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Thursday, March 22, 2018

जांच में तीन जनपदों के मदरसों में मिली सर्वाधिक गड़बड़ी, मदरसा पोर्टल बनने के बाद एफआईआर और शासकीय धन की रिकवरी के लिए होगी कार्यवाही

जागरण संवाददाता, पडरौना, कुशीनगर: शासन के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों के मदरसों की जांच में कुशीनगर, आजमगढ़ व अमरोहा जनपदों में सर्वाधिक गड़बड़ी मिली है।जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम द्वारा 1125 मदरसों की कराई गई जांच में 158 तहतानिया व 6 आलिया वाले मदरसे धरातल पर नहीं मिले तो जांच की आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद ऐसे मदरसों की मान्यता निरस्त कर अन्य कार्रवाई के लिए शासन को फाइल भेज दी गई। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी घनश्याम प्रसाद ने बताया कि जनपद में 1125 मदरसों में 25 आलिया (माध्यमिक) वाले मदरसे हैं, जो एडेड हैं, शेष तहतानिया (प्राइमरी) वाले मदरसे हैं। जांच में जो मदरसे धरातल पर नहीं मिले या मान्यता फर्जी थे, ऐसे मदरसों के अनुदान, छात्रवृत्ति आदि की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई।

आजमगढ़ व अमरोहा में कुशीनगर की स्थिति ज्यादा गंभीर, जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम की जांच में धरातल पर नहीं मिले थे जांच में

कुशीनगर आजमगढ़ व अमरोहा जनपदों में कुशीनगर की स्थिति ज्यादा गंभीर है। सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों ने डीजिटल हस्ताक्षर से डाटा लाक कर दिया है। मदरसा पोर्टल बनने के बाद मैपिंग करा कर दोषी मदरसा संचालकों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने और शासकीय धन की रिकवरी कराने की कार्रवाई की जाएगी। एसएन पांडेय, ज्वाइंट डाइरेक्टर (अल्पसंख्यक कल्याण), उत्तर प्रदेश सरकार

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