DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कैसरगंज कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महाराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फर नगर मुजफ्फरनगर मुज़फ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी मैनपूरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Saturday, November 18, 2017

गोरखपुर : 'आईजीसाब' बने 'मास्साब', सरकारी स्कूल को बनाया कॉन्वेंट सरीखा

गोरखपुर के जीतपुर प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय को चार माह पहले लिया था गोद

अच्छी खबर
नो बैग डे

स्कूल में हर शनिवार को नो बैग डे होता है। 

इस दिन खेल-कूद, निबंध, वाद-विवाद और नैतिक शिक्षा की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं, ताकि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का भी विकास हो।
हफ्ते में दो दिन पढ़ाते भी हैं आईजी
आईजी मोहित अग्रवाल खुद मंगलवार और शुक्रवार को एक-एक घंटे बच्चों को पढ़ाते हैं। इसके लिए वह बाकायदा नोट्स भी बनाते हैं, ताकि बच्चों को विषय ठीक से समझाया जा सके और उन्हें रटना न पड़े। छात्र-छात्राओं का हर महीने टेस्ट लिया जाता है। आईजी स्वयं इन बच्चों का पेपर सेट करते हैं। अटेंडेंस व नंबर के आधार पर हर महीने अव्वल आने वाले छात्र-छात्राओं को 'स्टार ऑफ द मंथ' चुना जाता है। दो माह लगातार अव्वल आने वाले बच्चे को 'सुपरस्टार आॅफ द मंथ' का तमगा दिया जाता है। 

मेधावियों को इंटर तक फ्री शिक्षा 

इस स्कूल से कक्षा आठ पास कर निकलने वाले टॉप पांच बच्चों को कॉन्वेंट स्कूल में इंटरमीडिएट तक मुफ्त शिक्षा दिलवाई जाएगी। इसके लिये शहर के एलएफस स्कूल (लिटिल फ्लावर स्कूल) ने हाथ बढ़ाया है। स्कूल का प्रबंधन टॉप पांच बच्चों की इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की जिम्मेदारी लेगा।
...वहां अब रंग-बिरंगी डेस्क
जहां टाट बिछते थे...
बदला माहौल तो बढ़ गए बच्चे
स्कूल को आईजी के गोद लेने के पहले कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की संख्या 275 थी। वर्तमान में बच्चों की कुल संख्या 304 है। वहीं कक्षा छह से आठ तक बच्चों की पहले संख्या पहले 120 थी। जो कि वर्तमान में बढ़कर 174 हो गयी है।
इस स्कूल को पूरी तरह से ‘हैपी स्कूल’ बनाना है। छात्र-छात्राओं को खुद की सुरक्षा के लिए सेल्फ डिफेंस का कोर्स भी करवाया जाएगा। 

-मोहित अग्रवाल, आईजी गोरखपुर
शुक्रवार को स्कूल का एनुअल स्पोट‌्र्स डे मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कमिश्नर अनिल कुमार रहे।• अनुज मिश्रा, गोरखपुर : गोरखपुर के पिपरौली ब्लॉक के जीतपुर प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय को देखकर सरकारी और कॉन्वेंट स्कूल में अंतर करना मुश्किल है। स्कूल में छात्र-छात्राओं के पढ़ने के लिए बेहतरीन क्लासरूम, बेंच, चारों ओर हरियाली और साफ-सुथरे टॉइलट। कक्षा आठ तक के इस विद्यालय की सूरत बदली है, गोरखपुर के आईजी मोहित अग्रवाल ने।

आईजी मोहित अग्रवाल ने इस विद्यालय को जून-2017 में गोद लिया था। महज चार महीने में न सिर्फ स्कूल की इमारत का कायाकल्प हुआ है बल्कि पढ़ाई-लिखाई का पूरा सिस्टम ही बदल गया है। कॉन्वेंट स्कूलों की तरह छात्र-छात्राओं को यलो, ग्रीन, रेड व ब्लू हाउसों में बांटा गया है। हर महीने टेस्ट लिया जाता है। 

No comments:
Write comments