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Saturday, June 2, 2018

निजी पॉलीटेक्निक संस्थान नहीं वसूल सकेंगे मनमानी फीस, फुलप्रूफ व्यवस्था करने की कवायद, काउंसलिंग प्रक्रिया पर सरकारी संस्थाएं रखेंगी नजर

सरकारी संस्थाएं रखेंगी नजर
निजी संस्थाओं पर नजर रखने के लिए जिले की सरकारी संस्थान को पैनी नजर बनाए रखने की जिम्मेदारी दी जाएगी। परिषद की ओर से एक अधिकारी की नियुक्ति होगी जो छात्रों की शिकायतों का न केवल निस्तारण करेगा बल्कि आवश्यक हुआ तो सरकारी संस्थान में ही प्राइवेट संस्थान की फीस जमा कर ली जाएगी, जिसे बाद निजी संस्थाओं को भेज दिया जाएगा। प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से निजी संस्थाओं की फीस का ट्रेडवार निर्धारण किया गया है। सरकारी संस्थाओं की फीस 11,036 रुपये तो सहायता प्राप्त की 17,500 है। निजी संस्थाओं की फीस करीब 30 हजार निर्धारित की गई है, लेकिन निजी संस्थाएं 40 से 50 हजार फीस के अलावा डोनेशन भी लेती हैं।



फार्मेसी संस्थाओं पर खास
पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा के माध्यम फार्मेसी डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश होता है। निजी संस्थाएं प्रवेश के नाम पर 80 से एक लाख रुपये अतिरिक्त की वसूली करतीं हैं। अभी तक प्रदेश में फार्मेसी की 80 संस्थाओं की 4800 सीटों पर प्रवेश होता था। इस बार 184 नई संस्थाएं खुलने से 11,040 सीटें और बढ़ गई हैं। कुल 15,840 सीटों के मुकाबले 37,756 अभ्यर्थी काउंसिलिंग के लिए चुने गए हैं। नए नियमों से मनमानी फीस रुकने की संभावना है।



लखनऊ  : यदि आपने पॉलीटेक्निक परीक्षा पास की है और काउंसिलिंग में आपका प्रवेश निजी संस्थाओं में हो जाता है तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। निजी संस्थाएं अब डोनेशन के नाम पर आपसे मनमानी फीस नहीं वसूल पाएंगी। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद की ओर से इसकी फुलप्रूफ व्यवस्था करने की कवायद की जा रही है।



संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद की ओर मई को परिणाम घोषित किया गया। आठ जून से प्रवेश पूर्व काउंसिलिंग शुरू होगी। काउंसिलिंग के दौरान संस्थाओं के आवंटन के दौरान सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी पॉलीटेक्निक संस्थाओं में प्रवेश होता है। योग्यता दस्तावेज जांच करने के नाम पर निजी संस्थाएं अभ्यर्थियों से मनमानी फीस की वसूली करतीं हैं, जिससे छात्रों के अभिभावकों को परेशानी होती है। इस बार परिषद की ओर से ऐसा करने वाली संस्थाओं के विरुद्ध कार्रवाई करने के साथ ही उसकी मान्यता भी राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षा परिषद से रद करने की संस्तुति की जाएगी।


इस बार पॉलीटेक्निक की निजी संस्थाओं पर शिकंजा कसने के लिए नए नियम बनाए गए हैं। जिले के सरकारी संस्थाओं को काउंसिलिंग के दौरान फीस पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। आठ जून से काउंसिलिंग शुरू होगी।- एफआर खान, सचिव, प्राविधिक शिक्षा परिषद

◆ जून से प्रवेश के पूर्व शुरू होगी काउंसिलिंग
◆ चरणों में काउंसिलिंग पूरी होने की संभावना
◆ मई को संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने परिणाम किया घोषित

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