DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Tuesday, December 5, 2017

विश्वविद्यालय अपनी मर्जी से शुरू नहीं कर सकेंगे कोर्स, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से लेनी होगी मंजूरी

विश्वविद्यालय या कोई भी संस्थान अब अपनी मर्जी से कोई भी कोर्स नहीं शुरू कर सकेंगे। इन्हें किसी कोर्स को चालू करने से पहले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की मंजूरी लेनी होगी। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों या उच्च शिक्षण संस्थानों में बगैर मंजूरी के चल रहे ऐसे सभी कोर्सो को अमान्य करार देते हुए इन्हें तत्काल बंद करने की सलाह दी है।1यूजीसी ने हाल ही में कुछ चुनिंदा विश्वविद्यालय और डीम्ड संस्थानों की कराई गोपनीय जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद यह निर्देश दिया है। इसमें पता चला है कि देश के कई विश्वविद्यालयों और संस्थानों में यूजीसी की मंजूरी बिना भी कुछ कोर्सो का संचालन किया जा रहा है।1सूत्रों की मानें तो यूजीसी ने इस रिपोर्ट को गंभीरता से लिया है। हालांकि यूजीसी सख्ती दिखाती, इससे पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने चार डीम्ड संस्थानों के इंजीनियरिंग कोर्स को अवैध ठहराते हुए उनकी सभी डिग्रियों को अमान्य करार दे दिया था। ये संस्थान यूजीसी की अनुमति बगैर दूरस्थ शिक्षा के तहत इंजीनियरिंग कोर्स को चला रहे थे। इसके बाद यूजीसी में हड़कंप मच गया। इसी बीच यूजीसी के सामने अंबेडकर विश्वविद्यालय में संचालित हो रहे कुछ ऐसे कोर्सो की रिपोर्ट भी सामने आई। इस पर यूजीसी ने देशभर के सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी कर बिना मंजूरी संचालित किए जा रहे कोर्सो को तत्काल बंद करने को कहा है। यूजीसी ने यह सख्ती तब दिखाई है, जब सरकार भी उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए पूरी शिद्दत से जुटी है। इस दौरान संस्थानों को ऐसे पाठ्यक्रम शुरू करने की भी सलाह दी जा रही है, जो छात्रों के भविष्य निर्माण में सहायक हो।

No comments:
Write comments