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Monday, October 30, 2017

मथुरा : फर्जी मार्कशीट से शिक्षक कर रहे नौकरी, टेट में भी करीब तीन दर्जन मामले प्रकाश में आने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, इस वर्ष भी 35 मामले आए सामने


फर्जीवाड़ा

चार रिमांडर, दस माह और दो बीएसए बदलने के बाद भी जिले में संदिग्ध मार्कशीट के सहारे बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वाले 19 शिक्षकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। इस मामले में आगरा विश्वविद्यालय ने बीएसए को अभी तक मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। प्रदेश सरकार ने फर्जी मार्कशीट से नौकरी पाने वाले 4570 शिक्षकों पर शिकंजा कसा है। इनमें मथुरा जिले के भी सात शिक्षकों को संदिग्ध माना है। इस मामले की जांच एसआइटी कर रही है। इस जांच के परिणाम जब आएंगे तब आएंगे लेकिन विभाग की सुस्ती का आलम यह है कि बीते दिसंबर माह में संदिग्ध मार्कशीट से नौकरी पाने वाले 19 शिक्षकों का मामला प्रकाश में आने के बाद इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 1जून 2016 में परिषदीय विद्यालयों में 16448 अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग प्रदेश में हुई थी। मथुरा में 173 सहायक शिक्षक पद पर काउंसिलिंग हुई। फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर 19 अभ्यर्थियों ने सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति पाई थी। यह मामला दिसंबर 2016 में सामने आया था। तत्कालीन बीएसए मनोज मिश्र ने एफआइआर के निर्देश दिए। आगरा विवि को मार्कशीट के सत्यापन के लिए पत्र लिखे, लेकिन अभी तक अंक तालिकाओं का सत्यापन नहीं हो सका है।

जो सीडी हमारे पास है उसका विश्लेषण कर रहे है, नाम के सामने जिले का नाम न होने से दिक्कत आ रही है। सीडी में नाम का अनुक्रमांक लिखा हुआ है। रिकार्ड से मिलान करने के बाद चयन समिति के सामने भेज दिया जाएगा और कार्यवाही की जाएगी। रही बात 2016 के 19 फर्जी शिक्षकों के मामले की तो शैक्षिक दस्तावेजों के वैरीफिकेशन का मामला आगरा यूनिवर्सिटी में लंबित है। रिपोर्ट भेजने के लिए यूनिवर्सिटी में चार रिमाइंडर भेज चुके हैं। यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट आने के बाद ही कार्यवाही की जाएगी।

संजीव कुमार सिंह, बीएसएवर्ष 2013 और 14 में बीटीसी में प्रवेश पाने वाले कुछ अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी प्रतीत हो रहे थे। इसी वर्ष मार्च में इनकी जांच कराई गई तो किसी का हाईस्कूल, किसी का इंटरमीडिएट तो किसी के स्नातक के प्रमाण पत्र फर्जी निकले। 35 अभ्यर्थी के प्रमाण पत्र फर्जी निकलने पर अफरा-तफरी मच गई। वर्ष 2014 के अंत में परिषदीय विद्यालय में सहायक शिक्षक भर्ती के लिए प्रदेश में 15 हजार जगह निकाली गई थीं। जनपद में 200 शिक्षक भर्ती होने थे। इसके लिए अक्टूबर 2015 में काउंसिलिंग हुई थी। इसमें 13 टेट की मार्कशीट फर्जी निकली थीं।

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