DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Friday, January 12, 2018

प्रिंसिपल पद से हटने के बाद सीधे प्रोफेसर बनेंगे शिक्षक, कॉलेजों के प्रिंसिपल का अधिकतम कार्यकाल भी अब दस साल निश्चित

नई दिल्ली कॉलेज प्रिंसिपल के पद पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को अब कार्यकाल पूरा होने के बाद सम्मानजनक विदाई दी जाएगी। ऐसे शिक्षकों को प्रिंसिपल के पद से हटने के बाद सीधे प्रोफेसर के पद पर पदोन्नति मिलेगी। साथ ही कॉलेजों के प्रिंसिपल का अधिकतम कार्यकाल भी अब दस साल निश्चित कर दिया गया है। पहले चरण में यह पांच साल का होगा, इसके बाद पांच साल का और सेवा विस्तार दिया जा सकता है। मौजूदा समय में कॉलेज प्रिंसिपल का अधिकतम कार्यकाल करीब 25 साल का है।



कॉलेज प्रिंसिपल की नियुक्ति के नियमों में बदलाव की यह सिफारिश यूजीसी की ओर से हिमाचल प्रदेश के पूर्व कुलपति प्रोफेसर सुनील गुप्ता की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने की है। कमेटी ने अपनी यह सिफारिश गुरुवार को सरकार को सौंपी है। यूजीसी सूत्रों के मुताबिक, कॉलेज प्रिंसिपल के पद पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के साथ मौजूदा समय में यह एक बड़ी विसंगति थी। इसके तहत प्रिंसिपल पद का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें अब तक उसी मूल कैडर में वापस भेज दिया जाता था, जहां से वह प्रिंसिपल के पद पर जाते थे। यानि यदि वे असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर काम करने के दौरान प्रिंसिपल के पद पर नियुक्ति पाते थे, तो प्रिंसिपल का कार्यकाल पूरा करने के बाद उन्हें फिर से असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर ही लौटना पड़ता था। जो कॉलेज का प्रिंसिपल बनने के बाद उन्हें नागवार गुजरता था।



पिछले दिनों सरकार के सामने कॉलेज के प्रिंसिपलों ने इसे लेकर नाखुशी दर्ज कराई थी। इसके बाद सरकार के निर्देश पर यूजीसी ने इस मामले को लेकर एक कमेटी गठित कर दी थी। जिसने देशभर के कॉलेजों की स्थितियों का जायजा लेने के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है।

No comments:
Write comments