DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कैसरगंज कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महाराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फर नगर मुजफ्फरनगर मुज़फ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी मैनपूरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Thursday, November 2, 2017

आगरा : बीएड की फर्जी डिग्री से नौकरी प्राप्त करने वाले शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार, हर शिक्षक की जांची जाएगी बीएड मार्कशीट


बीएड की फर्जी डिग्री से नौकरी प्राप्त करने वाले शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार लटकी हुई है। शासन ने फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी प्राप्त करने वाले 4570 शिक्षकों की सूची भी तैयार कर ली है। अब इन शिक्षकों की वास्तविक पहचान के लिए इनकी बीएड डिग्री की जांच की जा रही है। सभी शिक्षकों से तीन नवंबर तक मूल प्रमाण मांगे गए हैं।

विवि के बीएड सत्र 2005 में हुए फर्जीवाड़े में 4500 से ज्यादा फर्जी मार्कशीट जनरेट की गई थीं। इन फर्जी मार्कशीट से लोगों ने शिक्षा विभाग में नौकरी प्राप्त कर ली है। एसआइटी की जांच में ऐसे लोगों के नाम भी सामने आ गए हैं। इन सभी नामों की सीडी बनाकर हर जिले में एडी बेसिक और बीएसए को भेजी गई हैं। अब इस सीडी में दिए नामों में से बीएसए को अपने यहां तैनात फर्जी शिक्षकों की पहचान करनी है। इस काम में विभाग जुट गया है। फर्जी शिक्षकों की पहचान के लिए आगरा में तैनात सभी परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की बीएड अंकपत्र की जांच की जा रही है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वो अपने खंड में वर्ष 2004 के बाद तैनात सभी शिक्षकों की बीएड की मूल अंकतालिका जमा कर लें। काबिलेगौर है कि शासन की सूची में नाम दिए हैं, इनकी सही पहचान जिला स्तर पर होनी है। इसके अलावा एक प्रारुप भी भरकर देना है। बीएसए अर्चना गुप्ता ने बताया कि बीएड की फर्जी मार्कशीट की जांच के लिए शिक्षकों की बीएड की मार्कशीट मांगी गई हैं।

No comments:
Write comments