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Saturday, July 29, 2017

महराजगंज : शिक्षामित्रों का आंदोलन जारी, आंदोलन को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने दिया समर्थन, कई विद्यालयों के नहीं खुले ताले

महराजगंज : शिक्षामित्रों के समर्थन में आम आदमी पार्टी भी शुक्रवार को खड़ी हो गई। जिला संयोजक पशुपतिनाथ गुप्त व सचिव केएम अग्रवाल ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि अपने स्तर से ऐसा कोई रास्ता निकालें जिससे शिक्षामित्रों को राहत मिले और भविष्य बर्बाद न हो। शिक्षामित्र भी शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करें, जिससे जन-धन का नुकसान न हो। सरकार को शिक्षामित्रों की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए क्योंकि सभी की उम्र 40 वर्ष से ऊपर हो गई है और अब वे किसी भी क्षेत्र में कार्य करने के योग्य नहीं रह गए हैं। इसलिए शिक्षामित्रों संग उनके परिवार को भी भुखमरी से बचाने का दायित्व सरकार का है।

   समायोजन रद होने से असंतुष्ट शिक्षामित्रों के हड़ताल पर चले जाने से परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्था लड़खड़ा गई। समायोजन रद होने से असंतुष्ट शिक्षामित्रों ने नागपंचमी पर्व भी नहीं मनाया। उन्होंने शुक्रवार को नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन में लिखा है कि सर्वोच्च न्यायालय ने 25 जुलाई को सहायक अध्यापक पद पर शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त कर दिया। इससे शिक्षामित्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। क्योंकि पिछले 16 वर्षों से शिक्षामित्र लगातार प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। उम्र अधिक हो जाने के कारण अब शिक्षामित्रों के पास और कोई विकल्प शेष नहीं रह गया है। वर्तमान समय में सभी शिक्षामित्र स्नातक व बीटीसी प्रशिक्षित हैं। इसलिए शिक्षामित्रों के भविष्य को देखते हुए सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उनके हित में उचित कदम उठाया जाए। हमारी है कि सरकार अपनी ओर से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर शिक्षामित्रों के हितों की रक्षा की पहल करे। निर्णय आने के बाद शिक्षामित्रों को दोबारा समायोजित कर कार्य करने दिया जाए। शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर बनाए रखने के लिए नया अध्यादेश लाकर कानून बनाया जाए। विकल्प के तौर पर शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के समकक्ष वेतनमान दिया जाए और भविष्य के साथ संभावित खिलवाड़ पर विराम लगाया जाए। शिक्षामित्रों को परिवार समेत भुखमरी से बचाया जाए। धरने में जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुप्त, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोपाल यादव, महामंत्री शैलेंद्र नायक, कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश त्रिपाठी, संरक्षक सनंदन पांडेय आदि ने विचार व्यक्त किया।

आंदोलन को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का समर्थन :

    शिक्षामित्रों के आंदोलन को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने शुक्रवार को समर्थन कर दिया और आंदोलन में सहयोग का भरोसा दिलाया। जिलाध्यक्ष श्रीभागवत सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से शिक्षामित्रों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। समायोजन न होने पर परिवार समेत सभी शिक्षामित्र भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे। ऐसी स्थिति में सरकार को अध्यादेश लाकर शिक्षामित्रों को समायोजित करना चाहिए साथ ही सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करनी चाहिए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के राम सुग्रीव वर्मा, जगदीश नारायण पटेल, एसपी सिंह, कौशल किशोर चौबे, प्रद्युम्न सिंह, राम दयाल यादव ने भी शिक्षामित्रों के हित में कदम उठाने की सरकार से की। कर्मचारी नेताओं ने शिक्षामित्रों को सलाह दी कि वे अनुशासन में रहते हुए आंदोलन चलाएं और जन-धन को हानि न पहुंचाएं।

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