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Thursday, August 3, 2017

महराजगंज : अधिकांश विद्यालयों में नहीं दिखे शिक्षामित्र, शिक्षण विद्यालय को लेकर भ्रम से बढ़ी समस्या

महराजगंज : छह दिन बाद ही सही मुख्यमंत्री व शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता का सकारात्मक हल निकला। मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से बुधवार से स्कूल पर जाकर शिक्षण व्यवस्था संभालने को कहा था, मगर स्कूल में दो तरह की व्यवस्था मिली। कुछ स्कूलों पर शिक्षामित्रों ने पहुंच कर व्यवस्था संभाल ली , तो कुछ जगह पर वे गायब भी रहे। समायोजन रद्द होने के फैसले के बाद से ही शिक्षामित्रों ने 26 जुलाई से पहली अगस्त तक जिले स्तर पर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए विरोध जताया। जिले से लेकर प्रदेश स्तर में बढ़ रहे आंदोलन व प्रभावित हो रही व्यवस्था को लेकर शासन ने भी लगातार उन पर नजर बनाए रखने का कार्य किया। 31 जुलाई को बेसिक शिक्षा विभाग के अपर सचिव से वार्ता विफल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली अगस्त को शिक्षामित्रों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया तथा समस्या का हल निकालने का आश्वासन देते हुए बुधवार से स्कूलों में जाकर शिक्षण कार्य शुरू करने को कहा। 15 दिन तक आंदोलन स्थगित किए जाने से शासन-प्रशासन व विभाग को उम्मीद थी कि शिक्षामित्र स्कूलों पर लौटेंगे तथा शिक्षण कार्य को बनाए रखने में सहयोग करेंगे। बुधवार को प्राथमिक विद्यालय बैकुंठपुर में प्रधानाचार्य उषा गौतम, सहायक अध्यापक ममता पटेल के साथ शिक्षामित्र संगीता देवी व रेखा राय स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था संचालित करने में जुटी पाई गईं। यहां पर शिक्षामित्रों के स्कूल पहुंचने व लगभग एक सप्ताह बाद बच्चों से जुड़ने के बाद उनके चेहरे पर राहत का भाव दिखा। प्राथमिक विद्यालय सदर द्वितीय पर शिक्षा मित्र नहीं पहुंची थीं। वहां पर शिक्षण कार्य संभालने में प्रधानाध्यापिका साधना सिंह व शिक्षिका माध्वी झा लगी रहीं। शिक्षामित्रों के आभाव में शिक्षिकाओं को बच्चों को पढ़ाने में असुविधा यह आ रही है कि कई कक्षा के बच्चों को एक साथ पढ़ाना पढ़ रहा है। कुछ शिक्षामित्र इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि शासन का नया फरमान क्या आता है। फरमान आने के बाद वह व्यवस्था संभाल लेंगे।

 विद्यालय की स्थिति स्पष्ट न होने से बढ़ी समस्या : 
शासन का निर्देश था कि शिक्षामित्र अपने स्कूलों पर वापस जाकर कार्य प्रारंभ करें । शिक्षामित्रों में इस बात की दुविधा है कि वे कहां जाकर शिक्षण कार्य प्रारंभ करें। जहां समायोजित थे वहीं के बच्चों को शिक्षा दें या फिर शिक्षामित्र पद पर मूल तैनाती वाले स्कूल में। स्थिति स्पष्ट न होने से भी समस्या आ रही है।

स्कूल पहुंच शिक्षण कार्य में जुटें शिक्षामित्र : 
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि शिक्षामित्रों को स्कूल जाने तथा शिक्षण कार्य करने का निर्देश दिया गया है। जानकारी के अभाव में हो सकता है कि इक्का-दुक्का लोग न गए हों, मगर गुरूवार तक सभी शिक्षामित्र प्रांतीय निर्णय का सम्मान करते हुए शिक्षण कार्य में जुट जाएंगे।

निर्देश का कराया जाएगा अनुपालन-बीएसए : 
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जगदीश शुक्ल ने कहा कि शिक्षामित्रों के मामले में अभी शासन का कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। शिक्षामित्र स्कूलों में शिक्षण कार्य शुरू करें। शासन के निर्देश के क्रम में उनके बेहतरी के दृष्टि से हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।


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