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Saturday, August 5, 2017

कौशाम्बी : कॉन्वेंट छोड़ इस सरकारी स्कूल में आ रहे बच्चे, प्रिंसिपल की कोशिश से साल भर में बदला स्कूल का माहौल

कौशांबी1स्कूल में प्रार्थना के लिए लाइन में खड़े 400 से ज्यादा बच्चे। पढ़ाई शुरू हुई तो कक्षाएं बच्चों से फुल, शिक्षक पढ़ाने में व्यस्त, प्रोजेक्टर व कंप्यूटर पर भी पढ़ते बच्चे। पीटी का नियमित अभ्यास। यह हकीकत है लौधना के सरकारी स्कूल की। यहां कॉन्वेंट स्कूलों से नाम कटवाकर आने वाले बच्चों की लाइन लगी है, लेकिन क्लास में बैठने की जगह न होने से अब प्रवेश बंद कर दिया गया है।1यह स्कूल कौशांबी जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर फतेहपुर सीमा से सटा है। लौधना के इस स्कूल में प्राइमरी, जूनियर और 9वीं व 10वीं की कक्षाएं चलती हैं। प्राइमरी स्कूल में पिछले साल 130 बच्चे थे, जो अब 316 हो गए हैं। जूनियर में 31 से बढ़कर 84 बच्चे हो गए हैं। 9वीं और 10वीं में 7 से बढ़कर 25 बच्चे हो गए हैं। आसपास के निजी स्कूलों के करीब 200 बच्चे यहां प्रवेश ले चुके हैं।1यहीं पढ़े, यहीं पढ़ा रहे1साल भर पहले पंकज सिंह प्रधानाध्यापक बनकर पहुंचे। वह इसी गांव के रहने वाले हैं। 2005 में शिक्षक बने पंकज सिंह ने यहीं से अपनी शिक्षा की शुरुआत की थी, इसलिए इसे बेहतर करने की मन में लालसा भी थी। 1दो लाख रुपये खुद लगाए1स्कूल में शिक्षा के लिए संसाधन जुटाने में पंकज सिंह ने करीब दो लाख रुपये अपने पास से खर्च किए। पिछले साल वह बच्चों के घर गए और गुणवत्ता पूर्ण पढ़ाई की जानकारी देकर अभिभावकों को स्कूल आने की सलाह दी। अभिभावकों ने स्कूल में पढ़ाई की व्यवस्था देखी तो बच्चों के प्रवेश लेने की लाइन लग गई। सरकार ने बच्चों को ड्रेस दिया, लेकिन छात्रों की ड्रेस की गुणवत्ता खराब थी तो उन्होंने लौटा दिया। बच्चों के लिए टाई और आई कार्ड उन्होंने अपने पैसे से मंगा लिया है। 1कौशांबी के लौधना स्कूल में पीटी करते बच्चे’>>प्रिंसिपल की कोशिश से साल भर में बदला स्कूल का माहौल1’>>आसपास के करीब 200 बच्चे यहां ले चुके हैं प्रवेशसरोकार की अन्य खबरें पढ़ें.. 666.Aं¬1ंल्ल.ङ्घे/3स्र्रङ्घ2/स्र2्र3्र5ी-ल्ली621कम संसाधन में बेहतर प्रदर्शन1प्राइमरी में 6 शिक्षक (मानक 10 का), जूनियर में 3, कक्षा 9वीं व 10वीं में दो शिक्षक हैं। तीनों स्कूल के शिक्षक एक दूसरे की कक्षाओं में मिल जुलकर पढ़ा रहे हैं।1यह स्कूल जिले का मॉडल स्कूल बनेगा। वे स्वयं स्कूल का निरीक्षण कर व्यवस्था और सुदृढ़ करेंगे। 1महाराज स्वामी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी1

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