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Tuesday, August 22, 2017

फर्जी आदेश से नियुक्तियां होने पर कोर्ट सख्त, सरकारी खजाने से वेतन देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का दिया आदेश , मुख्य सचिव से मांगा जवाबी हलफनामा

 इलाहाबाद : जौनपुर के निवड़िया इंटर कालेज में बिना पद सृजित हुए फर्जी आदेश पर लिपिक व शिक्षक सहित 20 लोगों की नियुक्ति की गई। इसमें सरकारी धन की बर्बादी हुई। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव से कार्यवाही रिपोर्ट के साथ 31 अगस्त तक जवाबी हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने कहा कि फर्जी नियुक्ति कर सरकारी खजाने से वेतन देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन व न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की खंडपीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता कृपाशंकर तिवारी की जनहित याचिका पर दिया है।




■ फर्जी आदेश से नियुक्तियां होने पर कोर्ट सख्त

■ सरकारी खजाने से वेतन देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का दिया आदेश 

■ मुख्य सचिव से मांगा जवाबी हलफनामा





 याचिका पर अधिवक्ता पंकज उपाध्याय व मुख्य स्थायी अधिवक्ता जेएन मौर्या ने पक्ष रखा। याची का कहना है कि पद सृजन का फर्जी आदेश तैयार कर मनमानी नियुक्ति की गयी और राज्य सरकार के खजाने से वेतन भुगतान लिया गया। इसकी जांच रिपोर्ट में प्रधानाचार्य व प्रबंध समिति को दोषी करार दिया गया है। सचिव माध्यमिक शिक्षा के हलफनामे को कोर्ट ने नहीं माना और अपर मुख्य सचिव से 31 अगस्त तक हलफनामा मांगा है।


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