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Monday, July 24, 2017

लखनऊ : आरटीई के तहत दाखिलों से पहले ही बच्चों को निकालने की बन रही तरकीब, बच्चा फेल होने/निकाले जाने आपत्ति न होने की लिखित में की गयी मांग

दुबग्गा के बेबी मार्टिन स्कूल में पिछले साल आरटीई के तहत कुछ बच्चों का दाखिला हुआ। इस साल उन्हीं बच्चों को अगली क्लास में दाखिला देने से स्कूल ने मना कर दिया है। स्कूल का कहना है कि पहले फीस दो उसके बाद प्रवेश लेंगे। बीएसए कार्यालयमें अभिभावकों ने शिकायत की। बीएसए ने इस मामले में भी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

• एनबीटी, लखनऊ : राइट-टू-एजुकेशन के दाखिलों में शहर में स्कूल दाखिले से पहले बच्चों को निकालने की तरकीब बना रहे है। ताजा मामला पारा स्थित न्यू पब्लिक स्कूल का आया है। इसमें स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों से कहा है कि वह यह लिखकर दें कि बच्चा फेल हो गया तो अगले साल उसे निकाल दिया जाएगा। इसके बाद अभिभावक विद्या देवी ने इसकी शिकायत बीएसए कार्यालय में की है। हालांकि बीएसए प्रवीणमणि त्रिपाठी ने कहा कि अभिभावक स्कूल वालों को कुछ भी लिखित में न दें।
स्कूल ने थमा दी फीस बुक
अभिभावक विद्या देवी ने बताया कि उनके दो बच्चों का आरटीई में नाम आया है। जब वह स्कूल प्रवेश के लिए गए तो स्कूल ने कहा कि पहले फीस जमा करें। इसमें 200 रुपये फॉर्म के, 100 रुपये एसएमएस के, 100 रुपये प्रतिमाह और अन्य मदों में 180 रुपये मांगे। इसमें कई शुल्क प्रतिमाह देने को भी कहा। इस पर बीएसए कार्यालय में अभिभावक की शिकायत ले ली गई है। अभिभावक से
बच्चा फेल हो गया तो अगले साल नहीं पढ़ाएंगे
कई स्कूलों के खिलाफ शिकायत मिली है, जिन पर कार्रवाई की जा रही है। शासन स्तर पर भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की बात चल रही है। - प्रवीण मणि त्रिपाठी, बीएसए

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