DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Saturday, April 21, 2018

प्रदेश के महापुरुषों की तैयार हो रही किताब, यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में इसी साल से होगी लागू

वैदिक गणित 9 से 12 तक लागू
यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि कालेजों में वैदिक गणित की पढ़ाई के लिए इंतजाम हो गए हैं। सरकार ने इस संबंध में भी निर्देश दिया था।

इलाहाबाद : देश की आजादी के लेकर सामाजिक आंदोलनों में अहम भागीदारी निभाने वाले प्रदेश के महापुरुषों की अब विषय के रूप में पढ़ाई कराने की तैयारियां तेज हैं। यूपी बोर्ड प्रदेश सरकार के निर्देश पर एक अलग से किताब तैयार करा रहा है, जिसमें सिर्फ प्रदेश भर के अहम नायकों का जीवन वृतांत होगा। है कि इसी वर्ष से 26 हजार से अधिक कालेजों में पढ़ाई होगी। ‘दैनिक जागरण’ ने जनवरी माह में ही इस संबंध में खबर दी थी।

यूपी बोर्ड के सूत्रों की मानें तो इतिहास विषय के विशेषज्ञों के निर्देशन में तैयार होने वाली यह किताब यूपी बोर्ड की कक्षा 12 में इतिहास विषय के साथ पढ़ाई जाएगी। सरकार इसके लिए एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में परिवर्तन नहीं करेगी, बल्कि बुकलेट के रूप में जोड़ेगी। माध्यमिक कालेजों में नए सत्र से एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू हो चुका है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार का जोर अपनी संस्कृति और स्वर्णिम इतिहास को अक्षुण्ण बनाए रखने पर है। सरकार ने बोर्ड प्रशासन को निर्देश दिया है कि एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के साथ ही स्थानीय महापुरुष व गौरवशाली इतिहास पढ़ाने का इंतजाम हो। बोर्ड प्रशासन कक्षा 12 के इतिहास विषय में अलग बुकलेट जोड़ने की कर रहा है।

उस पुस्तक का शीर्षक ‘स्वतंत्रता आंदोलन और संविधान निर्माण में उप्र का योगदान’ होगा। इसको लेकर बोर्ड मुख्यालय पर कार्यशाला हो चुकी है। बुकलेट में उत्तर प्रदेश के आजादी के रणबांकुरों का जिक्र होगा। 1857 से लेकर 1947 तक के कालखंड में मंगल पांडेय, चंद्रशेखर आजाद, झांसी की रानी जैसे अनगिनत नाम होंगे। वहीं, 1916 के लखनऊ अधिवेशन में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के बीज मंत्र के उद्घोष का भी जिक्र होगा। इसी तरह से आजादी के आंदोलन में जेल गईं और उप्र की पहली मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी, जो 1946 में संविधान सभा की सदस्य चुनी गई के भी उल्लेखनीय कार्यों से छात्र-छात्रएं अवगत होंगे। इसके अलावा सुचेता कृपलानी के पति जेबी कृपलानी, देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, गोविंद बल्लभ पंत, पुरुषोत्तम दास टंडन आदि का योगदान भी पढ़ाया जाएगा।

No comments:
Write comments