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Saturday, September 9, 2017

हाईकोर्ट ने केंद्र से किया जवाब तलब, स्कूलों में शैक्षणिक विषयों का असमान वितरण क्यों

 हाईकोर्ट ने यहां के सरकारी स्कूलों में विज्ञान एवं वाणिज्य विषयों के चिंताजनक रूप से असमान वितरण का आरोप लगाने वाली एक याचिका पर आप सरकार और केंद्र से जवाब मांगा।मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की एक खंडपीठ ने सरकारी स्कूलों में माध्यमिक स्तर पर छात्रों को विज्ञान एवं वाणिज्य विषय देने में दिल्ली सरकार पर एकरूपता रहित एवं मनमाफिक चयन की प्रवृत्ति का आरोप लगाने वाली याचिका पर सीबीएसई को भी नोटिस जारी किया।पीठ ने राज्य एवं केंद्र और सीबीएसई को इस मामले पर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया और मामले में अगली सुनवाई के लिए 28 नवम्बर की तिथि तय की। वकील जीएम अख्तर के जरिए दायर यूसुफ नकवी की याचिका में कहा गया कि विज्ञान एवं वाणिज्य विषयों का आवंटन असमान तरीके से होता रहा है जो न्यायोचित नहीं है। इसलिए यह यहां के छात्रों के साथ गंभीर अन्याय है और उनमें पूर्वाग्रह पैदा करता है। याचिका में कहा गया, मध्य दिल्ली में कुल 41 सरकारी स्कूल हैं जिसमें पूरे जिले में सिर्फ दो स्कूल छात्रों को विज्ञान विषय की पेशकश करते हैं, वहीं पूर्वोत्तर दिल्ली के कुल 38 स्कूलों में से कम से कम 18 स्कूल माध्यमिक स्तर पर विज्ञान विषय की पेशकश करते हैं। (भाषा)

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