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Thursday, December 14, 2017

प्रदेश सरकार तदर्थ शिक्षकों को नियमित करने की तैयारी में और दूसरी ओर प्रदेश भर के तमाम अशासकीय माध्यमिक कालेजों में शिक्षकों की प्रबंधन कर रहा सीधी भर्तियां

 इलाहाबाद : एक ओर प्रदेश सरकार तदर्थ शिक्षकों को नियमित करने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश भर के तमाम अशासकीय माध्यमिक कालेजों में शिक्षकों की प्रबंधन सीधे भर्तियां कर रहा है। अशासकीय माध्यमिक कालेजों में हजारों संख्या में नियुक्त तदर्थ शिक्षकों को लेकर कुछ दिन पहले ही प्रतियोगियों ने आंखें तरेरी थी। उनकी मांग थी कि इन पदों को रिक्त घोषित करके 2016 के विज्ञापन में उन्हें जोड़ा जाए। मांग के उलट प्रदेश सरकार तदर्थ शिक्षकों को नियमित करने की तैयारी में है। 



अशासकीय कालेजों के लिए प्रधानाचार्य, प्रवक्ता व स्नातक शिक्षकों की नियुक्ति करने वाला माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड इधर कई माह से ठप पड़ा है। बोर्ड का पुनर्गठन हो रहा है, बीते 11 दिसंबर तक अध्यक्ष व दस सदस्यों के लिए आवेदन लिए जा चुके हैं। प्रतियोगी चयन बोर्ड ठप होने से परेशान हैं, क्योंकि 2016 की टीजीटी-पीजीटी परीक्षा कार्यक्रम घोषित होने के बाद भी नहीं हो सकी है। चयन बोर्ड ठप होने का लाभ उठाकर कालेज प्रबंधक नियुक्तियों में जुटे हैं। इससे आने वाली भर्तियों में रिक्त पदों का संकट होगा या फिर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए परेशान होना होगा।


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