DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Thursday, June 28, 2018

अलीगढ़ : बच्चों को खेल गतिविधियां कराना चुनौती से कम नहीं, खेलेंगे नौनिहाल हांफेंगे अफसर

लाख रुपये सिर्फ मिले ब्लॉक से मंडल स्तर तक प्रतियोगिताएं कराने को12.50 लाख रुपये की जरूरत होती है प्रतियोगिताओं के लिए

जासं, अलीगढ़ : कक्षा एक से आठ तक के सरकारी स्कूलों में खेलकूद प्रतियोगिता कराई जाएंगी। इसमें बच्चे तो खेलेंगे, मगर अफसरों व पीटीआइ की हंफनी छूटना तय है। प्रतियोगिता ब्लॉक, जिला व मंडल स्तर पर कराई जानी है। इसके लिए शासन से 1.06 लाख रुपये ही बजट मिला है। जिला खेल व व्यायाम शिक्षक सुशील शर्मा का कहना है कि जनपद व मंडल स्तर पर प्रतियोगिताएं कराने के लिए कम से कम ढाई लाख रुपये की जरूरत होती है। इतने कम बजट में सभी बच्चों को खेल गतिविधियां कराना चुनौती से कम नहीं है। हालांकि शासन का मामला है तो अफसर भी ज्यादा ना-नुकुर नहीं कर सकते। जनपद व मंडलस्तर पर एथलेटिक्स, कुश्ती, वॉलीबॉल, खो-खो, टेबल टेनिस, जिम्नास्टिक, योग, व्यायाम, लोकगीत-लोकनृत्य, तैराकी, कबड्डी, फुटबॉल, हॉकी, हैंडबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन आदि खेल कराने हैं। पीटीआइ सुशील का कहना है कि जिलास्तर की प्रतियोगिता के लिए बच्चों को स्कूल से स्पोर्ट्स स्टेडियम तक लाने व ले जाने का खर्च भी अलग से नहीं मिलता है। सितंबर के दूसरे सप्ताह में विद्यालय स्तर पर और अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में जिला व मंडलस्तर पर प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय का कहना है कि शासन से जो बजट जारी हुआ है, उसी में किसी न किसी तरह प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। जिला पीटीआइ को तैयारियां करने के निर्देश दे दिए हैं। जिले में 1776 प्राइमरी व 735 जूनियर हाईस्कूल है। इनमें 2.47 लाख बच्चे पढ़ते हैं।

No comments:
Write comments