DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Sunday, March 4, 2018

प्रदेश सरकार ने किया अनुदान के मानकों को घटाने से साफ इन्कार, अब मदरसों के लिए आसान नहीं होगा अनुदान पाना

प्रदेश के मदरसों के लिए अब सरकार से अनुदान पाना आसान नहीं रह गया है। योगी सरकार अब उन्हीं मदरसों को अनुदान सूची में लेगी जो सभी मानक पूरा करते हैं। स्थिति यह है कि अखिलेश सरकार की वर्ष 2013 में 146 मदरसों को अनुदान देने की घोषणा के तहत भी बचे हुए 46 मदरसे अब अनुदान नहीं पा सकेंगे।

अब प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है। इसने अनुदान के मानकों को घटाने से साफ इन्कार कर दिया है। अल्संख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि अब प्रदेश में एक भी मदरसे को मानक घटाकर अनुदान सूची में नहीं लिया जाएगा। प्रबंध समिति में कोई विवाद नहीं होना चाहिए। अब उन्हीं मदरसों को अनुदान सूची में लिया जाएगा जिनके नाम से भूमि व भवन होगा। साथ ही मदरसा शिक्षा परिषद की स्थायी मान्यता होनी चाहिए। मदरसों में छात्र संख्या 100 से कम नहीं होनी चाहिए

No comments:
Write comments