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Wednesday, August 2, 2017

यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम एकीकरण कल से, कोर्स बदलने हेतु एनसीईआरटी को भेजेगा प्रस्ताव, 2018 सत्र से एनसीईआरटी की किताबें लागू करने की तैयारी

यूपी बोर्ड के सिलेबस में संशोधन के लिए एनसीईआरटी को 15 सितंबर तक भेजना है। कोशिश कर रहे हैं कि समय से प्रस्ताव भेज दिया जाए।नीना श्रीवास्तव, सचिव यूपी बोर्ड

इलाहाबाद वरिष्ठ संवाददातायूपी बोर्ड कक्षा 9 से 12 तक के कोर्स में बदलाव के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) को प्रस्ताव भेजेगा। संशोधन का प्रारूप 15 सितंबर तक तैयार कर लिया जाएगा। बोर्ड के विषय विशेषज्ञ सिलेबस की समीक्षा में जुटे हुए हैं।समय से प्रस्ताव तैयार करने के लिए 33 पाठ्यक्रम समितियों की बैठक जुलाई में ही हो चुकी है। अगले चरण की समीक्षा जल्द शुरू होने जा रही है। दरअसल प्रदेश सरकार ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों को एनसीईआरटी का सिलेबस लागू करने का आदेश दिया है।सूबे के 25 हजार से अधिक स्कूलों में अप्रैल 2018 से एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जाएंगी। 2018-19 सत्र में कक्षा 9 व 11 और 2019-20 सत्र में कक्षा 10 व 12 में इन किताबों से पढ़ाई शुरू होगी। 2020 की बोर्ड परीक्षा एनसीईआरटी किताबों पर ली जाएगी। बोर्ड के सामने समस्या यह है कि कुछ विषय ऐसे हैं जो एनसीईआरटी के सिलेबस में नहीं है। उदाहरण के तौर पर कृषि शिक्षा को ही लें। लिहाजा यूपी बोर्ड अपने ऐसे पाठ्यक्रम की समीक्षा एनसीईआरटी के विशेषज्ञों से करवाना चाहता है। साथ ही अंग्रेजी, हिन्दी जैसे विषयों को भी दिखाना चाहता है ताकि यूपी बोर्ड के सिलेबस में जो हिस्सा एनसीईआरटी किताबों में समाहित करने योग्य है उसे लिया जा सके।
इलाहाबाद। एनसीईआरटी पैटर्न अपनाने जा रहा यूपी बोर्ड 2018 व 2019 की 10वीं-12वीं की परीक्षा में एक पेपर करने जा रहा है। अगले दो साल की बोर्ड परीक्षा वर्तमान सिलेबस के आधार पर ही होनी है। शासन ने निर्देशित किया है कि एक पेपर ही किया जाए ताकि बोर्ड परीक्षा में लगने वाले समय को कम कर सकें और सत्र अप्रैल से ही शुरू हो।
 यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम एकीकरण कल से
राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : यूपी बोर्ड की ओर से संचालित माध्यमिक विद्यालयों में सीबीएसई तर्ज पर पढ़ाई कराने के लिए फिर पाठ्यक्रम एकीकरण की प्रक्रिया शुरू हो रही है। पाठ्यक्रम समितियां तीन से 18 अगस्त तक इस पर चर्चा करके इंटर की परीक्षा में एक प्रश्नपत्र पर अंतिम मुहर लगाएंगी। वहीं, जुलाई माह में तमाम विषयों का एकीकरण किया जा चुका है, जो विषय रह गए हैं उन्हें अब दूसरे चरण में एक करके सीबीएसई की तर्ज पर लाने की तैयारी है। बदले पाठ्यक्रम को अगले सत्र से लागू करने की तैयारी है। 1माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई का पाठ्यक्रम शासन ने समान करने के निर्देश हैं। बोर्ड ने पहले तीन से 14 जुलाई तक 33 पाठ्यक्रम समितियों की बैठक बुलाकर इस पर अमल कराया। इसके लिए यूपी बोर्ड अब आगामी तीन से 18 अगस्त तक इन विषयों के विशेषज्ञों को बुलाकर हरसंभव पाठ्यक्रम समान करेगा



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