DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Saturday, August 12, 2017

पीएम-सीएम के क्षेत्र में पुस्तक वितरण की रफ्तार रही धीमी, 50 फीसदी ही बाँटी जा सकी किताबें

लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लगभग 41 फीसदी तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में लगभग 50 फीसदी..। जी हां, ये है सरकारी स्कूलों में मुफ्त बंटने वाली पाठ्यपुस्तकों के बांटें जाने का सच। किसी कक्षा में एक किताब..कहीं चार तो कहीं एक भी किताब नहीं पहुंची। भाजपा सरकार के दावे के उलट शैक्षिक सत्र शुरू होने के 4 महीने बीतने के बाद भी अभी तक किताबें सभी बच्चों के हाथ में नजर नहीं आ रही हैं। अन्य जिलों में भी हालात कमोबेश ऐसे ही हैं।




प्रदेश में सरकार बनते ही दावा किया गया था कि सत्र शुरू होते ही किताबों का पूरा सेट बच्चों के हाथ में होगा। मुख्यमंत्री से लेकर उप मुख्यमंत्री और मंत्री तक भ्बार-बार इसका जिक्र करते आए पर नतीजा ढाक के तीन पात नज़र आ रहा है।

No comments:
Write comments