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Sunday, July 30, 2017

कुशीनगर : शिक्षामित्रों का धरना/विरोध जारी, बंद कराए विद्यालय, बेपटरी हुई शिक्षा व्यवस्था

जागरण संवाददाता, कसया, कुशीनगर:
सुप्रीम कोर्ट से समायोजन निरस्त किए जाने से नाराज शिक्षा मित्रों ने चौथे दिन शनिवार को भी विरोध दर्ज कराया। बीआरसी पहुंच कर धरना दिया और खंड शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष सुरेश रावत और महामंत्री नीरज श्रीवास्तव ने समर्थन दिया और कहा कि संगठन संकट की इस घड़ी में उनके साथ है। गोपाल यादव ने कहा कि कोर्ट ने 17 वर्ष के अनुभव को दरकिनार कर दिया, जिससे समायोजित शिक्षा मित्र आज सड़क पर हैं। सरकार नियम में संशोधन कर पुन: शिक्षक का पद कायम करे। संजय सिंह ने कहा कि सरकार नियम बनाकर सम्मान बहाल करे। नेताओं ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने इस मामले कोई ठोस और सम्मान जनक निर्णय नहीं लिया तो संघ लखनऊ और दिल्ली में अनवरत धरना करेगा। इस अवसर पर शिक्षक भगवंत सिंह, राजकुमार पांडेय, प्रमोद सिंह, रवींद्र प्रसाद, संजय सिंह, कुंती वर्मा, निगम, माधुरी सिंह, सरोज कुशवाहा, अनीता कुशवाहा, चंद्रप्रकाश वर्मा, संध्या मणि आदि मौजूद रहे। 



शिक्षामित्रों ने बीआरसी में लगाया ताला कप्तानगंज, कुशीनगर:
विकास खंड के शिक्षामित्रों ने शनिवार को उपनगर सहित कुछ प्राथमिक स्कूलों में पठन-पाठन ठप करा ब्लाक संसाधन केंद्र में ताला बंद कर प्रदर्शन किया। उन्होंने विधायक रामानंद बौद्ध के आवास पर पहुंच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंप निराकरण कराने की मांग की। विधायक ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के साथ है, कोई ऐसा कार्य न करें, जिससे कानून का उल्लंघन हो। शिक्षामित्रों का समूह सुबह करीब आठ बजे बीआरसी में पहुंचा और जुलूस निकाल नारेबाजी करते हुए बगल में स्थित प्राथमिक स्कूल को बंद करा दिया। ब्लाक संसाधन केंद्र में ताला बंद कर धरने पर बैठ गए। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के चलते लाखों घरों के चूल्हे बुझ गए हैं। शिक्षामित्रों के समक्ष जीविकोपार्जन की समस्या खड़ी हो गई है। अब हम लोगों के समक्ष आत्महत्या के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं दिख रहा। इस मौके पर किरन मद्धेशिया, पूर्णिमा श्रीवास्तव, प्रियंका पांडेय, राजेश गुप्ता, राधिका देवी, होरिल प्रसाद, खुश्बू, ज्ञानेश शुक्ला आदि मौजूद रहे।


आक्रोशित समायोजित शिक्षकों ने बंद कराया 644 परिषदीय विद्यालय सेवरही, कुशीनगर:
उच्चतम न्यायालय द्वारा समायोजन रद्द करने के आदेश को लेकर तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के समायोजित शिक्षकों ने शनिवार को सभी परिषदीय विद्यालयों को बंद कराकर अपना विरोध जताया। तहसील क्षेत्र के तीन विकास खंड सेवरही में 150 प्राथमिक व 49 पूर्व माध्यमिक, दुदही में 163 प्राथमिक व 60 पूर्व माध्यमिक तथा तमकुही 164 प्राथमिक व 58 पूर्व माध्यमिक सहित कुल 644 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें से सेवरही में 14, दुदही 11 व तमकुही में 12 प्राथमिक विद्यालयों सहित कुल 37 प्राथमिक विद्यालयों का पठन-पाठन पूरी तरह समायोजित शिक्षकों के जिम्मे था। इन विद्यालयों पर समायोजित शिक्षकों के न आने से बुधवार से ही ताला लटक रहा है। गुरुवार को उक्त के अतिरिक्त अन्य विद्यालयों को भी बंद कराया गया। शनिवार को समायोजित शिक्षकों ने टोली बनाकर विकास खंडवार तहसील क्षेत्र के सभी 644 विद्यालयों को बंद करा दिया। छात्र तो घर चले गए, लेकिन शिक्षक विद्यालयों पर मौजूद रहे।


खड्डा संवाददाता के अनुसार विकास खंड के दर्जनों विद्यालयों को बंद कराते हुए बंजारीपट्टी गांव में स्थित बीआरसी कार्यालय पर शनिवार को जुटे शिक्षामित्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में ताला जड़ दिया। कहा कि सरकार अगर समस्याओं का निदान नहीं करती है तो शिक्षामित्र आर पार की लड़ाई लड़ेंगे। समायोजित शिक्षक राजा राय के अगुवाई में जुटे शिक्षामित्रों ने बीइओ कार्यालय में तालाबंद कर दिया। शिक्षामित्रों ने कहा कि पूर्व की सपा सरकार इस मामले में पूरी तरह गंभीर नहीं थी। सरकार अगर सजग रहती तो यह नौबत नहीं आती। कहा कि शिक्षामित्रों की समस्याओं को लेकर योगी सरकार भी उदासीन है। सरकार अगर चाहे तो प्रदेश स्तर पर ही इस मामले का समाधान निकल सकता है। राजनैतिक कारणों से सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है। जिससे उनके समक्ष अनिश्चितता का माहौल बना है । समस्या का कोई हल नहीं निकला तो संघर्ष जारी रहेगा।


शिक्षामित्रों के आक्रोश व उनके द्वारा तालाबंदी के रूख को देखकर मौजूद खंड शिक्षा अधिकारी व कार्यालय के कर्मचारी बाहर चले गए। इस दौरान अनवर अली, शशि पाल सिंह, संजय श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार राय, अनिल जायसवाल, उमेश यादव, रितेश, दीनानाथ, सुनीता, अनीता, रीमा, निर्मला, सारिका, सरिता, नीतू, स्नेहलता, कनकलता, अलीहसन, आसामा, गरिमा, रमेश, उत्तम, जो¨गदर, जोखन, बसंती, शकुंतला, श्याम बहादुर, सुधीर पांडेय, मनोज राय, आनंदकर, सिद्धेश्वर, बबलू, उदयमल, नंदकिशोर, राणा प्रताप आदि मौजूद रहे।1कुशीनगर संवाददाता के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लगातार चौथे दिन शनिवार को शिक्षा मित्र से समायोजित शिक्षक कार्य बहिष्कार किए। इसके चलते विकास खंड के सात विद्यालय पूर्णतया बन्द रहे। इन विद्यालयों में केवल समायोजित शिक्षक ही नियुक्त हैं।


खंड शिक्षा अधिकारी एसपी मौर्या ने बताया कि सालिकपुर, महदेवा, रामनगर, मलहिया, उधौछपरा, लक्ष्मीपुर परड़हवा सहित सात ग्राम सभाओं में स्थित विद्यालय शनिवार को शनिवार को बंद रहे। जिनमें से कुछ में वैकल्पिक व्यवस्था करके खुलवाया गया है। जबकि कुछ विद्यालय पूर्णतया बंद है। सोमवार से ऐसे सभी विद्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था करके शिक्षण कार्य कराया जाएगा।विधायक रामानंद बौद्ध से बातचीत करते शिक्षामित्र ’ जागरणबीईओ को ज्ञापन सौपते शिक्षा मित्र ’ जागरणप्राथमिक विद्यालय बभनौली में लटका ताला ’ जागरण


बेपटरी हुई प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था रामकोला, कुशीनगर:
सुप्रीमकोर्ट का निर्णय आने के बाद शिक्षामित्रों का आंदोलन शुरू हो गया है। इससे प्राथमिक स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था बेपटरी होने लगी है। रामकोला उपनगर व ग्रामीण इलाकों के कई विद्यालयों में ताला लटकने लगा है। सुबह बच्चे विद्यालय आ रहे हैं, लेकिन कक्ष में ताला बंद रहने के कारण वापस चले जा रहे हैं। कस्बे के दलित बस्ती में स्थित प्राथमिक विद्यालय बलुआ में करीब डेढ़ सौ बच्चों का नामांकन है। यहां पांच शिक्षामित्रों की समायोजित शिक्षक के रूप में तैनाती है। फैसला आने के बाद सभी शिक्षक संगठन के निर्देशों का पालन करने लगे। दो दिनों से विद्यालय में ताला बंद होने के कारण बच्चे इधर-उधर भटक रहे हैं। पकड़ी बांगर नंबर दो में भी तीन शिक्षामित्र सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। वह भी विद्यालय में ताला लगा दिए हैं।



जागरण संवाददाता, पडरौना, कुशीनगर: सुप्रीमकोर्ट द्वारा समायोजन रद्द किए जाने से नाराज शिक्षामित्रों का आंदोलन चौथे दिन शनिवार को भी जारी रहा। पडरौना बीआरसी परिसर में धरना देकर शिक्षामित्रों ने समाधान होने तक संघर्ष का एलान किया। संबोधित करते हुए दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को समायोजित किया गया था। कोर्ट के निर्णय के बाद सड़क पर आ गए हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने आंदोलन को समर्थन दिया। संयुक्त मंत्री अनुप कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षामित्र 17 वर्षों से शिक्षण कार्य करते आ रहे हैं। इनका समायोजन रद्द किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पर संजीत, रामगति, अमरदीप शुक्ला, अभिषेक शुक्ला, घनश्याम सिंह, रंजू सिंह, नीतू जायसवाल, दुर्गावती, सीमा आर्य, निर्मला कुशवाहा, विपुल मिश्र, मीरा कुशवाहा, कविता शर्मा, संगीता शुक्ला, सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। 



विधायक पवन केडिया को सौंपा ज्ञापन :हाटा, कुशीनगर: सहायक अध्यापक पद से समायोजन रद्द होने से आक्रोशित शिक्षामित्रों ने बीआरसी परिसर में धरना दिया। मांगों से संबंधित ज्ञापन विधायक पवन केडिया को सौंप समाधान कराने की मांग की। ब्लाक अध्यक्ष रमेश यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के उद्देश्य से शिक्षामित्रों की नियुक्ति की थी। डेढ़ दशक से शिक्षण कार्य के साथ ही अन्य सरकारी कार्यों को करने में हम सभी जुटे रहे। सुप्रीमकोर्ट के निर्णय से शिक्षामित्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। कहा कि समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। ज्ञापन लेने के बाद विधायक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हुए प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों की समस्या पर विचार कर रही है। उन्होंने मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का आश्वासन दिया संयम बरतने की अपील की। इस दौरान नीलम सिंह, सुशील सिंह, अनीता सिंह, शीला सिंह, उषा देवी, अखिलेश मिश्र, सुमन पांडेय, बृजेश प्रसाद, राम सिंगार, विमला देवी, कालिंदी देवी आदि मौजूद रहे। 



विद्यालय बंद कर जताया विरोध:सुकरौली बाजार: विकास खंड में शनिवार को दर्जनों प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित रहा। विद्यालय पहुंचे बच्चों को घर लौटना पड़ा। विद्यालयों को बंद कराने के बाद समायोजित शिक्षामित्र बीआरसी में पहुंच प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के पक्ष में कोई निर्णय न लेने के विरोध में प्राथमिक व जूनियर विद्यालय को बंद कराया और प्रदर्शन करते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की। इस अवसर पर सर्वेश पाण्डेय, रंजीत यादव, गिरजेश, अशोक तिवारी, स्वप्नलता यादव, विमला राय, सरोज सिंह, सुंदरी कन्नौजिया, दुर्गविजय सिंह, सुमनलता भारती, पूनम देवी, सुनीता मिश्र, अंगद प्रसाद, पूनम शर्मा, भरत सिंह, अनिरुद्ध गुप्ता मौजूद रहे। 



शिक्षा मित्रों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन:देवपोखर, कुशीनगर: सुप्रीम कोर्ट से समायोजन रद्द होने से मायूस समायोजित शिक्षा मित्रों ने शनिवार को फाजिलनगर के विधायक गंगा सिंह कुशवाहा के आवास पर पहुंच कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। सरकार से अध्यादेश लाकर समस्या समाधान की मांग की। शिक्षा मित्रों का कहना है कि कोर्ट के निर्णय से लाखों परिवार के समक्ष बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया है। इस समस्या के प्रति सरकार की चुप्पी शिक्षा मित्रों को आंदोलित कर रही है। सरकार ने अब तक समाधान निकालने के बाबत कोई वक्तव्य जारी नहीं किया जो चिंता की बात है। अगर समाधान नहीं निकला तो आंदोलन उग्र होगा।

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