DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कैसरगंज कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महाराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फर नगर मुजफ्फरनगर मुज़फ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी मैनपूरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Thursday, December 7, 2017

शीर्ष शिक्षण संस्थान अब विदेश में घूम-घूमकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों की देंगे जानकारी, विदेशी छात्रों को लुभाने के लिए शिक्षा संस्थानों की ब्रांडिंग करेगी सरकार

विदेशी छात्रों को लुभाने के लिए सरकार ने एक बड़ी पहल की है। इसके तहत अब वह देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों संग मिलकर दुनिया के तमाम देशों में बड़े-बड़े रोड शो करेगी। फिलहाल योजना के तहत जिन देशों पर फोकस किया गया है, उनमें सार्क, मध्य पूर्व और अफ्रीका सहित दुनिया के ऐसे देश शामिल हैं, जहां से मौजूदा समय में बड़ी संख्या में छात्र हर साल पढ़ाई के लिए भारत आते हैं। वर्तमान में हर साल औसतन 30 से 40 हजार विदेशी छात्र भारत में पढ़ाई के लिए आते हैं। सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षो में इस संख्या को एक लाख के पार पहुंचाना है।

मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रलय से जुड़ी स्वायत्त संस्था एजुकेशन कंसलटेंट इंडिया लिमिटेड (एडसिल) ने फिलहाल विदेशी छात्रों को लुभाने का यह जिम्मा उठाया है। इसे लेकर एडसिल ने मंत्रलय को एक प्लान दिया है। मंत्रलय ने इसे सैद्धांतिक रूप से अपनी सहमति दे दी है। उसने एडसिल से जरूरी तैयारियां करने के लिए कहा है। इसमें देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों से करार करना शामिल है। योजना के तहत शीर्ष शिक्षण संस्थान अब विदेश में घूम-घूमकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी देंगे। पढ़ने के इच्छुक विदेशी छात्रों को मिलने वाली सहूलियतें भी बताएंगे।

एडसिल के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पूरी योजना को वह विदेश में आमंत्रण के रूप में लेकर जाएंगे। जहां वह विदेशी छात्रों को बताएंगे, वह पढ़ने के लिए भारत आएं। योजना की शुरुआत नए साल से की जाएगी।

विदेशी छात्रों के लिए कम से कम 10 सीटें मुहिम से जुड़ रहे शीर्ष शिक्षण संस्थानों को एडसिल ने अपने यहां विदेशी छात्रों के लिए कम से कम 10 सीटें आरक्षित करने को कहा है। एडसिल से जुड़े अधिकारियों की मानें तो विदेशी छात्रों के प्रवेश की प्रक्रिया को यदि सरल किया जाता है, तो निश्चित ही उनका रुझान भारतीय शिक्षण संस्थानों की ओर बढ़ेगा। एडसिल वर्तमान में देश और विदेशी छात्रों के लिए दूरस्थ शिक्षा के कई पाठ्यक्रम संचालित कर रही है

No comments:
Write comments