DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कैसरगंज कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महाराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फर नगर मुजफ्फरनगर मुज़फ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी मैनपूरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Monday, November 13, 2017

फिरोजाबाद : दूसरे जिलों से तबादले करा लाए फर्जी शिक्षक,कई जिलों ने भेजी ऐसे अध्यापकों की सूची, मची खलबली

जिले में फर्जी शिक्षकों की संख्या 154 है। वहीं बताया जाता है कि कई शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे दूसरे जिलों में नौकरी पा ली। बाद में मौका पाकर अंतरजपदीय स्थानांतरण कराकर वह पुन: यहां पर आ गए, लेकिन एसआइटी की जांच के बाद जारी सीडी में यह भी बच नहीं पाएंगे। हालांकि विभागीय सूत्रों का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग पूर्व में ही सर्विस बुक के आधार पर इनकी पहचान कर चुका है।
इनके खिलाफ विभाग की कार्रवाई भी प्रस्तावित हो चुकी है।

फर्जी शिक्षकों में कई ऐसे भी हैं, जिन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने के बाद में दूसरे जिलों में शिक्षक की नौकरी की। नंबर बढ़ने के बाद भी कईयों का नंबर यहां पर नहीं आया, तो पूर्वाचल में सीटें ज्यादा होने पर उन्होंने वहां पर ज्वाइन कर लिया। इसके बाद इन शिक्षकों को अंतरजनपदीय स्थानांतरण में वापस जिले में लौटने का मौका मिला, तो वह यहां पर आ गए। यहां पर नौकरी करने वाले इन शिक्षकों के संबंध में संबंधित जिलों से भी सूची आ रही है। हमीरपुर के साथ दो अन्य जिलों ने बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र भेज कर ऐसे शिक्षकों की सूचना भेजी है, जिन्होंने उनके यहां पर ज्वाइनिंग की और इसके बाद ट्रांसफर करा ले गए। सूची आने के बाद में विभाग ने मिलान किया, तो पता चला कि इन शिक्षकों का नाम विभाग द्वारा तैयार सूची में पहले से ही हैं। बताया जाता है कि फर्जी शिक्षकों की सर्विस बुक से विभाग ने इन्हें पकड़ लिया था। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ.सच्चिदानंद यादव का कहना है कुछ जिलों ने सूची भेजी है, लेकिन इसकी जरूरत नहीं है, क्योंकि सर्विस बुक में शिक्षक का रिकॉर्ड रहता है और उससे इन्हें पकड़ा जा चुका है। इसके चलते ही हमने यहां से स्थानांतरित होने वाले शिक्षकों की सूची जिलों को नहीं भेजी है, क्योंकि उन्हें सर्विस बुक से इसकी जांच करनी चाहिए।

No comments:
Write comments