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Thursday, December 7, 2017

फिरोजाबाद : 2009-10 में शिक्षक-शिक्षिकाओं के निलंबन एवं बहाली में अनियमितता का मामला : बीएसए दफ्तर पहुंची विजिलेंस, पूछताछ

बुधवार को जांच सतर्कता अधिष्ठान आगरा की टीम ने बीएसए दफ्तर में सत्र 2009-10 में हुए सस्पेंशन एवं बहाली की जांच की। लाभ पाने वाले शिक्षकों से पूछताछ के साथ में तत्कालीन शिक्षाधिकारियों तथा ब्लॉक समन्वयक के भी बयान लिए। करीब तीन घंटे तक टीम दफ्तर में डेरा जमाई रही। टीम द्वारा तत्कालीन बीएसए नरेश वर्मा के खिलाफ हुई शिकायतों के मामले में जांच की जा रही है।

तत्कालीन बीएसए के कार्यकाल में अनियमितताओं के खिलाफ इस्लामगंज निवासी सरोजनी सागर ने लोकायुक्त में शिकायत की थी। लोकायुक्त ने इस मामले की जांच के बाद शासन को संदर्भित कर दिया, जहां से शिकायतों पर शासन ने विजीलेंस जांच बैठा दी। इस मामले में बुधवार को आगरा विजीलेंस से इंस्पेक्टर तनवीर अहमद रिजवी एवं केएल वर्मा जांच करने बीएसए दफ्तर पहुंचे। विजीलेंस की टीम ने यहां पर तत्कालीन डिप्टी उच्च प्राथमिक स्कूल खरगपुर खैरगढ़ के प्रधानाध्यापक भगवान सिंह, प्राथमिक स्कूल नगला शीश की प्रधानाध्यापिका प्रीति यादव एवं प्राथमिक स्कूल शोभनपुर की प्रधानाध्यापिका नीरज यादव से पूछताछ की। बताते हैं भगवान सिंह को स्कूल में न मिलने पर निलंबित किया गया था। बाद में इन्हें बहाल कर दिया गया।

बहाली के साथ घर के नजदीकी स्कूल में ही पो¨स्टग दे दी। ऐसे में कार्रवाई के नाम पर लाभ का आरोप शिकायत में लगाया था। बताया जाता है इस मामले की जांच डिप्टी बीएसए हरिश्चंद्र चक ने की थी। ऐसे में विजीलेंस ने तत्कालीन डिप्टी बीएसए हरिश्चंद्र से भी बयान लिए हैं।

वहीं दोनो शिक्षिकाओं के संबंध में बताया जाता है स्कूल से बगैर छुट्टी स्वीकृत कराए गैरहाजिर रहने पर इनका वेतन रोका गया, लेकिन बाद में छुट्टियां स्वीकृत कर वेतन भी जारी कर दिया। इन शिक्षिकाओं से पूछताछ के साथ में तत्कालीन ब्लॉक समन्वयक उमाशंकर सिंह से भी पूछताछ की गई।

कई शिक्षक भी रहे इर्द-गिर्द : विजीलेंस टीम ने नोटिस भेजकर उक्त शिक्षकों को बीएसए दफ्तर में उपस्थिति रहने के आदेश दिए थे, लेकिन सुबह से ही दफ्तर में कई अन्य चर्चित शिक्षक भी नजर आए। शिकायत में इन शिक्षकों के भी नाम शामिल हैं। ऐसे में उत्सुकता एवं चिंता में यह सुबह से ही दफ्तर के इर्द-गिर्द विजीलेंस टीम की गतिविधियों पर नजर जमाए रहे। उक्त शिक्षक बाद में यह भी पता करते नजर आए, कहीं विभाग ने उनसे संबंधित दस्तावेज तो नहीं मांगे।

इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ.सच्चिदानंद यादव का कहना है कि सन् 2009-10 में जिले में तैनात रहे बीएसए के कार्यकाल के कुछ मामलों में जांच चल रही है। विजीलेंस टीम उसमें शिक्षकों से पूछ ताछ के लिए आई थी।
बीएसए दफ्तर में जांच को पहुंची एआइटी की टीम। ’ जागरण

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