DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Sunday, July 1, 2018

छात्रवृत्ति में गड़बड़ी करने वाले मदरसों पर होगी एफआइआर, सरकार तैयार कर रही है ऐसे मदरसों व संस्थानों की सूची

सख्ती

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में गड़बड़ी करने वाले मदरसों व अन्य संस्थानों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर काली सूची में डालने जा रही है। इनमें ज्यादातर संस्थान व मदरसे पश्चिम यूपी के हैं। यहां कई संस्थानों ने फर्जी मान्यता के आधार पर छात्रवृत्ति आवेदन किया था। जबकि मदरसों ने ऐसे छात्र-छात्रओं के आवेदन करा दिए जिनके आधार नंबर ही गड़बड़ थे। सरकार अब ऐसे संस्थानों व मदरसों की सूची तैयार करवा रही है।

प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक छात्र-छात्रओं की छात्रवृत्ति योजना में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए आधार नंबर जरूरी कर दिया है। यही वजह है कि इस बार काफी संख्या में ऐसे छात्र पाए गए हैं जिनके आधार नंबर गलत मिले हैं। सरकार पहले चरण में ऐसे संस्थानों को चिह्न्ति कर वहां इन छात्रों की जांच कराने जा रही है। कार्रवाई से पहले सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इसमें कोई वास्तविक छात्र परेशान न हों। कई बार ऑनलाइन फीड करने में नंबर गलत लिख जाता है। इसलिए इसमें सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने यह निर्णय पिछले दिनों पश्चिम यूपी के उन संस्थानों के सामने आने के बाद लिया है जिनमें फर्जी मान्यता के आधार पर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति हड़पी जा रही थी। ऐसे संस्थानों के खिलाफ सरकार प्राथमिकी दर्ज कराकर काली सूची में डाल चुकी है।’>

> पश्चिम यूपी के कई मदरसे व संस्थान इस गड़बड़ी में हैं शामिल

No comments:
Write comments