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Tuesday, May 15, 2018

भाजपा कार्यालय के सामने कर रहें थे प्रदर्शन, उर्दू शिक्षकों और पुलिस के बीच झड़प, खदेड़ा

पिछले दो वर्षो से नियुक्ति की मांग कर रहे उर्दू शिक्षकों ने सोमवार को विधान भवन का घेराव करने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। गुस्साए शिक्षकों ने भाजपा मुख्यालय का रुख किया तो पुलिस के होश उड़ गए। प्रदर्शन रहे शिक्षकों पर गुस्साई पुलिस ने लाठियां फटकार कर उन्हें भगाने का प्रयास किया, लेकिन महिला शिक्षिकाएं नियुक्ति आदेश के बाद ही जाने पर अड़ी रही। पुलिस ने जबरन सभी को भाजपा मुख्यालय से बाहर निकाल कर करीब 40 शिक्षकों को हिरासत में ले लिया। उन्हें बस से ईको गार्डन लेकर जाकर छोड़ दिया गया।

टीईटी पास मुअल्लिम -ए-उर्दू एसोसिएशन के आह्वान पर दारुलशफा में जुटे शिक्षकों ने नारेबाजी के साथ पहले सभा की और सरकार पर आश्वासन के अलावा कुछ भी न करने का आरोप लगाया। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार की ओर से करीब 4000 उर्दू सहायक अध्यापकों की अनदेखी हो रही है। टीईटी पास मुअल्लिम-ए-उर्दू एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष उम्मे सफिया फरीदी ने कहा कि 2016 में 16,460 अभ्यर्थियों का शासनादेश सहायक अध्यापक भर्ती के लिए जारी हुआ था, जिसमें 12,460 बीटीसी व 4000 उर्दू सहायक अध्यापक भर्ती अभ्यर्थी शामिल थे। सरकार ने बीटीसी अभ्यर्थियों को तो नियुक्ति पत्र बांट दिए, लेकिन उर्दू सहायक अध्यापक को अभी तक नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए हैं। इस संबंध में कोर्ट से आदेश भी जारी हो चुका है, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है। मुख्यमंत्री से लेकर कई मंत्रियों तक से गुहार लगाई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ‘आश्वासन नहीं, नियुक्ति का अधिकार चाहिए’ के नारे के साथ शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन के अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ। जिला प्रशासन की ओर से भले ही ईको गार्डन को नया धरना स्थल बना दिया गया हो, लेकिन विधान भवन के सामने धरना रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को एक बार फिर प्रदर्शन कर उर्दू शिक्षकों ने रास्ता बाधित कर आम लोगों को परेशानी में डाला। घंटों परेशान रहे निवासियों ने विधान भवन के बजाय हजरतगंज और कैंट रोड से होते अपने गंतव्य तक गए।

बीएड-टीईटी उत्तीर्ण ने दिया धरना : बीएड-टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने शिक्षक पद पर तैनाती को लेकर सोमवार को भी धरना दिया। ईको गार्डन के पार्किंग स्थल पर धरने के दौरान उन्होंने एक बार फिर बाहर आने का प्रयास किया, लेकिन शिक्षा विभाग के सचिव आरपी सिंह के दो दिन के अंदर मामले के निपटारे के आश्वासन के बाद वे शांत हुए। बीएड-टीईटी 2011 संघर्ष समिति के आह्वान पर जुटे अभ्यर्थियों ने कैबिनेट के फैसले के अनुसार नियुक्ति की मांग की। समिति के मान बहादुर सिंह ने कहा कि तैनाती होने तक धरना जारी रहेगा।

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