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Sunday, July 9, 2017

महराजगंज : परिषदीय स्कूलों में निःशुल्क पुस्तकें अब तक वितरित नहीं होने से शिक्षा में पढ़ रही है बाधा


महराजगंज : परिषदीय विद्यालयों में नया सत्र शुरू हुए लगभग तीन माह से अधिक समय हो गया मगर अभी तक शासन द्वारा नई किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित न कराए जाने से बच्चों की शिक्षा में बाधा आ रही है। किताबों के न मिलने से बच्चों का मनोबल भी प्रभावित हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ बच्चों के ड्रेस के लिए देर से मिली धनराशि ने भी विभाग के साथ-साथ शिक्षकों व बच्चों की समस्या को बढ़ाया है।  प्रदेश में योगी सरकार के गठन के बाद प्राथमिक शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए कई बदलाव किए गए हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक शासन ने परिषदीय बच्चों को 15 जुलाई तक किताबों को उपलब्ध कराए जाने की तिथि निर्धारित की है। समय से किताबों के न मिलने से बच्चे स्कूलों में बिना किताबों के पढ़ रहे हैं। स्कूल में मौजूद इक्का-दुक्का किताबों से शिक्षा देने का कार्य किया जा रहा है। जिले में लगभग दो लाख 65 हजार बच्चों को किताबें दी जानी है, मगर अभी तक महज दो विषयों की 35 हजार पुस्तक ही विभाग को प्राप्त हुई हैं। मानक के मुताबिक अब तक जिले में पुस्तकों के न पहुंचने से जहां बच्चे परेशान हैं, वहीं कावेंट को टक्कर देने का सपना भी अधूरा रह जा रहा है। देर से मिले धन ने भी बच्चों को दिए जाने वाले यूनिफार्म को लेकर समस्या बढ़ाई है। किताब व यूनिफार्म को लेकर जागरण टीम ने गुरुवार को विद्यालयों का जायजा लिया तो स्थिति कुछ इस प्रकार मिली। बिना किताब के पढ़ते मिले बच्चे: सदर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय सदर द्वितीय में बच्चे बिना किताब के पढ़ते पाए गए। प्रधानाध्यापिका साधना सिंह ने बताया कि विद्यालय में पंजीकृत 128 बच्चों में 45 उपस्थित हैं। स्कूल पर तैनात सहायक अध्यापक प्रियंका पटेल, रश्मि श्रीवास्तव, शिखा श्रीवास्तव व माधवी झा विभिन्न कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाने में जुटीं थीं। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि अभी पुस्तक प्राप्त नहीं हुई है। पुस्तक व यूनिफार्म प्राप्त होने के उपरांत बच्चों में वितरित किया जाएगा। जब तक किताब नहीं मिलती है उपलब्ध पुराने किताबों के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है। बैकुंठपुर प्राथमिक तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर बच्चे बिना किताब के नजर आए। प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका उषा गौतम ने बताया कि विद्यालय पर पंजीकृत 109 बच्चों में से 65 उपस्थित हैं। सहायक अध्यापक ममता पटेल, संगीता व रेखा राय बच्चों को पढ़ाने में मशगूल दिखीं। यहां पर भी बच्चों को किताबें नहीं मिली थीं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बैकुंठपुर में तैनात प्रधानाध्यापिका सरस्वती मणि त्रिपाठी ने बताया कि स्कूल पर पंजीकृत 51 बच्चों में से 28 मौजूद हैं। बच्चों को किताबें नहीं मिली हैं।


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