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Thursday, July 27, 2017

महराजगंज : समायोजन रद्द होने के निर्णय से नाराज शिक्षामित्रों ने शांति मार्च निकाल कर जिला मुख्यालय पर किया धरना -प्रदर्शन, सुप्रीमकोर्ट में राज्य सरकार द्वारा पुनर्विचार याचिका की उठाई मांग

महराजगंज : सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजन रद्द किए जाने से नाराज शिक्षामित्रों ने बुद्धवार को सड़क पर उतर कर विरोध- प्रदर्शन किया। सदर बीआरसी परिसर में बड़ी संख्या में एकत्रित हुए शिक्षामित्रों ने जिला मुख्यालय तक शांतिपूर्वक मार्च निकाला तथा राज्य सरकार से मांग किया कि वे उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका करे। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिला इकाई के बैनर तले शिक्षामित्र सदर बीआरसी में स्थित संघ भवन पर एकत्रित हुए। वहां पर सर्वसम्मत से निर्णय लिया कि समायोजन रद्द होने के विरोध में वे कलक्ट्रेट तक शांतिपूर्वक मार्च करेंगे तथा वहां पहुंचकर धरना-प्रदर्शन के माध्यम से विरोध जताएंगे। जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद नाराज शिक्षामित्रों ने विरोध जताया तथा धरने पर बैठ गए। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि समायोजन रद्द होने से शिक्षामित्रों का पूरा कैरियर बर्बाद हो जाएगा। निर्णय से लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था की कमान संभालने वाले शिक्षामित्रों के समक्ष जहां भुखमरी का संकट उत्पन्न हो जाएगा वहीं उनकी गतिविधियां भी प्रभावित होंगी। महामंत्री शैलेंद्र नायक ने कहा कि राज्य सरकार को शिक्षमित्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय करना होगा।  ऐसा न होने पर शिक्षामित्रों की समस्याएं बढ़ जाएंगी। संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित व जिला प्रशासन को सौंपे अपने ज्ञापन में राज्य सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका शीघ्र दाखिल करने तथा सरकार द्वारा समायोजित शिक्षकों व शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने की दिशा में कार्य करना होगा। इस दौरान प्रेमकिशन, ओमप्रकाश त्रिपाठी, उदयराज यादव, शैलेंद्र नायक, विष्णु, अभय चौबे, सूर्यभान उपाध्याय, रमाकांती त्रिपाठी, विजयलक्ष्मी श्रीवास्तव, अनिल सिंह, लालती आदि मौजूद रहे।


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