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Monday, July 2, 2018

जागरूक होंगे स्कूली बच्चे, भागेंगे संक्रामक रोग, 38 जिलों में चलेगा संचारी रोग नियंत्रण अभियान

जागरण संवाददाता, हरदोई : बरसात में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बच्चों में बीमारियां बढ़ जाती हैं। बीमारियों से बचाव और उन पर नियंत्रण के लिए अब विद्यालय के बच्चों को भी न केवल जागरूक किया जाएगा, बल्कि उनके माध्यम से समाज तक जागरूकता पहुंचाई जाएगी। जुलाई में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाएगा। रोग नियंत्रण के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से उठाए गए कदम में हरदोई समेत प्रदेश के 38 जिलों में दो जुलाई से 31 जुलाई तक विशेष अभियान चलेगा। विद्यालय के अध्यापकों को यूनीसेफ के विशेष प्रशिक्षकों द्वारा स्वास्थ्य का प्रशिक्षण दिया जाएगा और फिर विद्यालयों में सप्ताह के अलग-अलग दिन कार्यक्रम होंगे। सोमवार को कक्षा-कक्षों की सफाई तो मंगलवार व बुधवार को स्कूल परिसर की सफाई, गुरुवार को पानी के गड्ढे भरे जाएंगे तो शुक्रवार व शनिवार को विद्यालयों में रखी अलमारी, फर्नीचर आदि की सफाई होगी। इन सभी के साथ ही अलग-अलग दिनों पर विद्यालय स्तर से लेकर न्याय पंचायत और विकास खंड स्तर पर जागरूकता रैली, डोर-टू-डोर विजिट, विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक में स्वास्थ्य पर चर्चा, मां समूह बैठक में महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालयों में निबंध प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाटक आदि के माध्यम से बच्चों को न केवल विद्यालयों बल्कि अपने घरों को साफ सुथरा रखकर संचारी रोगों से बचाव की जानकारी दी जाएगी। दो जुलाई से 31 जुलाई तक रोजाना प्रार्थना सभा में बच्चों से स्वास्थ्य जागरूकता की प्रतिज्ञा कराई जाएगी। प्रभारी बीएसए आरपी त्रिपाठी ने बताया कि विद्यालयों में संदेश भेजा जा रहा है।



तिथिवार सभी विद्यालयों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम अभियान के पहले दिन दो जुलाई को सभी विद्यालयों में एईएस व जेई रोग से बचाव के लिए बच्चों को सामूहिक प्रतिज्ञा प्रार्थना के समय कराई जाएगी। तीन जुलाई को चित्रकला व पोस्टर प्रतियोगिता कक्षा छह से आठ तक होगी। चार जुलाई को कक्षा नौ से कक्षा 12 के छात्र-छात्रओं के बीच चित्रकला व पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। पांच से सात जुलाई तक स्कूलों में जागरूकता रैली कक्षा छह से आठ तक के बच्चे नारे व स्टिक साथ निकालेंगे। नौ से 12 जुलाई तक सीनियर बच्चों की जागरूकता रैली निकाली जाएगी। 13 व 14 और 16 व 17 जुलाई को कक्षा छह से 12 तक दो-दो दिन अंताक्षरी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। 18 से 21 जुलाई तक जूनियर व सीनियर वर्ग के बच्चों की लोक गीत गायन प्रतियोगिता सभी विद्यालयों में होगी। जल जनित रोग बचाव एवं उपचार विषय पर जूनियर वर्ग की 23 जुलाई और सीनियर वर्ग की 24 जुलाई को संगोष्ठी चिकित्सा विभाग से सहमति लेकर की जाएगी। विशेष सफाई अभियान जूनियर वर्ग के बच्चे 25 व 26 जुलाई को और सीनियर वर्ग के बच्चे 27 व 28 जुलाई को सभी विद्यालयों में चलाएंगे। क्विज प्रतियोगिताएं जूनियर वर्ग की 30 जुलाई को और सीनियर वर्ग की 31 जुलाई को सभी विद्यालयों में आयोजित की जाएंगी।

संचारी रोग नियंत्रण माह के रूप में मनेगा जुलाई माह 


संवादसूत्र, लखीमपुर: नए शैक्षिक सत्र के जुलाई माह में शैक्षिक गतिविधियों के साथ-साथ बच्चों को रोगों से बचाने के लिए पूरे माह संचारी रोग नियंत्रण माह के रूप में मनाया जाना है। 1शासन ने इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों में निर्देश दिए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. आरके जायसवाल ने प्रदेश शासन के निर्देशानुसार सभी राजकीय, अशासकीय, वित्तविहीन, मान्यता प्राप्त, सीबीएससी, आईसीएसई हाईस्कूल व इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को जुलाई माह में संचारी रोग नियंत्रण माह के रूप में मनाए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रत्येक दिन विद्यालयों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है। 1निर्देशों के मुताबिक सभी स्कूलों में प्रत्येक दिन प्रार्थना सभा में बच्चों को दिमागी बुखार का संदेश बताया जाएगा। विशेषकर सुरक्षित पीने का पानी, शौचालय का प्रयोग और खुले में शौच के नुकसान के बारे में बताया जाना है। सभी विद्यालयों में दिमागी बुखार और अन्य संचारी रोगों पर एक विशेष 40 से 50 मिनट की कक्षा लगाई जानी है। इसमें हर बुखार खतरनाक हो सकता है। दिमागी बुखार के कारण क्या हैं, बुखार होने पर क्या करें और क्या न करें इस बारे में चर्चा करते हुए बताया जाना है। सभी स्कूलों में बच्चों के साथ सामुदायिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। स्कूलों को प्रभातफेरी, रैली, नारेबाजी, हैंडपंप स्थल, बैठक, फ्लोरिनेशन डेमो, पेयजल को उबालने, साबुन से हाथ धोने और शौचालय आदि के प्रयोग इत्यादि के बारे में कार्यक्रमों के जरिए जागरूक किया जाना है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों में प्रतिदिन उपस्थिति रजिस्टर की जांच की जाए। हर उस बच्चे पर शिक्षकों को नजर रखनी है जो लगातार पिछले दो दिनों से स्कूल नहीं आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों के बारे में स्कूल प्रबंध समिति के सदस्यों से पूछताछ की जाए। स्कूल प्रबंध समिति के सदस्यों का उनके मासिक बैठक में दिमागी बुखार पर संवेदीकरण के निर्देश दिए गए हैं। अब सभी स्कूलों में दिमागी बुखार पोस्टर को विद्यालय में प्रमुख स्थान पर लगाए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने उपलब्ध कराए गए गतिविधि कैलेंडर के अनुसार गतिविधियों का संचालन किए जाने को कहा है। विद्यालयों में संचालित की जाने वाली गतिविधियों को फोटोग्राफ सहित जिला विद्यालय निरीक्षक को उपलब्ध कराना होगा।


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