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Tuesday, August 28, 2018

गोरखपुर : फर्जी दस्तावेज के आधार पर नियुक्त शिक्षकों की जांच सीडी के आधार पर दो दर्जन से अधिक शिक्षकों पर लटकी बर्खास्तगी की तलवार, पिछली बर्खास्तगी में रिकवरी नहीं होने से शिक्षा विभाग को हुआ करोड़ों का घाटा

गोरखपुर : बेसिक शिक्षा में कार्यरत फर्जी शिक्षकों को चिन्हित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रक्रिया तेज होने के बाद दो दर्जन से अधिक फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त किया जा सकता है। इनमें दूसरे के नाम पर नौकरी करने वाले, 2005 में आगरा विश्वविद्यालय से बीएड की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी करने वाले व अन्य फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षकों के नाम शामिल हैं। पहले चरण में पांच शिक्षकों को बर्खास्तगी का नोटिस भेजी जा रही है।

दूसरे के नाम पर नौकरी करते मिले 19 शिक्षक :
जनपद में अब तक 467 शिक्षकों पर दूसरे के नाम पर नौकरी करने या फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप लगा चुका है, जिनमें से कई को जांच में क्लीन चिट मिल चुकी है। अब तक दूसरे के नाम पर नौकरी कर रहे 19 शिक्षकों की पुष्टि हुई है। इसमें से पांच मामले नए हैं, जबकि अन्य मामलों में सुनवाई हो चुकी है।

इन शिक्षकों पर है दूसरे के नाम पर नौकरी का आरोप :
महेश कुमार, धमेंद्र, श्रीराम, अशोक, हृदय नारायण सिंह, राम सुंदर, राजेश कुमार, शब्बीर, अजय कुमार सिंह, अमित श्रीवास्तव, अमृतेश कुमार, प्रमोद कुमार वर्मा, पंकज समेत छह और शिक्षक शामिल है।दूसरे जनपदों में कार्यरत कुछ शिक्षकों को आइटीआर दाखिल करते हुए यह बात पता चली कि उनके नाम व पैन कार्ड पर गोरखपुर में दूसरे शिक्षक भी वेतन ले रहे हैं। उन्होंने इस बात की शिकायत गोरखपुर बीएसए से की थी। जब दोनों पक्षों को आमने-सामने बुलाया गया तो फर्जी शिक्षक नहीं आए। जिन पांच शिक्षकों को बर्खास्तगी की नोटिस भेजने की तैयारी है, उनमें से चार दूसरे के नाम पर नौकरी करने वाले हैं जबकि एक के फर्जी होने की शिकायत मिली थी।

आगरा विवि की बीएड डिग्री पर नौकरी करने वालों की भी हो रही पहचान :
 इस बीच उन शिक्षकों की सूची भी आ गई है, जिन्होंने 2005 में आगरा विवि से बीएड करने का दावा किया है। इस प्रकरण की पूरे प्रदेश में जांच चल रही है और बहुत से शिक्षकों पर गाज भी गिरी है। दो दर्जन से अधिक शिक्षकों के गोरखपुर में भी मिलने की संभावना है। विभाग तलाश कर रहा है और अभी तक चार शिक्षकों का पता चल सका है। माना जा रहा है कि कुछ शिक्षक स्थानांतरण में जनपद से बाहर भी जा चुके हैं। फर्जी शिक्षकों की पड़ताल के लिए शिक्षा विभाग पुलिस से भी मदद ले रहा है। देवरिया व संतकबीरनगर जनपदों के पुलिस कप्तानों को पत्र भेजकर कुछ शिक्षकों का वेरीफिकेशन कराया जा रहा है। सहजनवां क्षेत्र के निवासी एक अन्य शिक्षक का भी पुलिस वेरीफिकेशन हो रहा है। जनपद में कुछ फर्जी शिक्षकों के मिलने का मामला संज्ञान में आया है। जांच हो रही है, जल्द ही कुछ शिक्षकों को बर्खास्तगी की नोटिस भेजी जाएगी।



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