DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Monday, April 16, 2018

चन्दौली : ई-टेंडरिंग प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराने के चलते अंक पत्रों के छपाई प्रक्रिया में विलंब, उत्तीर्ण बच्चे दाखिला को लेकर परेशान

जासं, चकिया(चंदौली): परिषदीय विद्यालयों में नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए एक पखवारा बीतने को है। बावजूद इसके पुराने सत्र का अंक पत्र अभी तक बंट नहीं पाया है। अभिभावक विद्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं। सबसे ज्यादा मुश्किलें कक्षा पांचवी व आठवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को हो रही है। शिक्षाधिकारी ई-टेंडरिंग के चलते अंक पत्र के प्रिंटिंग में हो रही लेटलतीफी को कारण बता रहे हैं। अंक पत्र विद्यालयों में पहुंचने का दावा किया जा रहा है। लेकिन हकीकत में अधिकांश छात्रों को अंक पत्र नहीं मिल पाया है। प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं 18 से 23 मार्च तक कराई गई। शिक्षकों को उत्तर-पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जल्द कर परीक्षाफल तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। विभाग की ओर से अंक चार्ट उपलब्ध नहीं कराने की दशा में शिक्षकों ने खुद के पैसे से व्यवस्था कर नंबर तो दर्ज कर दिए, लेकिन प्रारूप समय से नहीं मिल पाने के कारण अभी तक अधिकांश छात्रों को मार्कशीट नहीं मिल पाई है। हालांकि कुछ विद्यालयों के प्रधानाध्यापक ने बाजार से प्रारूप खरीदकर अंक पत्र बांट दिए हैं। निर्देश के तहत मार्च के अंतिम कार्य दिवस तक छात्रों को मार्कशीट बांट दिया जाना था,लेकिन ऐसा नहीं हो सका।पिछले कई वर्षों में यह पहला मौका है,जब निर्धारित समय पर अंक पत्र विद्यालय में नहीं पहुंच पाया। कक्षा पांचवीं व आठवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र हाल परेशान है,क्योंकि उन्हें दूसरे विद्यालयों में दाखिला लेना है। वे इसके लिए विद्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। शिक्षकों ने बताया कि गिने-चुने विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को हाल ही में अंक पत्र विभाग की ओर से दिए गए,जो छात्र संख्या के सापेक्ष बेहद कम है। कई विद्यालयों को तो मिला ही नहीं है। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली से अभिभावक आक्रोशित हैं।

ई-टेंडरिंग प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराने के चलते अंक पत्रों के छपाई प्रक्रिया में विलंब
इसके चलते मार्च माह के अंतिम दिनों में अंक पत्र विद्यालयों में नहीं पहुंच पाया। फिलहाल सभी विद्यालयों को अंक पत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसके वितरण में यदि लापरवाही की शिकायत मिली तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रकाशचंद्र यादव, बीईओ

साभार :- जागरण

No comments:
Write comments