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Tuesday, October 31, 2017

बदायूँ : बीएड सत्र 2004-05 के चिन्हांकित 21 टेम्पर्ड एवं 67 फेक शिक्षकों की सूची जारी कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश जारी, सीडी के आधार पर निर्मित सूची सह आदेश देखें

बदायूँ : बीएड सत्र 2004-05 के चिन्हांकित 21 टेम्पर्ड एवं 67 फेक शिक्षकों की सूची जारी कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश जारी,  सीडी के आधार पर निर्मित सूची सह आदेश देखें






सीतापुर : विद्यालय व्यवस्था अप्रभावित रखते हुए प्रा0शि0संघ की क्षेत्रीय इकाइयों के चुनाव में शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रतिभाग/पर्यवेक्षण की बीएसए ने दी अनुमति, आदेश देखें

सीतापुर : विद्यालय व्यवस्था अप्रभावित रखते हुए प्रा0शि0संघ की क्षेत्रीय इकाइयों के चुनाव में शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रतिभाग/पर्यवेक्षण की बीएसए ने दी अनुमति, आदेश देखें

बरेली : अवशेष महंगाई भत्ता एवं बोनस के बिल निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने हेतु लेखाधिकारी का अनुस्मारक पत्र जारी, देखें

बरेली : अवशेष महंगाई भत्ता एवं बोनस के बिल निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने हेतु लेखाधिकारी का अनुस्मारक पत्र जारी, देखें

आगरा : निकाय चुनाव आचार संहिता के दृष्टिगत किसी भी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा मुख्यालय छोड़ने पर प्राथमिकी दर्ज कराने सम्बन्धी बीएसए की चेतावनी जारी, देखें

आगरा : निकाय चुनाव आचार संहिता के दृष्टिगत किसी भी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा मुख्यालय छोड़ने पर प्राथमिकी दर्ज कराने सम्बन्धी बीएसए की चेतावनी जारी, देखें

बरेली : स्कूल एवं आँगनबाड़ी शौचालयों की मरम्मत/जीर्णोद्धार/विस्तार हेतु सत्यापन कर चेकलिस्ट प्रेषित करने सम्बन्धी आदेश जारी, चेकलिस्ट सह आदेश देखें

बरेली : स्कूल एवं आँगनबाड़ी शौचालयों की मरम्मत/जीर्णोद्धार/विस्तार हेतु सत्यापन कर चेकलिस्ट प्रेषित करने सम्बन्धी आदेश जारी, चेकलिस्ट सह आदेश देखें



जालौन : ब्लॉक स्तरीय समस्याओं के निस्तारण हेतु प्रत्येक माह की 9 व 24 तारीख को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों से वार्ता करने हेतु बीएसए ने समस्त बीईओ को आदेश किया जारी, देखें

जालौन : राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों से हुई वार्ता के आधार पर प्रत्येक माह 9 व 24 तारीख को ब्लॉक स्तरीय समस्याओं के निस्तारण हेतु कार्यवाही किये जाने का आदेश जारी, देखें

प्रतापगढ़ : मा0 सर्वोच्च न्यायालय के आदेश व शासन के पत्र के समादर में शिक्षामित्रों को मूल पद व विद्यालय में कार्यभार ग्रहण कराने का आदेश जारी, देखें

प्रतापगढ़ : मा0 सर्वोच्च न्यायालय के आदेश व शासन के पत्र के समादर में शिक्षामित्रों को मूल पद व विद्यालय में कार्यभार ग्रहण कराने का आदेश जारी, देखें

हाथरस : डॉ0 भीमराव अम्बेडकर वि0वि0 के बीएड सत्र 2004-05 के फर्जी परिणामों की जांच हेतु समस्त शिक्षकों की बीएड/बीटीसी की अंकतालिकाओ की स्वप्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने का आदेश जारी, देखें

हाथरस : डॉ0 भीमराव अम्बेडकर वि0वि0 के बीएड सत्र 2004-05 के फर्जी परिणामों की जांच हेतु समस्त शिक्षकों की बीएड/बीटीसी की अंकतालिकाओ की स्वप्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने का आदेश जारी, देखें

बदायूँ : डीएम द्वारा 3 नवम्बर को समस्त विद्यालयों में अवकाश घोषित किये जाने के फलस्वरूप अर्द्धवार्षिक परीक्षा अग्रिम कार्य दिवस में सम्पन्न कराने का आदेश जारी, देखें

बदायूँ : डीएम द्वारा 3 नवम्बर को समस्त विद्यालयों में अवकाश घोषित किये जाने के फलस्वरूप अर्द्धवार्षिक परीक्षा अग्रिम कार्य दिवस में सम्पन्न कराने का आदेश जारी, देखें

यूपी में 50 वर्ष से अधिक आयु वाले 4 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों की स्क्रीनिंग पर आज लगेगी अंतिम मुहर, भृष्टाचार में लिप्त अफसरों पर कार्यवाही तय

यूपी में 4 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों की स्क्रीनिंग पर मंगलवार को अंतिम मोहर लगेगी. आज सभी विभागों के प्रमुख सचिव और विभागों के प्रमुखों से उनके विभागों के दागी अफसरों की सूची तलब की है.
बता दें, कि अभी तक प्रदेश के दर्जन भर प्रमुख विभागों ने दगियों की सूची नहीं दी है. लोक निर्माण, परिवहन,पंचायती राज पुलिस के अलावा 60 विभागों की पूरी सूची अभी तक नहीं मिली है. मुख्य सचिव राजीव कुमार को आज देर रात तक सभी 5 दर्जन से अधिक विभागों को सूची देनी है.
लेकिन मुख्य सचिव के निर्देश के बाद भी एक माह में कई नोटिस के बाद भी कई विभागों ने दागियों की लिस्ट नहीं दी थी. लेकिन जिन विभागों की सूची नहीं आएगी उन पर भी कार्रवाई होना तय माना जा रहा हैं.
सरकार के प्रवक्ता और मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने साफ़ कहा है कि काम न करने वाले 50 साल के ऊपर के भ्रष्टाचार में लिप्त अफसरों पर कार्रवाई तय है. जो बच नहीं सकते वहीं पिछली सरकारों ने15 सालो से बचाया था पर अब कार्रवाई से कोई नहीं रोक सकता

महराजगंज : बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता तैयारी बैठक हुई सम्पन्न, 10, 11 तथा 12 नवम्बर को जिला स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता कराने की तिथि हुई प्रस्तावित

महराजगंज : बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता तैयारी बैठक हुई सम्पन्न, 10, 11 तथा 12 नवम्बर को जिला स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता कराने की तिथि हुई प्रस्तावित।

हाथरस : बीएड सत्र 2004-05 के फर्जी व टेम्पर्ड अंकतालिकाओं वाले शिक्षकों के चिन्हीकरण के लिए बीएसए ने गठित की जांच समिति, समिति के सामने खोली जाएगी एसआईटी से प्राप्त सीडी

हाथरस : बीएड सत्र 2004-05 के फर्जी व टेम्पर्ड अंकतालिकाओं वाले शिक्षकों के चिन्हीकरण के लिए बीएसए ने गठित की जांच समिति, समिति के सामने खोली जाएगी एसआईटी से प्राप्त सीडी


बदायूं : जांच में हुआ खुलासा, 88 शिक्षक मिले फर्जी, बीएड की फर्जी अंकतालिका पर कर रहे थे नौकरी


जांच में हुआ खुलासा, 88 शिक्षक मिले फर्जी, बीएड की फर्जी अंकतालिका पर कर रहे थे नौकरी

बहराइच : कढ़ाई में गिर झुलसा छात्र, 3 टीचर सस्पेंड

प्रभारी बीएसए ने अस्पताल पहुंचकर बच्चे का हाल जाना
दर्द से कराहते हुए अकेले पहुंचा घर•

प्राथमिक विद्यालय हुसैनपुर अर्जुना का एक छात्र सोमवार दोपहर भोजनावकाश के समय खौलती सब्जी से भरी कढ़ाई में गिरकर झुलस गया। लेकिन विद्यालय स्टाफ ने न तो घायल बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया और न ही परिवारीजनों को घटना की जानकारी दी। दर्द से कराहते हुए बच्चा पैदल अकेले घर पहुंचा। बच्चे की हालत देख परिवारीजनों में कोहराम मच गया। तत्काल उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घरवालों ने प्रभारी बीएसए से शिकायत की है। प्रभारी बीएसए ने अस्पताल पहुंचकर बच्चे का हाल जाना और उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। 

प्रधान शिक्षक बृजेश कुमार गुप्ता अवकाश पर थे। प्रभारी प्रधान शिक्षक जावेद अहमद, शिक्षिका मीनाक्षी व सारिका अग्रवाल को लापरवाही के मामले में निलंबित कर दिया गया है। यहां तीन रसोइया हैं। इनमें दो महिलाएं शामिल हैं। सभी रसोइयों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 

देहात कोतवाली अंतर्गत हेमरिया कुट्टी गांव निवासी सुरेश कुमार निषाद का बेटा शिवम (6) पड़ोस गांव के हुसैनपुर अर्जुना गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक का छात्र है। सोमवार सुबह वह स्कूल गया था। जहां दोपहर में करीब साढ़े 12 बजे भोजनावकाश के दौरान खाने का वितरण हो रहा था। तभी शिवम गर्म सब्जी से भरी कढ़ाई में गिर पड़ा। इससे शिवम कमर के निचले हिस्से में झुलस गया। यह देख विद्यालय में अफरातफरी मच गई। रसोइया ने शिवम को कढ़ाई से बाहर निकाला और मौजूद शिक्षिकाओं को मामले से अवगत कराया। लेकिन शिक्षकाओं ने मामले से पल्ला झाड़ लिया। इस बीच शिवम दर्द से कराहते हुए रोते बिलखते घर पहुंचा और घर वालों को पूरी बात बताइ। परिवारीजनों ने शिवम को जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया है।

यूपीपीएससी और एजेंसियों के बीच करार में आड़े आ रही शर्तें, ऑनलाइन परीक्षा कराने को तैयार नही एजेंसियां


यूपीपीएससी और एजेंसियों के बीच करार में आड़े आ रही शर्तें, ऑनलाइन परीक्षा कराने को तैयार नही एजेंसियां

अगले साल से हर छात्र को मिलेगा वजीफा, छात्रवृत्ति देने के बाद बची राशि से होगी शुल्क भरपाई, 50 लाख से ज्यादा विद्यार्थी होंगे लाभान्वित


अगले साल से हर छात्र को मिलेगा वजीफा, छात्रवृत्ति देने के बाद बची राशि से होगी शुल्क भरपाई, 50 लाख से ज्यादा विद्यार्थी होंगे लाभान्वित

फतेहपुर : फर्जी बीएड की डिग्री के आधार पर जनपद में सवा सौ बेसिक शिक्षकों की नौकरी पर लटकी खतरे की तलवार, चिन्हीकरण की कार्यवाही शुरू, मचा हड़कंप

फतेहपुर : फर्जी बीएड की डिग्री के आधार पर जनपद में सवा सौ बेसिक शिक्षकों की नौकरी पर लटकी खतरे की तलवार, चिन्हीकरण की कार्यवाही शुरू, मचा हड़कंप।


सपा शासन में हुई सभी भर्तियों की सीबीआइ जांच का आदेश हुए साढ़े तीन महीने, भर्तियों की सीबीआइ जांच ठंडे बस्ते में,

 सपा शासन में हुई सभी भर्तियों की सीबीआइ जांच का आदेश हुए साढ़े तीन महीने हो चुके हैं लेकिन, इस साल के अंत तक जांच शुरू होने की संभावना कम ही है। उप्र लोक सेवा आयोग में अभी इस संबंध में कोई लिखित आदेश नहीं पहुंचा है। उधर प्रदेश में निकाय चुनाव की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, इस वजह से भी जांच फिलहाल शुरू होने की संभावना कम ही नजर आ रही है। 1गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 जुलाई को कैबिनेट की बैठक के दौरान सपा शासन के पांच साल में हुई सभी भर्तियों की सीबीआइ जांच कराने का एलान किया था। इससे प्रदेश में खलबली मच गई थी। तमाम परीक्षा संस्थाओं के अलावा उप्र लोक सेवा आयोग सबसे अधिक निशाने पर था क्योंकि यहीं से सबसे अधिक भर्तियां हुई थीं। भर्तियों में धांधली के आरोप तत्कालीन अध्यक्ष पर भी लगे थे जिन्हें आयोग से हटा भी दिया गया। इस बीच सपा शासन में कराई गई तमाम परीक्षाओं के परिणाम भी उप्र लोक सेवा आयोग ने जारी किए हैं, जबकि इन साढ़े तीन महीनों में सीबीआइ जांच से संबंधित कोई भी आदेश आयोग में नहीं पहुंचा। हालांकि आयोग का यह भी कहना है कि जांच होगी तो तथ्य पेश किए जाएंगे। सचिव जगदीश ने बताया कि अभी सीबीआइ जांच के आसार नहीं दिख रहे हैं, हालांकि जांच होनी तय है। 1उधर उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अधिकांश अधिकारियों और कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी भी निर्धारित होने लगी है। ऐसे में इस साल के अंत तक जांच की संभावना कम ही नजर आ रही है।’>>यूपी पीएससी में साढ़े तीन महीनों में नहीं आया कोई आदेश1’>> साल के अंत तक भर्तियों की जांच होने के आसार भी नहीं

बेसिक शिक्षक चयन में फर्जीवाड़े के बाद माध्यमिक कॉलेजों में भी फर्जीवाड़े के जरिये चयन का शक, शिक्षक बनने की मुख्य अर्हता ही रही है बीएड की डिग्री

इलाहाबाद : प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक चयन में फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अब माध्यमिक कालेजों में शिक्षक भर्ती पर भी अंगुलियां उठ रही हैं। इसकी वजह यह है कि माध्यमिक कालेजों में शिक्षक बनने की अहम अर्हता बीएड ही रही है। वहां जालसाजी से इन्कार नहीं किया जा सकता है। चयन बोर्ड और मंडलों से शिक्षकों का चयन होने के बाद नियुक्ति कालेजों में मिली है, लेकिन उनके अभिलेखों की गहनता से जांच अब तक नहीं हुई है।


डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से 2004-05 के बीएड सत्र के परिणाम में फर्जी अंकतालिकाएं और प्रमाणपत्र पकड़े गए हैं।  प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक पद पर 4570 शिक्षक इन अंक पत्रों के आधार पर नौकरी पा चुके हैं, जिन पर कार्रवाई करने का निर्देश हुआ है। बेसिक स्कूलों में शिक्षक पद पर बीएड के साथ ही बीटीसी व अन्य प्रशिक्षण कोर्स करने वालों को भी नियुक्ति मिली है, ऐसे में यह संख्या कम हो सकती है, लेकिन प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक कालेजों और राजकीय हाईस्कूल व इंटर कालेजों में हुई शिक्षक भर्तियों में बीएड प्रशिक्षण के आधार पर ही नियुक्तियां हुई हैं।

माध्यमिक शिक्षा महकमे में सुस्ती, मा. शिक्षा निदेशालय कार्यवाहक के सहारे

 वही हुआ, जिसकी अटकलें थीं। माध्यमिक शिक्षा महकमे की सुस्ती के कारण शिक्षा निदेशालय माध्यमिक अब कार्यवाहक के सहारे संचालित होगा। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा का कार्यभार बेसिक शिक्षा के अपर निदेशक विनय कुमार पांडेय को सौंपने का आदेश जारी हुआ है, क्योंकि मंगलवार को यह पद सेवानिवृत्ति के कारण रिक्त हो रहा है। साथ ही अपर शिक्षा निदेशक महिला का पद भी खाली हो जाएगा। शिक्षा महकमे में अपर शिक्षा निदेशक के कुल 12 पद हैं। अब तक इन पदों के सापेक्ष आठ अफसर कार्यरत रहे हैं। उनमें से दो अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक रमेश व अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक महिला शैल यादव मंगलवार को सेवानिवृत्त हो रही हैं। ऐसे में महकमे में सिर्फ छह अफसर ही जैसे-तैसे कार्य करेंगे। दैनिक जागरण ने 30 सितंबर को ही ‘कार्यवाहक अफसर दौड़ाएंगे अब प्रदेश में शिक्षा की गाड़ी’ खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी, उसके बाद विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकें होने की अटकलें लगी, लेकिन बड़े अफसरों ने खाली हो रहे पदों को पदोन्नति नहीं की।

यूपी बोर्ड : परीक्षा के केंद्र निर्धारण में लगेगा वक्त, फीडिंग शुरू

 यूपी बोर्ड का परीक्षा कार्यक्रम भले ही जारी हो गया है, लेकिन परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में अभी कुछ वक्त लगेगा। यह जरूर है कि इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या पिछले वर्षो की अपेक्षा काफी कम रहेगी। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र निर्धारण का कार्य शुरू हो गया है। विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों आदि की फीडिंग जिलों में ही कराई जा रही है। बोर्ड प्रशासन ने जल्द कार्य पूरा कराने के लिए सभी जिलों को विद्यालयों में उपलब्ध संसाधन, धारण क्षमता और एक से दूसरे स्कूल की दूरी आदि की फीडिंग का कार्य सौंपा है। यह पूरा होने के बाद साफ्टवेयर के जरिए केंद्रों की सूची निकाली जाएगी। पहली बार साफ्टवेयर में फीडिंग का कार्य होने से कई जिलों में परेशानी भी हो रही है, उसका त्वरित समाधान करने का भी प्रबंध किया गया है। बोर्ड सचिव ने बताया कि केंद्र निर्धारण में मैनुअल कुछ नहीं हो सकेगा, सब कुछ कंप्यूटर के साफ्टवेयर में ही दर्ज है। उसी के अनुरूप केंद्र बनाए जाएंगे। उम्मीद जताई कि कार्य तेजी से हो रहा है इसलिए नवंबर के पहले सप्ताह तक अच्छी रिपोर्ट मिलेगी। ज्ञात हो कि केंद्रों की अंतिम सूची का प्रकाशन 30 नवंबर तक होना है।1डिबार केंद्रों की सूची पर असमंजस : यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्र निर्धारण में डिबार केंद्रों की सूची अभी फाइनल नहीं की गई है। इसके बिना केंद्र तय नहीं हो सकेंगे। बोर्ड प्रशासन जल्द ही डिबार केंद्रों की अंतिम सूची जारी करेगा, उसकी भी फीडिंग होगी, ताकि वह स्कूल किसी भी दशा में परीक्षा केंद्र न बन सकें।

प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक कालेजों में सेवानिवृत्त शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आदेश जारी, शिक्षकों के चयन के लिए हर जिले में बनेगा पूल, प्रवक्ता को 20 हजार व सहायक अध्यापक को 15 हजार रुपये मानदेय प्रतिमाह

 प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक कालेजों में सेवानिवृत्त शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आदेश जारी हो गया है। अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने यह आदेश नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना के पहले ही जारी कर दिया है, अब यह जिलों में पहुंच रहा है। इसमें संविदा पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के चयन के लिए हर जिले में एक पूल बनाया जाएगा। साथ ही हर साल एक से 20 अप्रैल तक उन सेवानिवृत्त शिक्षकों से आवेदन लिए जाएंगे, जिनकी संबंधित शैक्षिक सत्र पूरा होने तक आयु 70 वर्ष पूरी न होती हो।उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से चयनित अभ्यर्थी के आने या एक जुलाई से 20 मई तक की समाप्ति में जो पहले घटित हो रहा हो तक के लिए अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक कालेजों में सहायक अध्यापक व प्रवक्ता के पद पर सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक व प्रवक्ता की नियुक्ति होगी। इसमें शर्त यह है कि मानदेय पर नियुक्ति पाने वाला शैक्षिक सत्र एक जुलाई से मई में ग्रीष्मावकाश घोषित होने तक की अवधि में 70 वर्ष की आयु पूरी न कर रहा हो। अपर मुख्य सचिव ने यह नियुक्तियां अल्पकालिक व्यवस्था के तहत छात्र-छात्रओं के हित में करने को कहा है, क्योंकि प्रदेश के तमाम कालेजों में सहायक अध्यापक व प्रवक्ताओं के आकस्मिक निधन, सेवाच्युत होने या फिर सेवानिवृत्त होने से पद रिक्त चल रहे हैं। ज्ञात हो कि सरकार ने माध्यमिक कालेजों में 26 हजार सेवानिवृत्त शिक्षकों को मानदेय पर नियुक्त करने का आदेश दिया था। प्रवक्ता को 20 हजार व सहायक अध्यापक को 15 हजार रुपये मानदेय प्रतिमाह मिलेगा। अपर मुख्य सचिव ने इन नियुक्तियों के लिए हर जिले में जिला विद्यालय निरीक्षक को पूल गठित करने का निर्देश दिया है। जिसमें हर साल एक से 20 अप्रैल तक उन सेवानिवृत्त शिक्षकों से आवेदन लिए जाएंगे जो सेवा शर्ते पूरी करते हैं।

Monday, October 30, 2017

गोरखपुर : जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2018 हेतु ऑफलाइन फार्म भरने हेतु निर्देश व आवेदन प्रारूप जारी, देखें


जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2018 हेतु ऑफलाइन फार्म भरने हेतु निर्देश व आवेदन प्रारूप जारी, देखें

एटा : शासन प्रशासन पर शोषण और उत्पीड़न का आरोप, हक के लिए संघर्ष करेंगे शिक्षामित्र

शासन प्रशासन के शोषण और उत्पीड़न से शिक्षामित्र नहीं डरेंगे। अपने हक के लिए पुरजोर संघर्ष करेंगे।यह कहना है संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का। वे रविवार को शहर के शहीदपार्क स्थित सुभाष चंद्र बोस प्राथमिक विद्यालय में आयोजित बैठक में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारियों पर विचार मंथन कर रहे थे।

मंडल अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि समायोजन की बहाली के लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने के लिए प्रांतीय नेतृत्व अपनी तैयारियों में जुटा हुआ है। जिला स्तर पर भी इसके लिए विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका भी खारिज होती है तो उस मामले को संविधान पीठ में उठाया जाएगा। बैठक में सह संयोजक मनोज यादव व अवधेश यादव ने अपने विचार व्यक्त किए और शासन प्रशासन के शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष का नारा बुलंद किया।

बैठक में मौ. इशाक, हरिओम प्रजापति, राष्ट्रदीप पचौरी, एसके राजपूत, सुनील चौहान, रामबहादुर वर्मा, मनोज यादव, विजय तिवारी, विजय शाक्य, प्रदीप राना, पूरन सिंह, अनिल सोलंकी, वीरवाला श्रीवास्तव, चंद्रप्रभा, देवेंद्र कुमार, अवधेश सिंह, चंद्रपाल, रीना यादव, अशोक कुमार, मानसिंह, ममता राजपूत, विशाल भारद्वाज, विष्णु, शैलेंद्र, मनीषा यादव, इंद्रवती मौजूद थीं

एटा : फर्जी डिग्रियों को लेकर जिले मे हलचल, फर्जी शिक्षकों की मिली सीडी, होगी कार्रवाई

फर्जी डिग्रियों को लेकर जिले में फिर से हलचल नजर आने लगी है। काफी समय बाद वर्ष 2004 में फर्जी बीएड की मार्कशीटों से बेसिक शिक्षा में नौकरी पाने के मामलों का खुलासा होने के बाद मुन्ना भाइयों की पकड़ के लिए यहां भी माथापच्ची शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने फर्जी डिग्री धारियों की सूची की सीडी विभाग को उपलब्ध करा दी है। इसी के द्वारा मुन्ना भाइयों के चिन्हांकन को लेकर विभाग ने तैयारी कर दी है। सोमवार से गोपनीय तरीके से सीडी के आधार पर चिन्हांकन शुरू हो जाएगा। जनपद के पिछले फीडबैक पर नजर डालें तो इस सूची में भी कई यहां के मुन्ना भाई हो सकते हैं। कारण यही है कि जिले में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं।

वैसे तो वर्ष 2004 में डा. भीमराम अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में हुए फर्जीवाड़े का मामला काफी समय से जांच के दायरे में ही रहा है। वर्ष 2005 और 2006 में बड़े पैमाने पर जिले में शिक्षक भर्तियां हुईं, जिनमें 2004 के बीएड डिग्री धारकों ने भी काफी संख्या में बेसिक शिक्षा के सहायक अध्यापक के पदों पर काफी नियुक्तियां पाईं। अब जब फर्जीवाड़े की स्थिति साफ होने के साथ ही शासन के पास उन डिग्रीधारियों की सूची है, जिन्होंने विश्वविद्यालय से फर्जी डिग्रियां हासिल की हैं। उनके गले तक अब हाथ पहुंचने में ज्यादा देरी नहीं है।

शासन से संबंधित फर्जी डिग्री धारकों की सीडी हर जिले के बेसिक शिक्षा विभाग को उपलब्ध करा दी हैं। बीएसए एसके तिवारी का कहना है कि सीडी मिल चुकी है तथा फर्जी डिग्री धारकों का चिन्हांकन कराया जा रहा है। जल्दी ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। 12010-11 में भी खुला था फर्जी डिग्रियों का खेल: वैसे तो दर्जनभर शिक्षकों की डिग्रियां वर्ष 2010 से पहले भी फर्जी पाने के कारण उनके विरुद्ध मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा बीटीसी 2010-11 के दौरान सामने आया था, जब उच्च मेरिट बनाने के लिए चार दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थियों ने बनारस विश्वविद्यालय से फर्जी अंकपत्र व प्रमाणपत्र बनवा लिए थे। तत्कालीन जिलाधिकारी की गंभीरता से मामला प्रवेश से पहले ही खुला। डायट प्रशासन ने संबंधित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई।

झाँसी : शिक्षकों की लम्बित समस्याओं पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए नियमानुसार कार्यवाही करने हेतु बीएसए ने वित्त एवं लेखाधिकारी को लिखा पत्र, प्रति देखें

झाँसी : शिक्षकों की लम्बित समस्याओं पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए नियमानुसार कार्यवाही करने हेतु बीएसए ने वित्त एवं लेखाधिकारी को लिखा पत्र, प्रति देखें

कानपुर : सचिव का एडी बेसिक को निर्देश, वर्ष 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों की जांच के आदेश

डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में बीएड सत्र 2004-05 में 4570 फर्जी अंकतालिकाएं बांटी गईं। इस बात की आशंका है कि इसी आधार पर परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के पद पर नियुक्तियां हुई होंगी। बेसिक शिक्षा सचिव ने मंडलीय उप शिक्षा निदेशक (बेसिक) से मण्डल में 2005 के बाद हुई नियुक्तियों की जांच के आदेश देते हुए 10 नवंबर तक जवाब देने को कहा है। कोर्ट में लंबित प्रकरण के आधार पर जब पुलिस और एजेंसियों ने जांच की तो पता चला कि सत्र 2004-05 में 3517 छात्रों के टेबुलेशन चार्ट में अंक बढ़ाए गए थे। 1053 छात्रों की अंकतालिकाओं मे टेंपरिंग भी की गई थी। इन छात्रों में से बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक और गणित-विज्ञन शिक्षक बनने में सफलता पाई है। संदिग्ध छात्रों की सूची अपर पुलिस अधीक्षक विशेष अनुसंधान दल उत्तर प्रदेश ने जारी की है।

कानपुर वरिष्ठ संवाददाता

सचिव ने एडी बेसिक से कहा है कि वे अपने जनपदों में 2005 के बाद की प्रत्येक नियुक्ति की जांच कर उसके दस्तावेज तैयार कराएं। इसकी जानकारी सीधे सचिव को भेजी जाए। आशंका है कि कानपुर मण्डल में भी नियुक्तियां हुई होंगी। इनका पुलिस वेरीफिकेशन भी कराया जाएगा। यदि ऐसे शिक्षक मिलते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी करनी होगी।

कानपुर : अक्षयपात्र पर फिर होगी कवायद, मांगेंगे बजट, सरकार-अक्षयपात्र में पिछले साल हो चुका है समझौता

’ बजट की दरकार, टास्क फोर्स नहीं भेज रहीं जांच रिपोर्ट

500 से ज्यादा ब्लॉकों से रिपोर्ट नहीं आई

जनपदस्तरीय टास्कफोर्स ऑनलाइन रिपोर्ट नहीं भेज रही हैं। 500 से अधिक ब्लॉकों से भी रिपोर्ट नहीं आई हैं। परिवर्तन लागत और रसोइया मानदेय समय से उपलब्ध नहीं कराया जा पा रहा है। कानपुर नगर में केवल 32 फीसदी तक ही परिवर्तन लागत आदि पहुंच पाई। अब नोडल अफसर प्रतिदिन समीक्षा करेंगे। वहीं, रिपोर्ट में इस बात पर भी नाराजगी जताई है कि मां समितियों के रजिस्टरों में टिप्पणी नहीं होती है। 50 फीसदी से ज्यादा में तो समितियों के बारे में जानकारी ही नहीं दी गई है।

कानपुर में अक्षयपात्र के माध्यम से परिषदीय स्कूलों के बच्चों को गरम भोजन उपलब्ध कराने के लिए फिर से कवायद की जाएगी। मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण की समीक्षा में यह मुद्दा फिर उठाया गया। कानपुर नगर उन पांच जनपदों में है, जहां स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और अक्षयपात्र के बीच आपसी सहमति पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। शहर में केंद्रीय किचन के लिए स्थान पर चिह्न्ति हो चुका है। मध्यान्ह भोजन से जुड़े विभिन्न ¨बदुओं की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि वर्ष 2016 में कानपुर नगर समेत 11 जनपदों में अक्षयपात्र को गरम भोजन उपलब्ध कराने का जिम्मा देने का निर्णय लिया गया था। इनमें से पांच जनपदों आगरा, कानपुर नगर, वाराणसी, इलाहाबाद और अंबेडकर नगर के लिए आपसी समझौते पर हस्ताक्षर हो गए। यह समझौता जिलाधिकारी और नगर आयुक्तों ने अक्षयपात्र के साथ किया था। अक्षयपात्र शुरू नहीं कर सका काम : परमपुरवा स्थित पंडित रतनलाल शुक्ल इंटर कॉलेज के सामने खाली पड़ी जगह पर अक्षयपात्र को केंद्रीय किचन बनाने के लिए जगह दी गई थी। अक्षयपात्र ने भी इसके लिए तैयारी कर ली थी। पर जो बजट पास हुआ वह खातों में नहीं आया। अक्षयपात्र यहां से करीब एक लाख बच्चों को गरम भोजने देने की तैयारी में था। 25 अक्तूबर को लखनऊ में हुई बैठक के दौरान बताया गया कि 23 जनपदों में 132 एजेंसियां हैं। लखनऊ में 12 सौ विद्यालयों के 1.25 लाख बच्चों को अक्षयपात्र ही भोजन उपलब्ध करा रहा है। जुलाई में शासन को सूचना भेजी गई थी। अब फिर जानकारी दी जा रही है।

कौशाम्बी : 91 शिक्षकों पर लटकी बर्खास्तगी की तलवार, कभी भी हो सकती है बर्खास्तगी 

 

जिले के 91 शिक्षकों के खिलाफ कभी भी बर्खास्तगी की कार्रवाई हो सकती है। इन शिक्षकों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की बीएड की डिग्री लगाकर नौकरी हासिल की थी। एसआईटी ने इनकी डिग्रियों को अवैध करार दे दिया है। इससे इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। बीएसए कार्यालय को अब कार्रवाई के लिए शासन के निर्देश का इंतजार है।वर्ष 2004-05 और इससे पहले तैनात हुए 91 शिक्षकों के खिलाफ शासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इन शिक्षकों ने भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड उत्तीर्ण करने की डिग्री लगाई थी। इन डिग्रियों की वैधता को लेकर चुनौती दी गई थी। शासन ने जांच कराई तो डिग्रियां फर्जी पाई गई। पूरे मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी। हाल ही में एसआईटी ने अपनी जांच शासन को सौंप दी है। अब इनके खिलाफ कभी कार्रवाई हो सकती है। इस पर बीएसए कार्यालय ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। वहीं कार्रवाई के खौफ से सहमे शिक्षकों का बुरा हाल है। उन्हें नौकरी जाने का भय सताने लगा है। कोई रास्ता न सूझने पर यह अध्यापक परेशान हैं।जिले से ही भेजी गई थी सूची: एसआईटी ने जांच के लिए सभी जिलों के बीएसए से डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड उत्तीर्ण कर नौकरी पाने वाले शिक्षकों की सूची मांगी थी। जिले से 91 शिक्षकों की सूची जांच के लिए शासन को दी गई थी। इसी सूची के आधार पर जांच की गई थी। आगरा विश्वविद्यालय की डिग्री लगाने वाले शिक्षक अपने कारनामों से वाकिफ हैं, इसीलिए वह बेचैन हो गए हैं।

‘कार्रवाई के लिए शासन से अभी तक कोई निर्देश नहीं मिला है। 91 शिक्षकों की सूची शासन को दी गई थी। इन सभी शिक्षकों ने नौकरी के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की बीएड डिग्री लगाई थी। निर्देश मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।’ -महराज स्वामी, बीएसए

मथुरा : फर्जी मार्कशीट से शिक्षक कर रहे नौकरी, टेट में भी करीब तीन दर्जन मामले प्रकाश में आने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, इस वर्ष भी 35 मामले आए सामने


फर्जीवाड़ा

चार रिमांडर, दस माह और दो बीएसए बदलने के बाद भी जिले में संदिग्ध मार्कशीट के सहारे बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वाले 19 शिक्षकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। इस मामले में आगरा विश्वविद्यालय ने बीएसए को अभी तक मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। प्रदेश सरकार ने फर्जी मार्कशीट से नौकरी पाने वाले 4570 शिक्षकों पर शिकंजा कसा है। इनमें मथुरा जिले के भी सात शिक्षकों को संदिग्ध माना है। इस मामले की जांच एसआइटी कर रही है। इस जांच के परिणाम जब आएंगे तब आएंगे लेकिन विभाग की सुस्ती का आलम यह है कि बीते दिसंबर माह में संदिग्ध मार्कशीट से नौकरी पाने वाले 19 शिक्षकों का मामला प्रकाश में आने के बाद इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 1जून 2016 में परिषदीय विद्यालयों में 16448 अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग प्रदेश में हुई थी। मथुरा में 173 सहायक शिक्षक पद पर काउंसिलिंग हुई। फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर 19 अभ्यर्थियों ने सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति पाई थी। यह मामला दिसंबर 2016 में सामने आया था। तत्कालीन बीएसए मनोज मिश्र ने एफआइआर के निर्देश दिए। आगरा विवि को मार्कशीट के सत्यापन के लिए पत्र लिखे, लेकिन अभी तक अंक तालिकाओं का सत्यापन नहीं हो सका है।

जो सीडी हमारे पास है उसका विश्लेषण कर रहे है, नाम के सामने जिले का नाम न होने से दिक्कत आ रही है। सीडी में नाम का अनुक्रमांक लिखा हुआ है। रिकार्ड से मिलान करने के बाद चयन समिति के सामने भेज दिया जाएगा और कार्यवाही की जाएगी। रही बात 2016 के 19 फर्जी शिक्षकों के मामले की तो शैक्षिक दस्तावेजों के वैरीफिकेशन का मामला आगरा यूनिवर्सिटी में लंबित है। रिपोर्ट भेजने के लिए यूनिवर्सिटी में चार रिमाइंडर भेज चुके हैं। यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट आने के बाद ही कार्यवाही की जाएगी।

संजीव कुमार सिंह, बीएसएवर्ष 2013 और 14 में बीटीसी में प्रवेश पाने वाले कुछ अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी प्रतीत हो रहे थे। इसी वर्ष मार्च में इनकी जांच कराई गई तो किसी का हाईस्कूल, किसी का इंटरमीडिएट तो किसी के स्नातक के प्रमाण पत्र फर्जी निकले। 35 अभ्यर्थी के प्रमाण पत्र फर्जी निकलने पर अफरा-तफरी मच गई। वर्ष 2014 के अंत में परिषदीय विद्यालय में सहायक शिक्षक भर्ती के लिए प्रदेश में 15 हजार जगह निकाली गई थीं। जनपद में 200 शिक्षक भर्ती होने थे। इसके लिए अक्टूबर 2015 में काउंसिलिंग हुई थी। इसमें 13 टेट की मार्कशीट फर्जी निकली थीं।

कौशांबी डायट में तैयार हो रहे फर्जी शिक्षक,!कौशांबी के अलावा प्रतापगढ़ और फतेहपुर के भी फर्जी शिक्षक शामिल

बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अंकपत्र व प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी पाने वालों की जांच हो रही है। जांच के दायरे में कौशांबी भी है। यहां डायट से प्रशिक्षण लेने के बाद विभिन्न जिलों में नौकरी कर रहे तीस शिक्षक अब तक पकड़े गए हैं। जांच के बाद उनको बर्खास्त कर दिया गया है। अन्य की जांच की जा रही है। कौशांबी में जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान भी फर्जीवाड़े से अछूता नहीं है। फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे डायट से कइयों ने प्रशिक्षण लिया, और शिक्षक बन गए। ऐसे फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर डायट में ट्रेनिंग ली गई है। 23 अक्टूबर को बेसिक शिक्षा परिषद से मिले एक पत्र के बाद जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान में हलचल मच गई है। दो लोगों ने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाई है। विभाग की ओर से इन दो शिक्षकों को किंग जर्ज मेडिकल कॉलेज भेजकर उनकी दिव्यांगता की जांच कराई जा रही है। अब भी तक डायट को रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट गलत मिली तो दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।

पहले भी पकड़े फर्जीवाड़े : जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान कौशांबी में 2005 के बाद से प्रशिक्षण लेने वालों पर फर्जी डिग्री का प्रयोग का आरोप लगने लगे थे। इसके साथ ही इस मामले की जांच को लेकर समय-समय पर मांग भी की जाने लगी, लेकिन वर्ष 2013 में पुलिस के सामने फर्जी डिग्री का मामला प्रकाश में आया। पुलिस ने एक वाहन से करीब दर्जन भर फर्जी अंकपत्र बरामद किए। पुलिस की जांच में डायट के एक लिपिक के साथ ही तीन अन्य बाहरी लोगों ने नाम प्रकाश में आए, जिसकी जांच अब तक चल रही है। मामले को लेकर पुलिस की जांच कहां तक पहुंची। इसको लेकर उनके पास भी कोई जवाब नहीं है।

प्रतापगढ़ के छह और फतेहपुर के 16 ने भी लिया प्रशिक्षण : जनवरी 2017 से अब तक कौशांबी के डायट में प्रशिक्षण लेने वाले 30 लोगों को पकड़ा गया, जिसमें कौशांबी व प्रतापगढ़ में छह और फतेहपुर में 16 शिक्षक पकड़े गए थे। जो कौशांबी डायट से प्रशिक्षण लेने के बाद नौकरी कर रहे थे। सभी को बर्खास्त कर दिया गया है।

कौशांबी के अलावा प्रतापगढ़ और फतेहपुर के भी फर्जी शिक्षक शामिल 1 जनवरी से अब तक कौशांबी के पकड़े गए तीस फर्जी शिक्षक पूर्व में क्या हुआ है इसकी ज्यादा जानकारी नहीं है। वर्तमान में दिव्यांग प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी कर रहे दो शिक्षकों की जांच चल रही है। 23 अक्टूबर को बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से आदेश मिला है। किंग जर्ज मेडिकल कॉलेज से जांच अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। अशोक कुमार, प्राचार्य डायट कौशांबी।