजेश धारिया, तेजबहादुर पाल, रामजनम मौर्या, कादिर खान व देवेंद्र पांडेयको शामिल किया गया है। इस दौरान लक्ष्मी प्रसाद, हीरालाल, अशोक कुमार, कृष्ण कुमार, दिनेश प्रसाद, संतोष शर्मा, अजय कुमार, परशुराम कन्नौजिया, सुनील यादव, अरविंद दुबे, अखिलेश सिंह, रामजनम मौर्या, मांगेश्वर गौतम आदि मौजूद रहे।


Sunday, July 30, 2017

कानपुर देहात : आयकर विभाग का बीएसए ऑफिस पर धावा, टीडीएस कटौती में मिली अनियमितता, ऑफलाइन जारी हो रहे थे फॉर्म 16, बीएसए को किया तलब

कानपुर देहात : आयकर विभाग का बीएसए ऑफिस पर धावा, टीडीएस कटौती में मिली अनियमितता, ऑफलाइन जारी हो रहे थे फॉर्म 16, बीएसए को किया तलब

आजमगढ़ : ड्यूटी न करने पर लाभ से वंचित होंगे शिक्षामित्र, आंदोलन कर रहे शिक्षामित्रों के लिए सरकार खुद लेगी निर्णय

जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द करने के बाद आक्रोश कम करने के लिए शासन ने पहल करनी शुरू कर दी है। शासन के निर्देश पर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश से अवगत करा दिया गया है कि वह अपने क्षेत्र के शिक्षामित्रों को निर्धारित स्कूलों में पढ़ाने का निर्देश दें। शिक्षामित्रों पर अग्रिम आदेश पर उचित निर्णय लिया जाएगा। इसलिए शिक्षामित्र छात्रों को पहले की तरह शिक्षा दें। चेताया कि आंदोलन पर उतारू शिक्षामित्र सरकार के अग्रिम आदेश के लाभ से वंचित हो जाएंगे।

जनपद में कुल 3384 शिक्षामित्र तैनात हैं। इसमें से 2200 शिक्षामित्रों का समायोजन कर वर्ष 2015 से ही सहायक अध्यापक बना दिया गया। यह जनपद के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों पर तैनात भी कर दिए गए थे। यही नहीं शिक्षामित्रों को बकायदा वेतन भी मिल रहा था। सातवें वेतन का लाभ भी पा रहे थे। बुधवार की सुबह सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके समायोजन रद किए जाने की सूचना मिली तो उनमें उबाल आ गया। शिक्षामित्र जिला मुख्यालय स्थित कुंवर सिंह उद्यान में उसी दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां तक शिक्षा मित्र इच्छामृत्यु तक की बात कह चुके हैं। शनिवार को भी शिक्षकों का धरना प्रदर्शन कुंवर सिंह उद्यान में जारी रहा। दूसरी तरफ अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा का आदेश बेसिक शिक्षाधिकारी अशोक कुमार के यहां पहुंच गया है। जनपद के खंड शिक्षा अधिकारियों को उन्होंने आदेश से अवगत करा दिया। आदेश में कहा गया है कि शिक्षामित्र हर हाल में जहां तैनात हैं वहां अपनी ड्यूटी करें। उनके लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह से पहल कर रही हैं। उनके साथ हर हाल में न्याय किया जाएगा। ऐसे में वह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें। समायोजित शिक्षामित्रों के अचानक आंदोलन की वजह से प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई व्यवस्था चरमरा गई है। बीएसए ने कहा कि शिक्षामित्र आंदोलन को छोड़कर अपने-अपने विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य शुरू कर दें। ड्यूटी न करने वाले शिक्षामित्रों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सहारनपुर : शिक्षामित्र रहे न शिक्षक, गुस्से में बिगड़ रहे बोल, खूनी तो कोई बना रहा आतंकी


⚫शिक्षामित्र रहे न शिक्षक
⚫धरने से ठप हो रहे बेरीबाग स्थित दोनों स्कूल
⚫बिगड़ रहे बोल, खूनी तो कोई बना रहा आतंकी

समायोजन के दौरान शिक्षामित्रों ने शिक्षामित्र पद से इस्तीफा दे दिया था और सहायक शिक्षक पद पर नई तैनाती की। अब शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया गया है। ऐसे में समायोजित किए गए शिक्षक न शिक्षक रहे और न ही शिक्षामित्र। शिक्षामित्रों को किस पद व वेतन पर वापस स्कूल में भेजा जाए, इस संबंध में भी स्थिति साफ नहीं की गई। बीएसए को भी जानकारी नहीं है।
शिक्षामित्र बेरीबाग स्थित बीएसए कार्यालय में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे कार्यालय का तो कार्य प्रभावित हो ही रहा है साथ में कार्यालय परिसर स्थित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी शिक्षण कार्य ठप हो रहा है। शिक्षक और बच्चे स्कूल तो पहुंच रहे हैं, मगर स्पीकर के शोर में बच्चे पढ़ नहीं पा रहे।
सहारनपुर हमारे संवाददाताजिले में शिक्षा का माहौल खराब हो रहा है। जिन कंधों पर समाज का भविष्य बनाने की जिम्मेदारी है, उन्हीं के बोल बिगड़ते जा रहे हैं। समायोजन रद्द होने पर शिक्षामित्र धरने के दौरान उग्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। अब छापेमारी के विरोध में मान्यता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों ने खूनी बनने की बात कही है। अपनी-अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन में शामिल जिले के शिक्षक उग्र भाषा का खुलकर प्रयोग कर रहे हैं। अच्छी शिक्षा प्रदान करके युवा वर्ग को शिक्षित और अनुसाशित करने वाले शिक्षकों के बोल बिगड़ चुके हैं। शिक्षामित्रों के धरने के दौरान एक शिक्षक ने बच्चों को आतंकी और उग्रवादी बनाने की बात कही तो छापेमारी के विरोध में शनिवार को डीआईओएस कार्यालय पहुंचे। मान्यता प्राप्त शिक्षकों ने खूनी बनने की बात कही। हाल ही में डीआईओएस ने चार स्कूलों में छापेमारी की। स्कूलों में अवैध कक्षाओं का संचालन होता मिला तो एक-एक लाख रुपये जुर्माना और स्कूलों की मान्यता रद्द करने के निर्देश दिए गए। इससे नाराज शिक्षकों ने शनिवार को डीआईओएस कार्यालय का घेराव किया। एक बाबू के निधन के कारण कोई नहीं मिला। प्रदेश अध्यक्ष अशोक मलिक ने कहा कि बिना नोटिस के छापेमारी की तो अधिकारियों को स्कूल में घुसने नहीं दिया जाएगा। शिक्षकों की जीविका छीनी गई तो स्कूल संचालक खूनी बन जाएंगे। डीआईओएस द्वितीय के कार्यालय पहुंचने पर उन्हें 16 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। शिक्षकों ने दो अगस्त को दोबारा घेराव की चेतावनी दी है। सुशील रोहिला, बीएन पांडेय, धन्नंजय शर्मा रहे।
शनिवार को सहारनपुर में बेरीबाग स्थित बीएसए कार्यालय पर धरना देते शिक्षामित्र।

कुशीनगर : शिक्षामित्रों का धरना/विरोध जारी, बंद कराए विद्यालय, बेपटरी हुई शिक्षा व्यवस्था

जागरण संवाददाता, कसया, कुशीनगर:
सुप्रीम कोर्ट से समायोजन निरस्त किए जाने से नाराज शिक्षा मित्रों ने चौथे दिन शनिवार को भी विरोध दर्ज कराया। बीआरसी पहुंच कर धरना दिया और खंड शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष सुरेश रावत और महामंत्री नीरज श्रीवास्तव ने समर्थन दिया और कहा कि संगठन संकट की इस घड़ी में उनके साथ है। गोपाल यादव ने कहा कि कोर्ट ने 17 वर्ष के अनुभव को दरकिनार कर दिया, जिससे समायोजित शिक्षा मित्र आज सड़क पर हैं। सरकार नियम में संशोधन कर पुन: शिक्षक का पद कायम करे। संजय सिंह ने कहा कि सरकार नियम बनाकर सम्मान बहाल करे। नेताओं ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने इस मामले कोई ठोस और सम्मान जनक निर्णय नहीं लिया तो संघ लखनऊ और दिल्ली में अनवरत धरना करेगा। इस अवसर पर शिक्षक भगवंत सिंह, राजकुमार पांडेय, प्रमोद सिंह, रवींद्र प्रसाद, संजय सिंह, कुंती वर्मा, निगम, माधुरी सिंह, सरोज कुशवाहा, अनीता कुशवाहा, चंद्रप्रकाश वर्मा, संध्या मणि आदि मौजूद रहे। 



शिक्षामित्रों ने बीआरसी में लगाया ताला कप्तानगंज, कुशीनगर:
विकास खंड के शिक्षामित्रों ने शनिवार को उपनगर सहित कुछ प्राथमिक स्कूलों में पठन-पाठन ठप करा ब्लाक संसाधन केंद्र में ताला बंद कर प्रदर्शन किया। उन्होंने विधायक रामानंद बौद्ध के आवास पर पहुंच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंप निराकरण कराने की मांग की। विधायक ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के साथ है, कोई ऐसा कार्य न करें, जिससे कानून का उल्लंघन हो। शिक्षामित्रों का समूह सुबह करीब आठ बजे बीआरसी में पहुंचा और जुलूस निकाल नारेबाजी करते हुए बगल में स्थित प्राथमिक स्कूल को बंद करा दिया। ब्लाक संसाधन केंद्र में ताला बंद कर धरने पर बैठ गए। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के चलते लाखों घरों के चूल्हे बुझ गए हैं। शिक्षामित्रों के समक्ष जीविकोपार्जन की समस्या खड़ी हो गई है। अब हम लोगों के समक्ष आत्महत्या के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं दिख रहा। इस मौके पर किरन मद्धेशिया, पूर्णिमा श्रीवास्तव, प्रियंका पांडेय, राजेश गुप्ता, राधिका देवी, होरिल प्रसाद, खुश्बू, ज्ञानेश शुक्ला आदि मौजूद रहे।


आक्रोशित समायोजित शिक्षकों ने बंद कराया 644 परिषदीय विद्यालय सेवरही, कुशीनगर:
उच्चतम न्यायालय द्वारा समायोजन रद्द करने के आदेश को लेकर तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के समायोजित शिक्षकों ने शनिवार को सभी परिषदीय विद्यालयों को बंद कराकर अपना विरोध जताया। तहसील क्षेत्र के तीन विकास खंड सेवरही में 150 प्राथमिक व 49 पूर्व माध्यमिक, दुदही में 163 प्राथमिक व 60 पूर्व माध्यमिक तथा तमकुही 164 प्राथमिक व 58 पूर्व माध्यमिक सहित कुल 644 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें से सेवरही में 14, दुदही 11 व तमकुही में 12 प्राथमिक विद्यालयों सहित कुल 37 प्राथमिक विद्यालयों का पठन-पाठन पूरी तरह समायोजित शिक्षकों के जिम्मे था। इन विद्यालयों पर समायोजित शिक्षकों के न आने से बुधवार से ही ताला लटक रहा है। गुरुवार को उक्त के अतिरिक्त अन्य विद्यालयों को भी बंद कराया गया। शनिवार को समायोजित शिक्षकों ने टोली बनाकर विकास खंडवार तहसील क्षेत्र के सभी 644 विद्यालयों को बंद करा दिया। छात्र तो घर चले गए, लेकिन शिक्षक विद्यालयों पर मौजूद रहे।


खड्डा संवाददाता के अनुसार विकास खंड के दर्जनों विद्यालयों को बंद कराते हुए बंजारीपट्टी गांव में स्थित बीआरसी कार्यालय पर शनिवार को जुटे शिक्षामित्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में ताला जड़ दिया। कहा कि सरकार अगर समस्याओं का निदान नहीं करती है तो शिक्षामित्र आर पार की लड़ाई लड़ेंगे। समायोजित शिक्षक राजा राय के अगुवाई में जुटे शिक्षामित्रों ने बीइओ कार्यालय में तालाबंद कर दिया। शिक्षामित्रों ने कहा कि पूर्व की सपा सरकार इस मामले में पूरी तरह गंभीर नहीं थी। सरकार अगर सजग रहती तो यह नौबत नहीं आती। कहा कि शिक्षामित्रों की समस्याओं को लेकर योगी सरकार भी उदासीन है। सरकार अगर चाहे तो प्रदेश स्तर पर ही इस मामले का समाधान निकल सकता है। राजनैतिक कारणों से सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है। जिससे उनके समक्ष अनिश्चितता का माहौल बना है । समस्या का कोई हल नहीं निकला तो संघर्ष जारी रहेगा।


शिक्षामित्रों के आक्रोश व उनके द्वारा तालाबंदी के रूख को देखकर मौजूद खंड शिक्षा अधिकारी व कार्यालय के कर्मचारी बाहर चले गए। इस दौरान अनवर अली, शशि पाल सिंह, संजय श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार राय, अनिल जायसवाल, उमेश यादव, रितेश, दीनानाथ, सुनीता, अनीता, रीमा, निर्मला, सारिका, सरिता, नीतू, स्नेहलता, कनकलता, अलीहसन, आसामा, गरिमा, रमेश, उत्तम, जो¨गदर, जोखन, बसंती, शकुंतला, श्याम बहादुर, सुधीर पांडेय, मनोज राय, आनंदकर, सिद्धेश्वर, बबलू, उदयमल, नंदकिशोर, राणा प्रताप आदि मौजूद रहे।1कुशीनगर संवाददाता के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लगातार चौथे दिन शनिवार को शिक्षा मित्र से समायोजित शिक्षक कार्य बहिष्कार किए। इसके चलते विकास खंड के सात विद्यालय पूर्णतया बन्द रहे। इन विद्यालयों में केवल समायोजित शिक्षक ही नियुक्त हैं।


खंड शिक्षा अधिकारी एसपी मौर्या ने बताया कि सालिकपुर, महदेवा, रामनगर, मलहिया, उधौछपरा, लक्ष्मीपुर परड़हवा सहित सात ग्राम सभाओं में स्थित विद्यालय शनिवार को शनिवार को बंद रहे। जिनमें से कुछ में वैकल्पिक व्यवस्था करके खुलवाया गया है। जबकि कुछ विद्यालय पूर्णतया बंद है। सोमवार से ऐसे सभी विद्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था करके शिक्षण कार्य कराया जाएगा।विधायक रामानंद बौद्ध से बातचीत करते शिक्षामित्र ’ जागरणबीईओ को ज्ञापन सौपते शिक्षा मित्र ’ जागरणप्राथमिक विद्यालय बभनौली में लटका ताला ’ जागरण


बेपटरी हुई प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था रामकोला, कुशीनगर:
सुप्रीमकोर्ट का निर्णय आने के बाद शिक्षामित्रों का आंदोलन शुरू हो गया है। इससे प्राथमिक स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था बेपटरी होने लगी है। रामकोला उपनगर व ग्रामीण इलाकों के कई विद्यालयों में ताला लटकने लगा है। सुबह बच्चे विद्यालय आ रहे हैं, लेकिन कक्ष में ताला बंद रहने के कारण वापस चले जा रहे हैं। कस्बे के दलित बस्ती में स्थित प्राथमिक विद्यालय बलुआ में करीब डेढ़ सौ बच्चों का नामांकन है। यहां पांच शिक्षामित्रों की समायोजित शिक्षक के रूप में तैनाती है। फैसला आने के बाद सभी शिक्षक संगठन के निर्देशों का पालन करने लगे। दो दिनों से विद्यालय में ताला बंद होने के कारण बच्चे इधर-उधर भटक रहे हैं। पकड़ी बांगर नंबर दो में भी तीन शिक्षामित्र सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। वह भी विद्यालय में ताला लगा दिए हैं।



जागरण संवाददाता, पडरौना, कुशीनगर: सुप्रीमकोर्ट द्वारा समायोजन रद्द किए जाने से नाराज शिक्षामित्रों का आंदोलन चौथे दिन शनिवार को भी जारी रहा। पडरौना बीआरसी परिसर में धरना देकर शिक्षामित्रों ने समाधान होने तक संघर्ष का एलान किया। संबोधित करते हुए दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को समायोजित किया गया था। कोर्ट के निर्णय के बाद सड़क पर आ गए हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने आंदोलन को समर्थन दिया। संयुक्त मंत्री अनुप कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षामित्र 17 वर्षों से शिक्षण कार्य करते आ रहे हैं। इनका समायोजन रद्द किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पर संजीत, रामगति, अमरदीप शुक्ला, अभिषेक शुक्ला, घनश्याम सिंह, रंजू सिंह, नीतू जायसवाल, दुर्गावती, सीमा आर्य, निर्मला कुशवाहा, विपुल मिश्र, मीरा कुशवाहा, कविता शर्मा, संगीता शुक्ला, सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। 



विधायक पवन केडिया को सौंपा ज्ञापन :हाटा, कुशीनगर: सहायक अध्यापक पद से समायोजन रद्द होने से आक्रोशित शिक्षामित्रों ने बीआरसी परिसर में धरना दिया। मांगों से संबंधित ज्ञापन विधायक पवन केडिया को सौंप समाधान कराने की मांग की। ब्लाक अध्यक्ष रमेश यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के उद्देश्य से शिक्षामित्रों की नियुक्ति की थी। डेढ़ दशक से शिक्षण कार्य के साथ ही अन्य सरकारी कार्यों को करने में हम सभी जुटे रहे। सुप्रीमकोर्ट के निर्णय से शिक्षामित्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। कहा कि समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। ज्ञापन लेने के बाद विधायक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हुए प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों की समस्या पर विचार कर रही है। उन्होंने मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का आश्वासन दिया संयम बरतने की अपील की। इस दौरान नीलम सिंह, सुशील सिंह, अनीता सिंह, शीला सिंह, उषा देवी, अखिलेश मिश्र, सुमन पांडेय, बृजेश प्रसाद, राम सिंगार, विमला देवी, कालिंदी देवी आदि मौजूद रहे। 



विद्यालय बंद कर जताया विरोध:सुकरौली बाजार: विकास खंड में शनिवार को दर्जनों प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित रहा। विद्यालय पहुंचे बच्चों को घर लौटना पड़ा। विद्यालयों को बंद कराने के बाद समायोजित शिक्षामित्र बीआरसी में पहुंच प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के पक्ष में कोई निर्णय न लेने के विरोध में प्राथमिक व जूनियर विद्यालय को बंद कराया और प्रदर्शन करते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की। इस अवसर पर सर्वेश पाण्डेय, रंजीत यादव, गिरजेश, अशोक तिवारी, स्वप्नलता यादव, विमला राय, सरोज सिंह, सुंदरी कन्नौजिया, दुर्गविजय सिंह, सुमनलता भारती, पूनम देवी, सुनीता मिश्र, अंगद प्रसाद, पूनम शर्मा, भरत सिंह, अनिरुद्ध गुप्ता मौजूद रहे। 



शिक्षा मित्रों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन:देवपोखर, कुशीनगर: सुप्रीम कोर्ट से समायोजन रद्द होने से मायूस समायोजित शिक्षा मित्रों ने शनिवार को फाजिलनगर के विधायक गंगा सिंह कुशवाहा के आवास पर पहुंच कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। सरकार से अध्यादेश लाकर समस्या समाधान की मांग की। शिक्षा मित्रों का कहना है कि कोर्ट के निर्णय से लाखों परिवार के समक्ष बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया है। इस समस्या के प्रति सरकार की चुप्पी शिक्षा मित्रों को आंदोलित कर रही है। सरकार ने अब तक समाधान निकालने के बाबत कोई वक्तव्य जारी नहीं किया जो चिंता की बात है। अगर समाधान नहीं निकला तो आंदोलन उग्र होगा।

चंदौली : शिक्षमित्रों का धरना जारी, समायोजन बहाल करने की मांग, बीआरसी पर जड़ा ताला

चंदौली ’ कार्यालय संवाददाता
सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद किए जाने से नाराज शिक्षामित्रों का बीएसए कार्यालय पर दूसरे दिन शनिवार को भी धरना जारी रहा। शासन-प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। कानून में संशोधन कर सहायक अध्यापक पद समायोजन को बहाल करने की मांग की गई। चेताया कि यदि मांग पर अमल नहीं किया गया, तो लखनऊ में आमरण अनशन करने को विवश होंगे। शिक्षामित्र सैकड़ों की संख्या में 10 बजे बीएसए कार्यालय पहुंचे। शिक्षामित्र कार्यालय के मेनगेट के सामने धरने पर बैठ गए। सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षामित्र 17 वर्षों से पूरी ईमानदारी के साथ शिक्षण कार्य करते रहे हैं। शुरूआत में शिक्षामित्रों को मात्र 3500 रुपये मानदेय दिया जाता था। लेकिन शिक्षामित्रों के कार्यप्रणाली पर कोई असर नहीं पड़ा। अब प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या पर्याप्त होने के बाद शिक्षामित्रों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। शिक्षामित्रों के साथ अन्याय किया जा रहा है। शिक्षामित्र अंतिम दम तक अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे। शिक्षामित्रों के आंदोलन से बीएसए कार्यालय में कामकाज प्रभावित रहा। शिक्षामित्रों के मुख्य गेट पर जमा होने से लोग कार्यालय में नहीं जा पा रहे थे। कार्यालय के पीछे के गेट से कर्मचारी आगाममन करते दिखे। वहीं बीएसए संतोष सिंह कार्यालय के अंदर कोतवाल अश्वनी कुमार चतुर्वेदी व अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ बैठे दिखे। शिक्षामित्रों ने धरना जारी रखने की घोषणा की है। धरने में भूपेंद्र यादव, मनोज तिवारी, बृजमोहन, संजय, उमेश दुबे, श्यामदुलारी, मनोरमा, सुमन, सुषमा, श्वेता, प्रीति सिंह, अंजनी, कविता, सफल सिंह, संतोष यादव, अनिल, जेपी सिंह, राजन राय, जयप्रकाश पांडेय, आलोक, अजीत, पवन, प्यारेलाल आदि शामिल रहे। धरना के दौरान जिला प्रशासन चौकन्ना दिखा। पूरे दिन बीएसए कार्यालय परिसर में जगह-जगह दर्जनों की संख्या में पुलिस व पीएसी के जवानों को तैनात रहे। कोतवाल अश्वनी चतुर्वेदी के साथ कई थानों की पुलिस कार्यालय परिसर के अंदर डटी रही। साथ ही मौके पर बज्र वाहन और फायर ब्रिगेड को भी तैनात किया गया।

चंदौली : प्राथमिक विद्यालय में बीआरसी कार्यालय, बीईओ ने छात्रों को हटाकर शुरू किया कार्यालय का संचालन

सकलडीहा ’ हिन्दुस्तान संवाद
इसे बिडम्बना कहे या अधिकारियों की मनमानी। सकलडीहा कस्बा के प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन पर छात्र छात्रओं के पढ़ने के लिए बनी नवीन भवन में बीआरसी कार्यालय खोल दिया गया है। जबकि लाखों की लागत से धरहरा में बीआरसी कार्यालय पूर्व से संचालित है। छात्र आज भी खपरैलनुमा भवन में पढ़ने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है।सकलडीहा कस्बा में पिछले कई साल से तीन परिषदीय विद्यालय संचालित है। दो परिषदीय विद्यालय को छोड़कर तीसरे प्राथमिक विद्यालय के छात्र पुराने खपरैलनुमा भवन में पढ़ते है। बरसात के दिनों में समस्या होने पर तीन नवीन कक्ष का निर्माण कुछ माह पूर्व हुआ था। सर्व शिक्षा अभियान के तहत छात्रों की समस्या को देखते हुए तत्कालीन बीईओ अमित दूबे ने नवीन भवन में पठन पाठन शुरू करा दिया। लेकिन अमित दूबे का स्थानांतरण होते ही नये बीईओ ने छात्रों को हटाकर बकायदे कुर्सी टेबल और कम्प्यूटर आपरेटर के साथ अस्थायी रूप से कार्यालय का संचालन शुरू करा दिया है। बीईओ के लिए धरहरा में लाखों की लागत से बीआरसी कार्यालय पहले से संचालित है। इस बाबत पूछे जाने पर बीईओ केके सिंह ने बताया कि धरहरा में जगह कम होने के कारण बैठने की व्यवस्था की गई है।