DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Wednesday, January 31, 2018

उत्तराखण्ड :  शिक्षा प्रेरकों के रोजगार पर कैंची, बंद की केंद्रपोषित ‘साक्षर भारत कार्यक्रम’ योजना, एक जनवरी से योजना समाप्त

देहरादून : राज्य में 5155 शिक्षा प्रेरकों के रोजगार पर कैंची चल गई है। केंद्र सरकार से शिक्षा प्रेरकों के 19 माह के बकाया मानदेय की 17.52 करोड़ राशि का भुगतान नहीं होने पर राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है। केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित साक्षर भारत कार्यक्रम योजना को बीती एक जनवरी से समाप्त करने के आदेश सरकार ने जारी किए हैं। 




राज्य के छह जिलों बागेश्वर, चंपावत, हरिद्वार, टिहरी, ऊधमसिंह नगर और उत्तरकाशी में केंद्रपोषित साक्षर भारत कार्यक्रम योजना संचालित की जा रही थी। इस योजना को केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर, 2017 तक बढ़ाया। हालांकि योजना अवधि बढ़ाने के बावजूद केंद्र की ओर से उक्त योजना के तहत राज्य में कार्यरत शिक्षा प्रेरकों के मानदेय का लंबे अरसे से भुगतान नहीं किया गया है। शिक्षा प्रेरकों को बतौर मानदेय तीन हजार रुपये स्वीकृत हैं। इनमें दो हजार रुपये केंद्र सरकार और एक हजार रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे हैं। 




केंद्र सरकार पर जून, 2016 से सितंबर, 2017 यानी कुल 16 माह की अवधि तक शिक्षा प्रेरकों के मानदेय की 16.49 करोड़ की राशि बकाया है। बीते दिसंबर तक कुल तीन माह की विस्तारित अवधि की मानदेय राशि का तकरीबन 1.03 करोड़ राशि और केंद्र पर बकाया है। शिक्षा प्रेरकों की ओर से निरंतर मानदेय के भुगतान की मांग की जा रही है। राज्य सरकार इतना बड़ा आर्थिक बोझ उठाने में खुद को समर्थ नहीं पा रही है। वहीं केंद्र सरकार की ओर से उक्त योजना को आगे भी जारी रखने और बकाया मानदेय पर चुप्पी साधे जाने के चलते राज्य सरकार ने उक्त योजना को एक जनवरी, 2018 से समाप्त कर दी है। इस संबंध में शिक्षा सचिव डॉ भूपिंदर कौर औलख ने आदेश जारी किए हैं। राज्य सरकार के इस फैसले से 5155 शिक्षा प्रेरक रोजगार से वंचित हो गए हैं।


 

No comments:
Write comments