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Wednesday, June 27, 2018

फिरोजाबाद/गोरखपुर : खंड शिक्षा अधिकारी ने सेटिंग कर रुकवाया अपना तबादला, सत्तारूढ़ दल के प्रदेश अध्यक्ष को दी सीधी चुनौती

फिरोजाबाद/गोरखपुर : खंड शिक्षा अधिकारी ने सेटिंग कर रुकवाया अपना तबादला, सत्तारूढ़ दल के प्रदेश अध्यक्ष को दी सीधी चुनौती

समय भास्कर /फिरोजाबाद /प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार के प्रति कड़ाई के लिए जानी जा रही है । विभिन्न स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार पर प्रदेश की भाजपा सरकार कार्यवाही कर रही है। लेकिन फ़िरोज़ाबाद  जनपद का एक मामला प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों के बिल्कुल विपरीत है। जनपद में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार ताल ठोक पर योगी सरकार व भाजपा नेताओं को चुनौती दे रहें  है।पहले एक मामले में खंड शिक्षा अधिकारी स्थानीय भाजपा विधायक द्वारा की गई शिकायत के कारण  विद्यालय से रिश्वत लेने के मामले में निलंबित हो चुके है। लेकिन अपनी सेटिंग के दम पर भाजपा विधायक को धता बनाते हुए अपना निलंबन वापस करा लिया। बीईओ तरुण कुमार पर काफी संगीन  आरोप लगते रहे।  यह अधिकारी जनपद में अपनी कारगुजारियों के लिए काफी चर्चित है। इन पर कुछ आरोप तो इतने  संगीन है की अगर इन मामलों में एक निष्पक्ष जांच हो जाए तो इनको सलाखों के पीछे पहुचने से कोई नहीं बचा सकता ।
विगत दिनों दिनांक 29 मार्च 2018 को खंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार का गोरखपुर स्थानांतरण हो गया।
सूत्र बताते हैं कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे के जनपद आगमन के समय कई शिक्षकों द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी की शिकायत कर काफी संगीन आरोप लगाए गए थे । जिसमें महिलाओं को रात में फोन करना, शिक्षकों का उत्पीड़न, शिक्षकों को मानसिक रूप से परेशान करना, नोटिस देकर बाद में सेटिंग कर उसको वापस लेना । शिकायतों को सुनने के बाद उसी समय प्रदेश अध्यक्ष द्वारा बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल से बात की गई और इसी के बाद अधिकारी के स्थानांतरण अटकलें लगना शुरू हो चुकी थी।
स्थानांतरण होने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी को कार्यमुक्त कराने को लेकर भी भाजपा नेताओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।  भाजपा नगर अध्यक्ष कन्हैया लाल गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम द्वारा बीएसए कार्यालय पर जाकर प्रदेश अध्यक्ष का हवाला देकर कार्यमुक्ति का लेटर बनवाया गया था ।  प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार को कुचलने की नीतियों को धता बताते हुए सेटिंग कर अपना स्थानांतरण रुकवा कर लाना भाजपा नेताओं के मुंह पर करारा तमाचा है। सोचने वाली बात यह है कि जब एक खंड शिक्षा अधिकारी भाजपा नेताओं को सीधी चुनौती दे सकता है ,तो साधारण कार्यकर्ता, आम आदमी की क्या बिसात होगी।
वही भाजपा के सूत्र बताते हैं कि यह स्थानांतरण भाजपा में हो रही गुटबाजी के कारण रुका है । भाजपा में गुटबाजी किस  कदर हावी है । इस पूरे घटनाक्रम से भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पीड़ित शिक्षकों में काफी नाराजगी देखी जा रही है । जो आने वाले चुनावों में एक बुरा संदेश देगी कि कैसे गुटबाजी के चलते स्थानीय भाजपा नेता प्रदेश अध्यक्ष की मर्यादा को ताक पर रखने से भी नहीं चूकते।
                नगर विधायक मनीष असीजा——- इस प्रकरण से मेरा कोई लेना देना नहीं है ।मैंने किसी का स्थानांतरण रुकवाने को लेकर कोई पत्र नहीं लिखा है । इस प्रकरण में काफी घटिया स्तर की राजनीति हो रही है । एवं काफी निम्न स्तर के लोग इस प्रकरण में जुड़े है ।   मेरे द्वारा रिश्वत लेने के आरोप में खंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार  को निलंबित करवाया था।  तब जो लोग इसको बचा रहे थे आज वो ही लोग इसका निलंबन चाहतें है । इस प्रकरण में बहुत घटिया स्तर के लोग शामिल हैं ।
                कन्हैया लाल गुप्ता भाजपा नगर अध्यक्ष फिरोजाबाद—–    हम लोग प्रदेश अध्यक्ष के निर्णय के अनुपालन के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को कार्यमुक्त करवाने गए थे। जो लोग का साथ दे रहे हैं वह वह लोग प्रदेश अध्यक्ष के निर्णय के खिलाफ हैं। इस स्थानांतरण को निरस्त कराने के पीछे कुछ लोग अपने निजी हित साध रहे । इस निर्णय से भाजपा कार्यकर्ताओं के मनोबल पर कोई असर नहीं पड़ा है ।

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